गाय-भैंस का मांस और शराब त्यागने पर परिवार की बेरहमी से पिटाई, छोड़ना पड़ा गांव
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के भांसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कमेली गांव के एक परिवार को मांस-मंदिरा का त्याग करना भारी पड़ गया। गाय, भैंस, बकरी का मांस न खाने और शराब न पीने के चलते गांव के कुछ युवकों ने परिवार पर अत्याचार करना शुरू कर दिया है। परिवार के सदस्यों को पिछले दो महीनों में तीन बार पीटा गया, उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दी गईं और शादी के दौरान धार्मिक अनुष्ठान को भी बाधित किया गया।
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गायत्री परिवार से जुड़ना बना कारण
पीड़ित महिला मुड़े तामो के अनुसार, उनका परिवार अब पूजा-पाठ करता है और गायत्री परिवार से जुड़ चुका है। उन्होंने कहा, "हमने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। हम सनातन धर्म को ही मानते हैं। लेकिन गांव के कुछ लोग हम पर मांस खाने और शराब पीने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर मारपीट कर रहे हैं।"
शादी में हवन कुंड को किया अपवित्र
परिवार के अनुसार, बड़े बेटे की शादी के दौरान हवन-कुंड की स्थापना की गई थी। लेकिन गांव के कुछ लोगों ने उसमें पानी और गोबर डालकर अपवित्र कर दिया। इसके बाद भी बेटे के साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
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रिश्तेदार के यहां शरण
लगातार हो रहे उत्पीड़न और धमकियों से भयभीत होकर परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। अब वे दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। स्थानीय निवासी राजाराम तामड़े ने बताया, "नंदू काड़ा, बबलू समेत 4 लोगों ने मारपीट की है। वे लोग मास-मटन खाने का दबाव बना रहे थे। अब धमकी दे रहे हैं कि अगर घर लौटे तो जान से मार देंगे।"
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पुलिस ने दर्ज की FIR
इस मामले में दंतेवाड़ा के एएसपी आरके बर्मन ने कहा कि पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, तत्काल कार्रवाई की गई। "करीब 4 से 5 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सभी पर जमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ है। मामले की जांच जारी है। पीड़ित परिवार को गांव लौटने के लिए कहा गया है, लेकिन फिलहाल वे वहां नहीं गए हैं।"
पुलिस का कहना है कि परिवार के जिन सदस्यों के पास फोन था, उनका संपर्क भी अब बंद है।
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FAQ
- प्रश्न 1: पीड़ित परिवार के साथ अत्याचार क्यों किया गया?
परिवार ने मांस और शराब का सेवन करना छोड़ दिया है और गायत्री परिवार से जुड़कर पूजा-पाठ करने लगे हैं। इसी वजह से गांव के कुछ युवकों ने उन पर मांस खाने और शराब पीने का दबाव बनाया। जब परिवार ने इनकार किया, तो उनके साथ मारपीट की गई, धमकियाँ दी गईं और धार्मिक अनुष्ठानों को अपवित्र किया गया। - प्रश्न 2: पीड़ित परिवार ने क्या कार्रवाई की और वे अब कहाँ हैं?
लगातार उत्पीड़न और धमकियों के चलते परिवार ने गांव छोड़ दिया और अब दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में अपने रिश्तेदारों के पास शरण ली हुई है। परिवार ने इस उत्पीड़न की जानकारी पुलिस को दी, जिस पर FIR दर्ज की गई है। - प्रश्न 3: पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
दंतेवाड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जो कि जमानती धाराओं के अंतर्गत है। लगभग 4 से 5 आरोपियों को नामजद किया गया है और मामले की जांच चल रही है। हालांकि, पीड़ित परिवार अभी गांव नहीं लौटा है और पुलिस का उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।
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