कुत्ते काल भैरव के वाहन हैं : नसबंदी अभियान पर बोले महापौर संजय पांडे
Rajesh Lahoti | May 11, 2026, 22:52 IST
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जगदलपुर नगर निगम ने आवारा कुत्तों के नसबंदी अभियान की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ की, जिसे महापौर संजय पांडे ने भारतीय परंपरा से जोड़ते हुए सही ठहराया। उन्होंने बताया कि यह अभियान श्वानों के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया।
Jagdalpur। जगदलपुर नगर निगम के तिलक लगाकर नसबंदी अभियान पर मचा शोर अभी थमा भी नहीं था कि अब महापौर संजय पाण्डेय ने खुद द सूत्र के सामने आकर इस पूरे आयोजन का खुलकर बचाव किया है। महापौर ने साफ कहा कि आवारा कुत्तों के बधियाकरण अभियान की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ करने का विचार पूरी तरह उनका अपना था और नगर निगम में किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया। उल्टा अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसमें पूरा सहयोग दिया।
महापौर संजय पांडेय ने सफाई देते हुए कहा कि लोग भले ही इस आयोजन का मजाक उड़ा रहे हों या इसे केवल एक दिखावा (इवेंट) मान रहे हों, लेकिन हमारी भारतीय संस्कृति और शास्त्रों में कुत्तों को बहुत महत्व दिया गया है. उन्होंने कहा, कुत्ते बाबा काल भैरव के वाहन माने जाते हैं। इन्हें राहु-केतु के बराबर माना गया है। हमारे शास्त्रों में भी इनका उल्लेख है। ऐसे में जब हम उनके लिए कोई बड़ा अभियान शुरू कर रहे थे तो पूजा-अर्चना करना जरुरी था।
दरअसल, पिछले दिनों जगदलपुर नगर निगम ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को देखते हुए एबीसी यानी एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की शुरुआत की थी। लेकिन यह सेंटर उस समय सुर्खियों में आ गया जब नसबंदी से पहले आवारा श्वानों की बाकायदा पूजा की गई, माथे पर तिलक लगाया गया, आरती उतारी गई और उन्हें दूध पिलाकर अभियान शुरू किया गया। सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने इसे लेकर जमकर मजाक भी बनाया।
अब उसी विवाद और वायरल तस्वीरों के बीच महापौर ने कहा कि-हम कोई भी शुभ काम पूजा-पाठ के बिना शुरू नहीं करते। यह भी एक शुभ काम है क्योंकि इससे शहर को श्वान जनित समस्याओं से राहत मिलेगी। इसलिए हमने इसकी शुरुआत भी विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की।
महापौर ने अपने पुराने धार्मिक आयोजनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने नगर निगम में कार्यभार संभाला था तब सबसे पहले गो माता की पूजा की थी। इसके बाद नगर निगम परिसर में सुंदरकांड का पाठ भी कराया गया था। उनका कहना था कि भारतीय संस्कृति में किसी भी नए कार्य की शुरुआत पूजा के साथ करना परंपरा का हिस्सा है और उसी परंपरा का पालन इस अभियान में भी किया गया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या नगर निगम के अधिकारियों या कर्मचारियों ने इस अनोखे आयोजन पर कोई आपत्ति जताई थी, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी ने उन्होंने यह भी साफ किया कि इस काम का किसी ने विरोध नहीं किया। नगर निगम के कमिश्नर से लेकर आम कर्मचारियों तक, सबने इसमें साथ दिया और इसे एक अच्छी शुरुआत बताया.
हालांकि जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाए होंगे, तो महापौर ने जवाब दिया, कांग्रेस तो हर काम में आपत्ति लेती है, यह कोई नई बात नहीं है।महापौर के इस बयान के बाद अब यह मामला सिर्फ नसबंदी अभियान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीति और आस्था के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ नगर निगम इसे भारतीय संस्कृति और पशु संवेदनशीलता से जोड़कर पेश कर रहा है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर लोग अब भी पूछ रहे हैं कि आखिर यह एबीसी सेंटर था या धार्मिक अनुष्ठान?
1. महापौर ने अभियान का समर्थन क्यों किया?
महापौर ने इसे भारतीय परंपरा से जोड़ा और इसे शुभ कार्य माना।
2. क्या अभियान में पूजा की गई थी?
जी हां, नसबंदी अभियान की शुरुआत पूजा और तिलक के साथ की गई थी।
3. क्या नगर निगम के अधिकारियों ने विरोध किया?
नहीं, अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरा सहयोग किया।
4. सोशल मीडिया पर क्या प्रतिक्रियाएं थीं?
सोशल मीडिया पर इसे लेकर मजाक और सवाल उठाए गए।
5. क्या विपक्ष ने सवाल उठाए?
महापौर के अनुसार, कांग्रेस ने हमेशा की तरह इस पर आपत्ति जताई।
6. एबीसी सेंटर का उद्घाटन कैसे हुआ?
उद्घाटन के दौरान श्वानों की पूजा की गई, तिलक लगाया और दूध पिलाया गया।
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भारतीय परंपरा में श्वानों का महत्व
एबीसी सेंटर की शुरुआत
महापौर ने पूजा को शुभ काम बताया
महापौर का धार्मिक आयोजनों से जुड़ा पुराना अनुभव
नगर निगम में किसी ने नहीं उठाया आपत्ति
महापौर का कांग्रेस पर हमला
FAQ
महापौर ने इसे भारतीय परंपरा से जोड़ा और इसे शुभ कार्य माना।
2. क्या अभियान में पूजा की गई थी?
जी हां, नसबंदी अभियान की शुरुआत पूजा और तिलक के साथ की गई थी।
3. क्या नगर निगम के अधिकारियों ने विरोध किया?
नहीं, अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरा सहयोग किया।
4. सोशल मीडिया पर क्या प्रतिक्रियाएं थीं?
सोशल मीडिया पर इसे लेकर मजाक और सवाल उठाए गए।
5. क्या विपक्ष ने सवाल उठाए?
महापौर के अनुसार, कांग्रेस ने हमेशा की तरह इस पर आपत्ति जताई।
6. एबीसी सेंटर का उद्घाटन कैसे हुआ?
उद्घाटन के दौरान श्वानों की पूजा की गई, तिलक लगाया और दूध पिलाया गया।
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