राजस्व विभाग की नाकामी, शासकीय जमीन या निजी का दो साल से अनसुलझा मामला
Krishna Kumar Sikander | Aug 27, 2025, 12:13 IST
Failure of the Revenue Department the sootr
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी लोहारा तहसील के ग्राम खैरकटटा में जमीन का विवाद पिछले दो साल से चल रहा है। खसरा नंबर 788/1 और 594/1 की इस जमीन के मामले में न तो पुलिस ने FIR दर्ज की है और न ही राजस्व विभाग ने कोई गंभीरता दिखाई है।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी लोहारा तहसील में ग्राम खैरकटटा की जमीन को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। दो साल से राजस्व विभाग के अधिकारी इस मामले में उलझे हुए हैं, न तो पुलिस ने आदेश के बावजूद FIR दर्ज की, न ही राजस्व विभाग ने गंभीरता दिखाई।
पीड़ित गुलाम लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। जमीन का यह विवाद खसरा नंबर 788/1 और 594/1 का है। इस मामले में पद के दुरुपयोग और धोखाधड़ी के भी आरोप लग रहे हैं।
ये खबर भी पढ़ें... CG News | 100 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर अदने से पार्षद ने तान दिया होटल | BJP
1990 से मध्य प्रदेश के पटवारी पाचशाला खसरा विवरण में यह जमीन द्वारका पिता तुलाराम (नाई) के नाम दर्ज थी। 29 अप्रैल 2022 को द्वारका ने इस जमीन को अंकित पूरी गोसाई को बेच दिया। इस दौरान पटवारी, रजिस्ट्रार दिनेश रड़के और तहसीलदार राम रतन दुबे ने नामांतरण प्रक्रिया पूरी की और ऋण पुस्तिका भी जारी की।
ये खबर भी पढ़ें... कानून पर भारी पड़ रहा बीजेपी नेता का रसूख, 100 एकड़ सरकारी जमीन पर तान दी होटल
27 सितंबर 2023 को जब अंकित गोसाई ने यह जमीन गुलाम को बेची, तो तहसीलदार गोविंद सिन्हा ने इसे शासकीय जमीन बताकर नामांतरण निरस्त कर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता का हवाला दिया और कहा कि कलेक्टर की अनुमति बिना के शासकीय जमीन का हस्तांतरण नहीं हो सकता।
ये खबर भी पढ़ें... सरकारी जमीन पर नहीं मिलेगा खेती का हक! छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
तहसीलदार ने माना कि पूर्व में भू-राजस्व संहिता का उल्लंघन कर नामांतरण किया गया। इस जवाब ने मामले को और जटिल कर दिया। गुलाम ने 24 जुलाई 2024 को कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल के कार्यालय में शिकायत दर्ज की और सभी दस्तावेज सौंपे। कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक को जांच का आदेश दिया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
ये खबर भी पढ़ें... एक ही परिवार के 12 लोगों को उम्रकैद...जमीन विवाद हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला
गुलाम ने 29 अप्रैल 2024 को बालोद जिला कार्यालय के जनदर्शन में आवेदन दिया, जिसके जवाब में उन्हें SDM कार्यालय में अपील करने को कहा गया। SDM शिवनाथ बघेल ने तहसीलदार गोविंद सिन्हा के फैसले को सही ठहराते हुए नामांतरण खारिज कर दिया।
गुलाम ने 10 जून 2025 को पटवारी, रजिस्ट्रार दिनेश रड़के और तहसीलदार राम रतन दुबे के खिलाफ धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज की। कलेक्टर कार्यालय ने सात दिन में कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन 5 जुलाई 2025 को मगचूवा थाने में बयान दर्ज होने के बावजूद कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
गुलाम का कहना है कि 2023 से वह इस मामले में भटक रहा है। राजस्व विभाग और पुलिस जांच के नाम पर केवल समय बर्बाद कर रहे हैं। गुलाम ने अधिकारियों पर भू-राजस्व संहिता का उल्लंघन कर गलत नामांतरण करने का आरोप लगाया है, जिससे वह ठगी का शिकार हुआ। इस मामले ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
बालोद जमीन विवाद | खैरकटटा जमीन मामला | डौंडी लोहारा जमीन विवाद | गुलाम खैरकटटा | बालोद राजस्व विभाग लापरवाही
पीड़ित गुलाम लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। जमीन का यह विवाद खसरा नंबर 788/1 और 594/1 का है। इस मामले में पद के दुरुपयोग और धोखाधड़ी के भी आरोप लग रहे हैं।
ये खबर भी पढ़ें... CG News | 100 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर अदने से पार्षद ने तान दिया होटल | BJP
जमीन निजी या शासकीय?
ये खबर भी पढ़ें... कानून पर भारी पड़ रहा बीजेपी नेता का रसूख, 100 एकड़ सरकारी जमीन पर तान दी होटल
27 सितंबर 2023 को जब अंकित गोसाई ने यह जमीन गुलाम को बेची, तो तहसीलदार गोविंद सिन्हा ने इसे शासकीय जमीन बताकर नामांतरण निरस्त कर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता का हवाला दिया और कहा कि कलेक्टर की अनुमति बिना के शासकीय जमीन का हस्तांतरण नहीं हो सकता।
ये खबर भी पढ़ें... सरकारी जमीन पर नहीं मिलेगा खेती का हक! छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
पहले नामांतरण कैसे हुआ?
ये खबर भी पढ़ें... एक ही परिवार के 12 लोगों को उम्रकैद...जमीन विवाद हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला
अधिकारियों का टालमटोल, पीड़ित परेशान
गुलाम ने 10 जून 2025 को पटवारी, रजिस्ट्रार दिनेश रड़के और तहसीलदार राम रतन दुबे के खिलाफ धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज की। कलेक्टर कार्यालय ने सात दिन में कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन 5 जुलाई 2025 को मगचूवा थाने में बयान दर्ज होने के बावजूद कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
दो साल से लटकी जांच
FAQ
- बालोद जिले के खैरकटटा गांव की जमीन को लेकर विवाद क्या है?
ग्राम खैरकटटा में खसरा नंबर 788/1 और 594/1 की जमीन को लेकर विवाद है कि यह जमीन निजी है या शासकीय। पहले इसे निजी मानकर नामांतरण हुआ, लेकिन बाद में तहसीलदार ने इसे शासकीय भूमि बताकर नामांतरण निरस्त कर दिया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। - पीड़ित गुलाम ने इस मामले में किन-किन अधिकारियों पर क्या आरोप लगाए हैं?
गुलाम ने पटवारी, रजिस्ट्रार दिनेश रड़के और पूर्व तहसीलदार राम रतन दुबे पर भू-राजस्व संहिता का उल्लंघन कर गलत तरीके से नामांतरण करने और पद का दुरुपयोग व धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। - प्रशासन और पुलिस की क्या भूमिका रही है इस मामले में?
प्रशासन ने जांच के आदेश तो दिए, लेकिन दो वर्षों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने पीड़ित के बयान तो दर्ज किए, पर FIR दर्ज नहीं की। इससे स्पष्ट होता है कि मामले में टालमटोल और लापरवाही बरती गई है।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
बालोद जमीन विवाद | खैरकटटा जमीन मामला | डौंडी लोहारा जमीन विवाद | गुलाम खैरकटटा | बालोद राजस्व विभाग लापरवाही
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari