अब 3D प्रिंटिंग में काम आएगा कचरा, IIT भिलाई के वैज्ञानिकों ने रचा नया इतिहास
Umeshwari Baghel | Aug 04, 2026, 15:50 IST
IIT भिलाई का बड़ा आविष्कार
IIT भिलाई के वैज्ञानिकों ने नीलगिरी की पत्तियों से बने ग्रीन कैटेलिस्ट की मदद से PET प्लास्टिक कचरे को उपयोगी इंजीनियरिंग सामग्री में बदलने की तकनीक विकसित की है। इससे 3D प्रिंटिंग और उद्योगों में नई संभावनाएं खुलेंगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- IIT भिलाई का कमाल, प्लास्टिक कचरे से बनेगी नई सामग्री
- नीलगिरी की पत्तियों से बदलेगी प्लास्टिक की किस्मत
- बेकार PET बोतलों से बनेंगे 3D प्रिंटिंग प्रोडक्ट
- IIT भिलाई की खोज से कम होगा प्लास्टिक प्रदूषण
- प्लास्टिक कचरे को नई जिंदगी देगी नई तकनीक
इस नई तकनीक से तैयार सामग्री का इस्तेमाल भविष्य में 3D प्रिंटिंग, इंजीनियरिंग मॉडल और कई तरह के औद्योगिक उत्पाद बनाने में किया जा सकता है। इस खोज के लिए भारतीय पेटेंट के लिए आवेदन भी किया गया है।
IIT भिलाई के वैज्ञानिकों ने किया शोध
शोध से जुड़े निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय जर्नल Materials Today Catalysis में प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक प्लास्टिक कचरे के निपटारे के साथ-साथ नए और टिकाऊ उत्पाद तैयार करने में मददगार साबित हो सकती है।
नीलगिरी की पत्तियों से तैयार हुआ खास कैटेलिस्ट
इस कैटेलिस्ट की खासियत यह है कि इसे चुंबक की मदद से आसानी से अलग किया जा सकता है और कई बार दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया की लागत कम होती है और पर्यावरण पर भी कम असर पड़ता है।
गर्म करके बदल सकेंगे सामग्री का आकार
इसका फायदा यह होगा कि इससे बने उत्पाद खराब होने पर उन्हें फेंकना नहीं पड़ेगा। उन्हें दोबारा ठीक करके इस्तेमाल किया जा सकेगा। यही वजह है कि यह सामग्री सामान्य प्लास्टिक से ज्यादा टिकाऊ मानी जा रही है।
3D प्रिंटिंग और उद्योगों में होगा इस्तेमाल
प्लास्टिक प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम कदम
अगर इस तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह खोज टिकाऊ विकास की दिशा में एक नई उम्मीद पैदा करती है।
FAQ
- IIT भिलाई की नई तकनीक किस प्लास्टिक कचरे पर काम करती है?
यह तकनीक PET (पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट) प्लास्टिक की बोतलों को उपयोगी इंजीनियरिंग सामग्री में बदलने के लिए विकसित की गई है। - इस तकनीक में नीलगिरी की पत्तियों का क्या उपयोग है?
नीलगिरी की पत्तियों से तैयार ग्रीन कैटेलिस्ट प्लास्टिक को उपयोगी सामग्री में बदलने वाली रासायनिक प्रक्रिया में मदद करता है। - इस तकनीक का इस्तेमाल कहां किया जा सकेगा?
इसका उपयोग भविष्य में 3D प्रिंटिंग, इंजीनियरिंग प्रोटोटाइप, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और कस्टम प्लास्टिक उत्पाद बनाने में किया जा सकता है।
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