जशपुर में गाय की हत्या, 55 किलो मांस के साथ 10 गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
जशपुर जिले के कोतबा चौकी क्षेत्र के बैगाबहार में रविवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बरगोड़ा नाले के पास छापा मारकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन लोगों ने भोर में एक बछड़े की हत्या कर मांस बांटने की तैयारी की थी। पुलिस ने मौके से कुल 55 किलो गोमांस, नकदी और हथियार बरामद किए। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को हथकड़ी में जकड़कर मुख्य मार्ग पर पैदल जुलूस निकालते हुए ले जाया गया।
यह पूरी घटना कोतबा चौकी क्षेत्र में हुई। सुबह करीब 9 बजे चौकी प्रभारी उप निरीक्षक बृजेश यादव अपने स्टाफ के साथ ग्राम भ्रमण पर निकले थे। इसी दौरान उन्हें एक जागरूक मुखबिर से अहम सूचना मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गवाहों को साथ लिया और सीधे घटनास्थल पर छापा मारा।
भोर में सुनसान इलाके में हुई घटना
मुखबिर के मुताबिक ग्राम कोतबा बैगाबहार और रोकबहार के कुछ लोगों ने भोर में करीब 3 से 4 बजे के बीच एक सुनसान इलाके में रंजीत एक्का के एक बछड़े की हत्या कर दी थी। आरोप है कि इसके बाद आरोपी गोमांस को टुकड़ों में काटकर आपस में बांटने की तैयारी कर रहे थे।
यह जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आ गई।
पुलिस को देखकर भागने का किया प्रयास
सुनसान इलाके में पुलिस की टीम को अचानक अपने सामने देखकर मांस का बंटवारा कर रहे आरोपियों ने भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।
मौके पर मुख्य आरोपी रंजीत एक्का को उसकी मोटरसाइकिल पर एक प्लास्टिक की बोरी में 15 किलो गोमांस ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
55 किलो गोमांस और हथियार बरामद
पुलिस ने मौके से कुल 55 किलो गोमांस के साथ मवेशी के अवशेष बरामद किए। इसके अलावा 2000 रुपए नकद और हत्या में इस्तेमाल हुई टांगी व छुरी भी जब्त की गई है।
पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 5, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद निकाला गया पैदल जुलूस
गिरफ्तारी के बाद सभी 10 आरोपियों को नवीन कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरी मुलाहिजा के बाद पुलिस ने सभी को हथकड़ी और जंजीरों में जकड़कर मुख्य मार्ग पर पैदल जुलूस निकाला।
यह कतारबद्ध जुलूस कारगिल चौक होते हुए कोतबा पुलिस चौकी से पहले खड़ी पुलिस बस तक ले जाया गया। सड़क पर पुलिस की इस सख्त कार्रवाई को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस ने दिया सख्त संदेश
पुलिस के मुताबिक मुख्य मार्ग से आरोपियों को इस तरह ले जाने के जरिए साफ संदेश दिया गया है कि जिले में गोहत्या जैसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई में बागबहार थाना प्रभारी आशीष तिवारी के साथ चौकी प्रभारी उप निरीक्षक बृजेश यादव, अपलेजर खेस, प्रधान आरक्षक अजय खेस, छविकांत पैंकरा, संजय लकड़ा, आरक्षक प्रवीण खलखो, सुशील तिर्की, अमित, रघुराज रजक, जेम्स एडवर्ड और महिला आरक्षक जया पैंकरा शामिल रहे।
किन-किन को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने रंजीत एक्का (31), राकेश तिर्की (24), मेघनाथ तिर्की (42), विनय तिग्गा (26), अमलेश तिग्गा (32), हीरा लाल तिर्की (45), मनमोहन तिग्गा (32), अब्राहम कुजूर (31), संजय तिग्गा (26) और अनूप भगत (21) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा
चौकी प्रभारी बृजेश यादव के मुताबिक गोहत्या की सूचना पर पुलिस टीम ने 10 आरोपियों को मांस और हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। उनके अनुसार क्षेत्र में इस तरह का अपराध कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में गोहत्या पर क्या सजा मिलती है?
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 के तहत गोहत्या (गौवध) से जुड़े अपराध में दोष सिद्ध होने पर अदालत 3 वर्ष से 7 वर्ष तक की कैद और जुर्माना की सजा दे सकती है। सजा की अवधि और अन्य कानूनी परिणाम मामले के तथ्यों, लागू धाराओं और न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करते हैं।
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