भूपेश बघेल के घर ED की रेड... कई ठिकानों पर पड़ा छापा
ED Raid In Bhupesh Baghel House : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े कथित शराब घोटाले के सिलसिले में की गई। भिलाई में चैतन्य बघेल के ठिकानों के साथ-साथ राज्य में कई अन्य व्यक्तियों से जुड़े ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत छापेमारी की गई।
ये खबर भी पढ़िए...भारत ने जीता ICC चैंपियनशिप, राजधानी में होली-दिवाली एक साथ
2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले का आरोप
बताया गया है कि केंद्रयी एजेंसी ने भूपेश बघेल के घर सुबह-सुबह छापेमारी की है। ईडी छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जांच कर रही है। मामले को लेकर ED, ACB में FIR दर्ज कराई गई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ईडी ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में आईएएस अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।
भूपेश बघेल ने किया ट्वीट
ये खबर भी पढ़िए...
राजधानी में चल रहा था धर्मांतरण का खेल... बजरंग दल ने मचाया हंगामा
आरडीए कॉलोनी में भारी पुलिस फोर्स के साथ छापेमारी , 25 गिरफ्तार
FAQ
- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भूपेश बघेल के घर पर छापेमारी क्यों की?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े कथित शराब घोटाले के सिलसिले में की गई है। इस घोटाले का आकार 2,000 करोड़ रुपए से अधिक होने का आरोप है। - ईडी द्वारा जांच की जा रही शराब घोटाले में कौन-कौन लोग शामिल हैं?
ईडी की जांच में यह पाया गया कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में आईएएस अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए शराब घोटाला अंजाम दिया गया था। - ईडी ने किस अधिनियम के तहत छापेमारी की?
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत छापेमारी की। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े कथित शराब घोटाले के सिलसिले में की गई है।
ये खबर भी पढ़िए...BJP कार्यकर्ताओं का हंगामा, बागी उम्मीदवार को अध्यक्ष बनाने का विरोध