छत्तीसगढ़ फायर सेफ्टी गाइडलाइन : 15 मीटर से ऊंचे भवनों के लिए कड़े नियम

Aishwarya Dwivedi | Jun 20, 2026, 09:50 IST
Share
fire-safety-guidelines-buildings-ruless
fire-safety-guidelines-buildings-ruless

छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुमंजिला इमारतों के लिए नई फायर सेफ्टी गाइडलाइन जारी की है। अब 15 मीटर से ऊंचे भवनों में फायर सेफ्टी अफसर जरूरी होगा। नियमों की अनदेखी पर बिल्डिंग सील होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुमंजिला इमारतों के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब 15 मीटर से ऊंचे भवनों में फायर सेफ्टी अफसर जरूरी होगा। नियमों की अनदेखी करने पर बिल्डिंग को सीधे सील किया जाएगा। राष्ट्रीय भवन संहिता के आधार पर यह गाइडलाइन तैयार हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य हादसों को रोकना और लोगों को सुरक्षित रखना है।

नई गाइडलाइन की बड़ी बातें

छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया। विभाग ने बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए कड़े नियम जारी किए हैं। यह नियम मिश्रित उपयोग वाली इमारतों पर भी लागू होंगे।

नियमों के मुताबिक अब सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का मुख्य मकसद हादसों को रोकना है। नए नियमों से इमारतों में रहने वाले लोग अधिक सुरक्षित रहेंगे।

फायर सेफ्टी अफसर अब अनिवार्य

नए नियमों में एक सबसे बड़ा बदलाव किया गया है। अब 15 मीटर से ऊंची हर बिल्डिंग में फायर सेफ्टी अफसर (FSO - Fire Safety Officer) जरूरी होगा। इस अफसर की नियुक्ति पूरी तरह अनिवार्य कर दी गई है। यह अफसर ही पूरी बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेगा। वह समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन भी कराएगा। नियमों का पालन सुनिश्चित कराना इसी अफसर की मुख्य जिम्मेदारी होगी।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर सीधे बड़ी कार्रवाई होगी। लापरवाही मिलने पर बिल्डिंग को तुरंत सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भवन का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। यह पूरी सुरक्षा व्यवस्था राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC - National Building Code) पर आधारित है। इसी के आधार पर बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा तय की गई है।

जरूरी सुरक्षा उपकरण

हर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में फायर डिटेक्शन सिस्टम होना जरूरी है। इसके साथ ही अलार्म सिस्टम लगाना भी अनिवार्य किया गया है। इमारतों में आंतरिक हाइड्रेट और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर होने चाहिए। सभी मंजिलों पर पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर भी रखे जाएंगे। आपातकालीन लाइट और एग्जिट साइन बोर्ड लगाना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त पानी के साथ इलेक्ट्रिक और डीजल फायर पंप भी लगाने होंगे।

इमारतों के नए नियम

इमारतों को उनकी ऊंचाई के हिसाब से चार अलग श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी 15 मीटर से कम ऊंचे निम्न भवनों की है। इनमें अग्निशामक यंत्र और साफ निकासी मार्ग होना जरूरी है।

मध्यम और उच्च भवनों के नियम

दूसरी श्रेणी 15 से 35 मीटर तक के मध्यम भवनों की है। इनमें फायर अलार्म और वेटराइजर लगाना अनिवार्य किया गया है। तीसरी श्रेणी 35 से 60 मीटर तक के उच्च भवनों की है। ऐसे भवनों में स्प्रिंकलर लगाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही हर 15वीं मंजिल पर एक रिफ्यूज एरिया भी बनाना होगा। यह रिफ्यूज एरिया आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान का काम करेगा।

अति उच्च भवनों के लिए निर्देश

चौथी श्रेणी 60 मीटर से अधिक ऊंचे अति उच्च भवनों की है। इनमें आग बुझाने का फुल सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके साथ ही एक अलग कंट्रोल रूम भी बनाना होगा। कंट्रोल रूम से पूरी बिल्डिंग की निगरानी की जाएगी।

छत्तीसगढ़ फायर सेफ्टी गाइडलाइन
छत्तीसगढ़ फायर सेफ्टी गाइडलाइन


आग लगने पर क्या करें

विभाग ने आपात स्थिति के लिए विशेष प्रोटोकॉल भी जारी किया है। अलार्म बजते ही सभी को शांत रहना चाहिए। आग लगने पर लिफ्ट का उपयोग बिल्कुल न करें। नीचे उतरने के लिए केवल सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें। दिव्यांगों और बुजुर्गों को तुरंत रिफ्यूज एरिया तक सुरक्षित पहुंचाएं।

असेंबली पॉइंट और सूचना पट्ट

बिल्डिंग से बाहर निकलकर 15 मीटर दूर असेंबली पॉइंट पर इकट्ठा होना चाहिए। इसके बाद तुरंत 101 नंबर पर फोन करके जानकारी दें। हर फ्लोर के सूचना पट्ट पर निकास योजना लिखी होनी चाहिए। इमरजेंसी नंबर भी साफ अक्षरों में लिखे होने जरूरी हैं।

मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी

सुरक्षा उपकरणों के मेंटेनेंस में कोई कोताही नहीं चलेगी। एक्सटिंग्विशर और फायर अलार्म की हर महीने जांच करनी होगी। इनकी सालाना सर्विसिंग कराना भी अनिवार्य किया गया है।

फायर पंप की हर हफ्ते जांच करनी होगी। हाइड्रेट सिस्टम की हर तीन महीने में टेस्टिंग जरूरी है। सरकार ने सभी निगमायुक्तों को कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी पालन कराने को कहा गया है।

सुरक्षा व्यवस्था को चालू हालत में रखने की जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। हाउसिंग सोसायटी और कॉलोनाइजर भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे। लापरवाही की स्थिति में सीधे इन पर कार्रवाई की जाएगी।

FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में नई फायर सेफ्टी गाइडलाइन के तहत किस ऊंचाई से अधिक के भवनों के लिए 'फायर सेफ्टी अफसर' (FSO) अनिवार्य किया गया है?
    उत्तर: नए नियमों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी बहुमंजिला आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाले भवनों में एक फायर सेफ्टी अफसर नियुक्त करना अनिवार्य है।
  2. बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा तय करने के लिए भारत में किस राष्ट्रीय मानक या संहिता (Code) का उपयोग किया जाता है?
    उत्तर: इसके लिए राष्ट्रीय भवन संहिता यानी नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC-2016) का उपयोग किया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसी संहिता को अपनी नई गाइडलाइन का आधार बनाया है।
  3. नई गाइडलाइन के अनुसार 'अति उच्च भवन' (Ultra-High Buildings) की श्रेणी में कितनी ऊंचाई वाले भवन आते हैं और उनके लिए क्या नियम हैं?
    उत्तर: 60 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवन 'अति उच्च भवन' की श्रेणी में आते हैं। इन इमारतों में आग बुझाने का फुल सप्रेशन सिस्टम और एक अलग से समर्पित कंट्रोल रूम होना अनिवार्य है।

ये खबरें भी पढ़ें...

विधायक से लूट के बाद जागी रायपुर पुलिस, शहर में बदली सुरक्षा व्यवस्था

भोरमदेव महोत्सव के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 400 से अधिक पुलिस बल तैनात

जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में धमाके से हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

जयपुर एयरपोर् पर कुत्ते ने महिला पैसेंजर को बनाया शिकार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • फायर सेफ्टी
  • सुरक्षा व्यवस्था
  • गाइडलाइन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग