भारतमाला घोटाला में मुआवजा घपले की जांच तेज, चार नई टीमें गठित
Krishna Kumar Sikander | Jun 11, 2025, 14:15 IST
Investigation into compensation scam in Bharatmala scam intensifies, four new teams formed the sootr
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत भारतमाला परियोजना में हुए मुआवजा घोटाले की जांच को गति देने के लिए रायपुर कमिश्नर ने चार नई जांच टीमें बनाई हैं। इनमें अपर कलेक्टर स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत भारतमाला परियोजना में हुए मुआवजा घोटाले की जांच को गति देने के लिए रायपुर कमिश्नर ने चार नई जांच टीमें बनाई हैं। इनमें अपर कलेक्टर स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो रायपुर और धमतरी जिले में हुए अनियमितताओं की गहन पड़ताल करेंगे। घोटाला सामने आने के बाद दावा-आपत्तियां मंगाए गए थे, जिनमें 100 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ये टीमें प्रत्येक शिकायत की बारीकी से जांच करेंगी, ताकि मुआवजा घोटाले के सभी तथ्य सामने आ सकें।
ये खबर भी पढ़ें... CG News | मोदी सरकार की भारतमाला प्रोजेक्ट में खुलीं करप्शन की नई फाइल्स
इस मामले में पहले ही अभनपुर तहसील के तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार शशिकांत कुरें, राजस्व निरीक्षक रोशनलाल वर्मा, पटवारी दिनेश पटेल, गोबरा नवापारा के तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण, पटवारी नायक बांधा जीतेंद्र साहू, पटवारी बसंती घृतलहरे और लेखराम पटेल के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया है। इनके खिलाफ जांच जारी है।
ये खबर भी पढ़ें... भारतमाला में भ्रष्टाचार की जांच EOW को सौंपी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
रायपुर जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अभनपुर क्षेत्र के चार गांवों में सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान खसरा और रकबा में हेरफेर किया गया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इन गांवों में 1.3929 हेक्टेयर भूमि के केवल 17 भूस्वामी थे, लेकिन खसरा और रकबा को तोड़-मरोड़कर 97 भूस्वामियों के नाम दर्ज कर दिए गए। इसके आधार पर सभी 97 लोगों को मुआवजा बांटा गया।
ये खबर भी पढ़ें... भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला में 150 संदिग्ध खाताधारकों पर जांच की तलवार, पूछताछ तेज
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मुआवजा पाने वालों में ज्यादातर ऐसे लोग थे, जिनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम पर भूमि दर्ज कर दी गई। कई मामलों में एक ही परिवार के 5 से 12 सदस्यों को भूस्वामी बनाकर मुआवजा दिलाया गया। वर्तमान में रायपुर संभाग के कमिश्नर एमडी कावरे की निगरानी में जांच आगे बढ़ रही है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि सभी शिकायतों की गहन जांच के बाद इस घोटाले के पूरे सच का खुलासा होने की उम्मीद है।
ये खबर भी पढ़ें... CG News | भारतमाला प्रोजेक्ट में करप्शन, BJP के पूर्व मंत्री, मौजूदा विधायक के रिश्तेदार को मुआवजा !
भारतमाला घोटाला | भारतमाला घोटाला में मुआवजा घपला | भारतमाला घोटाला में मुआवजा घपले की जांच तेज | भारतमाला घोटाला में मुआवजा घपले की जांच के लिए चार नई टीमें गठित | Bharatmala scam | Investigation into compensation scam in Bharatmala scam | Investigation into compensation scam in Bharatmala scam intensifies | Investigation into compensation scam in Bharatmala scam intensifies four new teams formed
ये खबर भी पढ़ें... CG News | मोदी सरकार की भारतमाला प्रोजेक्ट में खुलीं करप्शन की नई फाइल्स
पहले से कई अधिकारी जांच के दायरे में
ये खबर भी पढ़ें... भारतमाला में भ्रष्टाचार की जांच EOW को सौंपी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
चार गांवों में भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी
ये खबर भी पढ़ें... भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला में 150 संदिग्ध खाताधारकों पर जांच की तलवार, पूछताछ तेज
परिवार के कई सदस्यों के नाम पर मुआवजा
ये खबर भी पढ़ें... CG News | भारतमाला प्रोजेक्ट में करप्शन, BJP के पूर्व मंत्री, मौजूदा विधायक के रिश्तेदार को मुआवजा !
भारतमाला घोटाला | भारतमाला घोटाला में मुआवजा घपला | भारतमाला घोटाला में मुआवजा घपले की जांच तेज | भारतमाला घोटाला में मुआवजा घपले की जांच के लिए चार नई टीमें गठित | Bharatmala scam | Investigation into compensation scam in Bharatmala scam | Investigation into compensation scam in Bharatmala scam intensifies | Investigation into compensation scam in Bharatmala scam intensifies four new teams formed
FAQ
- भारतमाला परियोजना के मुआवजा घोटाले की जांच के लिए कितनी नई टीमें गठित की गई हैं और उनका क्या कार्य है?
मुआवजा घोटाले की जांच को तेज करने के लिए रायपुर कमिश्नर ने चार नई जांच टीमें गठित की हैं। इन टीमों में अपर कलेक्टर स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं और इनका कार्य रायपुर और धमतरी जिलों में हुई अनियमितताओं की गहन जांच करना है। - रायपुर जिले के किन गांवों में भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी पाई गई और किस प्रकार का हेरफेर हुआ?
अभनपुर क्षेत्र के चार गांवों में भूमि अधिग्रहण के दौरान खसरा और रकबा में हेरफेर पाया गया। केवल 1.3929 हेक्टेयर भूमि के असली 17 भूस्वामी थे, लेकिन रिकॉर्ड में 97 लोगों के नाम दर्ज कर मुआवजा बांटा गया। - घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
इस घोटाले में अभनपुर के तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार शशिकांत कुरें सहित कई राजस्व अधिकारियों और पटवारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया है और उनके खिलाफ जांच जारी है।
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari