छत्तीसगढ़ में शोध पीठों ने 6 साल में नहीं किया एक लाइन का शोध, खाली पड़े संस्थानों में खर्च हो गए 60 लाख

Arun Tiwari | Dec 01, 2025, 16:27 IST
Share
hhattisgarh-8-research-chairs-remain-non-functional-62-lakh-spent-no-research the sootr
hhattisgarh-8-research-chairs-remain-non-functional-62-lakh-spent-no-research the sootr

छत्तीसगढ़ में 8 राजकीय शोधपीठ काम कर रही हैं। यानी इनका गठन सरकार ने किया। इन शोधपीठों को स्थापित हुए 6 साल बीत गए हैँ। यानी इस सरकार से पहले भूपेश सरकार ने इन शोधपीठों की स्थापना की थी।

Raipur. छत्तीसगढ़ में 8 राजकीय शोधपीठ काम कर रही हैं। यानी इनका गठन सरकार ने किया। इन शोधपीठों को स्थापित हुए 6 साल बीत गए हैं। यानी इस सरकार से पहले भूपेश सरकार ने इन शोधपीठों की स्थापना की थी। इन छह सालों में इन्होंने एक पंक्ति का शोध नहीं किया। हालत तो ये है कि इन शोधपीठ के पास न अध्यक्ष है और न ही कोई स्टॉफ है। शोधपीठ बस शोपीस बनकर रह गई हैं। यही नहीं इन शोधपीठों को 62 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। द सूत्र ने इसकी पड़ताल की। तो साल 2024 तक की ये जानकारी सामने आई। अभी भी इन शोधपीठों की हालत कुछ बदली नहीं है।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में 4708 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी, फिर भी खाली रह जाएंगे 25 हजार पद, हिंदी अभ्यर्थियों में नाराजगी

शोध पीठ बनाम शोपीस :

छत्तीसगढ़ में सरकार ने बनाई 8 शोधपीठ बस शोपीस बनकर रह गई हैं। अलग अलग विश्वविद्यालयों में इन शोधपीठों की स्थापना की गई। इनके लिए अध्यक्ष से लेकर भृत्य तक पद भी स्वीकृत किए गए। अध्यक्ष का मानदेय 75 हजार रुपए महीने तय किया गया। लेकिन इसके बाद भी सरकार इन शोधपीठ का कोई उपयोग नहीं कर पाई। इन शोधपीठों में न अध्यक्ष है, न अनुसंधान अधिकारी है, न स्टेनोग्राफर है और न ही भृत्य है। सरकार ने इनका गठन तो कर दिया लेकिन ये खाली ही पड़ी रहीं।

भूपेश सरकार ने इनकी स्थापना की थी और इस सरकार को बने दो साल हो गए हैं लेकिन इनकी हालत नहीं बदली। इनका मकसद था कि छत्तीसगढ़ की रीति रिवाज, परंपरा, संस्कृति, साहित्य, लोक कला, लोकगीत, लोकनृत्य,भाषा-बोली और राज्य का समृद्ध इतिहास पर शोध हो और साहित्य बने जिससे ये लोगों तक पहुंचे। इन शोधपीठों के जरिए पूरे देश में छत्तीसगढ़ का नाम सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध राज्य के रुप में लिया जाए। लेकिन इस मकसद को पूरा करने की चिंता सरकारों को नहीं रही और ये शोधपीठ बस शोपीस बनकर रह गए हैं।

unnamed (2)
unnamed (2)


ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज : सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठंड, कई जिलों में बारिश का अलर्ट

ये है छत्तीसगढ़ के शोधपीठों की स्थिति :

पंडित रविशंकर शुक्ल :
गुरु घासीदास शोध पीठ - अध्यक्ष, सहायक ग्रेड 3, भृत्य - तीनों पद खाली

कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय :

  • माधवराव सप्रे शोधपीठ - अध्यक्ष, अनुसंधान अधिकारी, सहायक ग्रेड 3 - तीनों पद खाली
  • पं दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ - अध्यक्ष, अनुसंधान अधिकारी, सहायक ग्रेड 3 - तीनों पद खाली
  • हिंद स्वराज शोध पीठ - अध्यक्ष, अनुसंधान अधिकारी, सहायक ग्रेड 3 - तीनों पद खाली
  • कबीर अध्ययन केंद्र - अध्यक्ष, अनुसंधान अधिकारी,अनुसंधान सहायक, सहायक ग्रेड 3, भृत्य - पांचों पद खाली
छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी :

  • पंडित सुंदरलाल शर्मा शोध पीठ - प्राध्यापक - पद खाली
  • पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शोध पीठ - अध्यक्ष, स्टेनोग्राफर,भृत्य - तीनों पद खाली
  • पंडित लखनलाल शोधपीठ- अध्यक्ष, अनुसंधान अधिकारी,कंप्यूटर ऑपरेटर - तीनों पद खाली
5a42abe7-cbe1-471b-aee9-bb5a19af72a31763704412525_1764501330
5a42abe7-cbe1-471b-aee9-bb5a19af72a31763704412525_1764501330


ये खबर भी पढ़ें... भूपेश सरकार की सभी योजनाएं बंद, मीसा बंदियों को फिर से मिलेगी पेंशन





ये किया शोध कार्य :

गुरु घासीदास शोध पीठ - कोई शोध नहीं
माधवराव सप्रे शोधपीठ - कोई शोध नहीं
पं दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ - कोई शोध नहीं
हिंद स्वराज शोध पीठ - कोई शोध नहीं
कबीर अध्ययन केंद्र - कबीर पर दो किताबें और दो व्याख्यान
पंडित सुंदरलाल शर्मा शोध पीठ - कोई शोध नहीं
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शोध पीठ - कोई शोध नहीं
पंडित लखनलाल शोधपीठ- कोई शोध नहीं

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में 4708 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी, फिर भी खाली रह जाएंगे 25 हजार पद, हिंदी अभ्यर्थियों में नाराजगी

इस तरह खर्च हुए 62 लाख रुपए :

- कबीर अध्ययन केंद्र ने दो किताबें कहत कबीर और संत कबीर का छत्तीसगढ़ पब्लिश कीं। इसके अलावा पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया के साथ विमर्श और ऑनलाइन विचारक पुरुषोत्तम अग्रवाल का व्याख्यान। इन कार्यक्रमों के लिए कबीर अध्ययन केंद्र को 20 लाख रुपए दिए गए।

- पंडित लखनलाल शोधपीठ- इस शोधपीठ ने कोई शोध तो नहीं किया लेकिन इस शोधपीठ को साल 2019-20 से 2024-25 तक 42 लाख रुपए भुगतान किए गए।

  • Beta
Beta feature
Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • भूपेश सरकार
  • राजकीय शोधपीठ
  • शोधपीठों की स्थापना
  • छत्तीसगढ़ में 8 राजकीय शोधपीठ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि