छत्तीसगढ़ में अनियमित कर्मचारियों की योजना बंद, फेडरेशन ने खोला मोर्चा
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में 35 हजार अनियमित कर्मचारियों की योजना पर संकट।
- हर महीने मिलने वाली 4 हजार रुपए राशि पर रोक।
- कोषालय के नए तकनीकी आदेश से कर्मचारियों में भारी भ्रम।
- प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा।
- भुगतान बहाल न होने पर उग्र आंदोलन की कड़ी चेतावनी।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ के करीब 35 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारियों के लिए एक बेहद निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य शासन द्वारा 'श्रम सम्मान राशि योजना' को अघोषित रूप से बंद किए जाने के संकेतों के बाद प्रदेश भर के अनियमित कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। वित्त विभाग द्वारा 1 अगस्त 2023 से शुरू की गई इस योजना के तहत अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रेणी के कर्मचारियों को हर महीने 4,000 रुपए की श्रम सम्मान राशि दी जा रही थी। सरकार के इस हालिया रुख से हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
आदेश के बाद कोषालय स्तर पर बढ़ा भ्रम
मामले में नया मोड़ तब आया जब 5 जून को वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, इन्द्रावती कोषालय (नवा रायपुर) द्वारा एक नया पत्र जारी किया गया। इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना आधिकारिक नियुक्ति आदेश के श्रम सम्मान राशि के देयकों (bills) को कोषालय में प्रस्तुत न किया जाए। इस तकनीकी पेंच और कड़े निर्देश के कारण विभिन्न सरकारी विभागों में वर्षों से सेवाएं दे रहे हजारों कर्मचारियों को इस आर्थिक लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यह राशि उनके मासिक जीवन-यापन में एक बड़ा और महत्वपूर्ण सहारा थी, जिस पर अचानक रोक लगाने से उनके सामने बड़ा असमंजस पैदा हो गया है।
फेडरेशन ने खोला मोर्चा
इस पूरे घटनाक्रम पर छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बिना किसी स्पष्ट नीतिगत घोषणा के, पिछले दरवाजे से इस जनहितैषी योजना को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल तकनीकी कारणों और कागजी औपचारिकताओं का हवाला देकर गरीब कर्मचारियों को उनके हक के लाभ से वंचित किया जा रहा है।
फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से तत्काल इस संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- श्रम सम्मान राशि योजना को बिना किसी कटौती के पूर्ववत लागू रखा जाए।
- सभी दैनिक वेतन भोगी और कलेक्टर दर पर कार्यरत कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के भुगतान सुनिश्चित हो।
- कोषालय (Treasury) स्तर पर उत्पन्न हुए भ्रम और जटिल नियमों को तत्काल समाप्त किया जाए।
कर्मचारी संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस विवादित आदेश को जल्द वापस नहीं लिया और कर्मचारियों का भुगतान बहाल नहीं किया, तो प्रदेश के हजारों अनियमित कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर एक व्यापक और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
निष्कर्ष
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि प्रशासन के एक तकनीकी आदेश ने हजारों अनियमित कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। सरकार और कर्मचारियों के बीच बढ़ता यह गतिरोध यदि बातचीत से जल्दी नहीं सुलझा, तो राज्य में एक बड़ा प्रशासनिक और लोकतांत्रिक आंदोलन देखने को मिल सकता है।
FAQ
- चर्चा में रही 'श्रम सम्मान राशि योजना' छत्तीसगढ़ में कब शुरू की गई थी?
उत्तर: यह योजना वित्त विभाग द्वारा 1 अगस्त 2023 को शुरू की गई थी। - 'श्रम सम्मान राशि योजना' के तहत कर्मचारियों को हर महीने कितनी राशि दी जाती है?
उत्तर: इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को हर महीने 4,000 रुपए की श्रम सम्मान राशि दी जा रही थी। - छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष कौन हैं?
उत्तर: इस फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
आर्थिक संकट के बीच रुका हिमाचल के सरकारी कर्मियों का वेतन, ओपीएस पर फोड़ा गया ठीकरा
77 साल बाद कम हो सकती है दुनिया की आबादी, आर्थिक संकट और टैक्स बढ़ेगा, AI से बढ़ेगी उम्मीद
पाकिस्तान पर मंडरा रहा आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज मिलने की संभावना ना के बराबर है
रायपुर में जूट मिल में रातों-रात लगा ताला! हजारों श्रमिकों के जीवन पर मंडराता आर्थिक संकट...