शराब घोटाले में अब नए चेहरे, ED के छापे में हुआ बड़ा खुलासा
Kanak Durga Jha | Dec 18, 2024, 12:25 IST
ED raid: action on properties related to liquor scam the sootr
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ताबड़तोड़ छापेमारी से ईडी बड़े खुलासे कर रही है। छापेमार की इस कार्रवाई में ईडी अनवर ढेबर के रिश्तेदारों के घरों पर भी रेड मारा है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ताबड़तोड़ छापेमारी से ईडी बड़े खुलासे कर रही है। छापेमार की इस कार्रवाई में ईडी अनवर ढेबर के रिश्तेदारों के घरों पर भी रेड मारा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गरियाबंद जिले के मैनपुर और रायपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
इस दौरान ईडी ने कारोबारी इकबाल मेमन के घर पर छापा मारा, जो शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के रिश्तेदार (मौसा) माने जाते हैं। इसके अलावा, रायपुर के मौदहापारा में स्थित चावल कारोबारी रफीक मेमन के घर पर भी ईडी ने दबिश दी है। इन छापों के दौरान ईडी की टीम ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की तलाशी ली और जांच के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
SBI के 4 ब्रांच ऑफिसर गिरफ्तार, सभी ने मिलकर कर दिया बड़ा कांड
ईडी की टीम ने आज यानी बुधवार सुबह करीब 6 बजे मैनपुर में इकबाल मेमन के घर पहुंची। इस दौरान10 से ज्यादा गाड़ियों में अधिकारी पहुंचे थे। टीम ने घर में चल रही संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की और उनकी वैधता पर सवाल उठाए। इकबाल मेमन का नाम पहले इस घोटाले में सामने आया था जब यह आरोप लगाए गए थे कि उसने शराब सिंडिकेट के पैसों से अवैध संपत्ति खरीदी है।
मैनपुर में इकबाल के बेटे गुलाम मेमन द्वारा बनाए जा रहे एक राइस मिल को लेकर भी कुछ समय पहले गांववालों ने विरोध जताया था और आरोप लगाया था कि इस मिल में शराब घोटाले के पैसे का निवेश किया गया है।
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर ईडी में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप था कि गुलाम मेमन ने पिछले डेढ़ साल में मैनपुर में 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति खरीदी है। इस शिकायत के आधार पर ईडी ने कार्रवाई की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि यह संपत्ति शराब सिंडिकेट के पैसों से खरीदी गई है। इसके बाद ईडी की जांच में आरोपों की पुष्टि हुई और टीम ने छापेमारी की।
RSS हर घर से मांग रही एक थाली, 1 लाख की है जरुरत
ईडी के अनुसार, शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को 2100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा के अलावा, शराब सिंडिकेट से जुड़े कारोबारी अरविंद सिंह और त्रिलोक सिंह ढिल्लो को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। यह सभी आरोपी जेल में हैं और उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया गया है। ईडी ने अब तक 18 चल और 161 अचल संपत्तियों को जब्त किया है, जिनकी कुल कीमत लगभग 205 करोड़ 49 लाख रुपये है।
ईडी की कार्रवाई अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इन छापों के बाद यह साफ हो गया है कि शराब घोटाला सिर्फ राज्य के खजाने के लिए नहीं बल्कि स्थानीय कारोबारियों और नेताओं के लिए भी बड़ा संकट बन सकता है। आगे की जांच में कई और नाम सामने आ सकते हैं।
कांग्रेस MLA ने कलेक्ट्रेट में तोड़-फोड़ करने को उकसाया...Video वायरल
आईएएस सुबोध सिंह की छत्तीसगढ़ होगी वापसी, प्रमुख सचिव बनाए जाएंगे
इस दौरान ईडी ने कारोबारी इकबाल मेमन के घर पर छापा मारा, जो शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के रिश्तेदार (मौसा) माने जाते हैं। इसके अलावा, रायपुर के मौदहापारा में स्थित चावल कारोबारी रफीक मेमन के घर पर भी ईडी ने दबिश दी है। इन छापों के दौरान ईडी की टीम ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की तलाशी ली और जांच के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
SBI के 4 ब्रांच ऑफिसर गिरफ्तार, सभी ने मिलकर कर दिया बड़ा कांड
गरियाबंद और रायपुर में छापेमारी
मैनपुर में इकबाल के बेटे गुलाम मेमन द्वारा बनाए जा रहे एक राइस मिल को लेकर भी कुछ समय पहले गांववालों ने विरोध जताया था और आरोप लगाया था कि इस मिल में शराब घोटाले के पैसे का निवेश किया गया है।
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर ईडी में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप था कि गुलाम मेमन ने पिछले डेढ़ साल में मैनपुर में 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति खरीदी है। इस शिकायत के आधार पर ईडी ने कार्रवाई की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि यह संपत्ति शराब सिंडिकेट के पैसों से खरीदी गई है। इसके बाद ईडी की जांच में आरोपों की पुष्टि हुई और टीम ने छापेमारी की।
RSS हर घर से मांग रही एक थाली, 1 लाख की है जरुरत
शराब सिंडिकेट के 2100 करोड़ रुपये का घोटाला
ईडी की कार्रवाई
कांग्रेस MLA ने कलेक्ट्रेट में तोड़-फोड़ करने को उकसाया...Video वायरल
FAQ
- छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के मुख्य आरोपी कौन हैं, और इस घोटाले में क्या गड़बड़ी की गई थी?
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर और आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा हैं। उन्होंने 2019 से 2022 के बीच शराब सिंडिकेट के जरिए सरकारी दुकानों में अवैध और कच्ची शराब बेची। नकली होलोग्राम के इस्तेमाल से यह बिक्री की गई, जिससे राज्य के खजाने को 2100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। - ईडी ने शराब घोटाले में कौन-कौन से लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है और अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
ईडी ने घोटाले में अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, और त्रिलोक सिंह ढिल्लो जैसे प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 18 चल और 161 अचल संपत्तियों को जब्त किया गया है, जिनकी कुल कीमत लगभग 205 करोड़ 49 लाख रुपये है। इसके अलावा, मैनपुर और रायपुर में कई छापेमारी की गई और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।
आईएएस सुबोध सिंह की छत्तीसगढ़ होगी वापसी, प्रमुख सचिव बनाए जाएंगे
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman