जल जीवन मिशन की खुली पोल : सौगात देने पहुंचे थे उप मुख्यमंत्री, नल में पानी ही नहीं आया

VINAY VERMA | Jun 12, 2026, 22:31 IST
Share
जल जीवन मिशन फेल
जल जीवन मिशन फेल

बस्तर दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव के सामने जल जीवन मिशन की पोल खुल गई। दंतेवाड़ा और कोण्डागांव के ग्रामीणों ने नल-जल योजना में पानी नहीं मिलने की शिकायत की। दोनों जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

Bastar। जल जीवन मिशन के एक कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव आगबबूला हो गए। वे बस्तर दौरे पर थे, इस दौरान दो जिलों के जल अर्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। लोगों को नल-जल योजना की सौगात देनी थी। लेकिन कार्यक्रम के दौरान नल में पानी ही नहीं आया। हालात तब और बिगड़ गए जब ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री के सामने ही शिकायतों की झड़ी लगा दी। अब विभाग ने दो कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कार्यक्रम में ही खुल गई हकीकत

उप मुख्यमंत्री अरुण साव बस्तर संभाग के दौरे पर थे। जल अर्पण कार्यक्रम के जरिए ग्रामीणों को पेयजल सुविधा का लाभ बताना था। अधिकारियों ने तैयारियों के दावे भी किए थे।

लेकिन मौके पर तस्वीर अलग थी। जिन नलों से पानी बहना था, वे सूखे मिले। ग्रामीणों ने बताया कि कई घरों में नियमित पानी पहुंच ही नहीं रहा। कुछ जगह नल लगे हैं, लेकिन पानी नहीं आता। शिकायत सुनकर उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई।

दंतेवाड़ा में ग्रामीणों ने खोली पोल

7 जून को दंतेवाड़ा जिले के टेकनार गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति पर सवाल उठाए। लोगों ने बताया कि एक मोहल्ले के कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा।

मामले की जांच हुई। जांच में तकनीकी खामियां सामने आईं। पाया गया कि योजना निर्धारित मापदंडों के अनुरूप संचालित नहीं हो रही थी। इसके बाद दंतेवाड़ा खण्ड के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मण्डावी को नोटिस जारी कर दिया गया।



कोण्डागांव में भी वही कहानी

कोण्डागांव में भी हालात अलग नहीं थे। 5 जून को केशकाल विकासखण्ड के बेड़मा गांव में उप मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने नल-जल योजना की शिकायत की।

लोगों ने कहा कि योजना शुरू हो गई, लेकिन पानी नहीं आता। नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही। गर्मी में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग ने इसे गंभीर मामला माना और कोण्डागांव खण्ड के कार्यपालन अभियंता वीरेन्द्र पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।



गर्मी में पानी नहीं, योजना किस काम की?

गर्मी के दिनों में पानी सबसे बड़ी जरूरत होती है। यही वजह है कि जल जीवन मिशन को प्राथमिकता वाली योजना माना जाता है। लेकिन जिन गांवों में योजना पहुंच चुकी है, वहां भी लोग पानी के लिए परेशान हैं।सबसे बड़ी बात यह है कि शिकायतें सीधे उप मुख्यमंत्री के सामने हुईं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन की भी किरकिरी हुई है।

भ्रष्टाचार के आरोप फिर चर्चा में

जल जीवन मिशन पहले भी विवादों में रहा है। भाजपा विपक्ष में रहते हुए इस योजना में भ्रष्टाचार और अधूरे कामों के आरोप लगाती रही है। दावा किया जाता रहा कि कई जगह पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी नहीं पहुंचा। सरकार बदलने के बाद जल जीवन मिशन 2.0 की बात हुई। अधूरे काम पूरे करने के दावे हुए। लेकिन बस्तर में सामने आई शिकायतों ने फिर पुराने सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों खर्च होने के बाद भी यदि नल सूखे हैं तो जवाब कौन देगा?

सात दिन में देना होगा जवाब

प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम ने दोनों अधिकारियों को सात दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब नजर इस बात पर है कि अधिकारियों का जवाब क्या आता है। उससे भी बड़ा सवाल यह है कि जिन गांवों में आज भी पानी नहीं पहुंच रहा, वहां नलों में पानी आखिर कब आएगा?

FAQ

  1. जल जीवन मिशन के नल सूखने का कारण क्या है?
    उप मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान पता चला कि जिन नलों से पानी आना चाहिए था, वे सूखे थे। जांच में यह सामने आया कि योजना में तकनीकी खामियां थीं और इसे निर्धारित मापदंडों के अनुसार संचालित नहीं किया गया। कई घरों तक नियमित जल आपूर्ति नहीं हो रही थी।
  2. कौन-कौन अधिकारियों को नोटिस मिला है और क्यों?
    दंतेवाड़ा खण्ड के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मंडावी और कोण्डागांव खण्ड के कार्यपालन अभियंता वीरेन्द्र पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस इसलिए है कि उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में हुई खामियों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
  3. अधिकारियों को जवाब देने की समय सीमा क्या है और क्या कार्रवाई होगी?
    प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम ने दोनों अधिकारियों को सात दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जल जीवन मिशन झाबुआ में फेल, 430 करोड़ खर्च फिर भी जनता प्यासी, जिम्मेदार कौन?

पूर्व मंत्री का सहयोगी संजय बड़ाया गिरफ्तार, जल जीवन मिशन घोटाले का रहा मुख्य सूत्रधार

योग अब स्वास्थ्य विभाग के हवाले, ट्रैक शू, योगा मैट वाला भ्रष्टाचार दबाने की कोशिश?

कोण्डागांव में पुलिस की बड़ी कामयाबी! 1 लाख की इनामी महिला सहित 3 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Tags:
  • भ्रष्टाचार
  • जल जीवन मिशन
  • बस्तर संभाग
  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव
  • कोण्डागांव
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती