IED ब्लास्ट में जवानों की शहादत से उठा सवाल, भूपेश बोले, नक्सलवाद खात्मे के नारे से नहीं चलेगा काम
Raipur. छत्तीसगढ़ के कांकेर में आईईडी धमाका हुआ और चार जवान शहीद हो गए। इनमें डीआरजी के इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल शामिल हैं। इस धमाके के बाद नक्सल खात्मे के बाद उसके अवशेषों पर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कहा कि अमित शाह को यह समझना होगा कि नक्सलवाद के खात्मे के राजनीतिक नारे से काम नहीं चलेगा। केंद्र सरकार औपचारिक रुप से छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में नक्सलवाद के खात्मे का ऐेलान कर चुकी है।
क्या बोले भूपेश बघेल :
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत छत्तीसगढ़ सरकार को नसीहत दी है। भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बस्तर के कांकेर में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दुर्घटना में शहीद होने वाले इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबलों को हम सब श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को हिम्मत दें। साथ ही घायल कांस्टेबल को उचित इलाज मिले, जल्द स्वस्थ हों, ऐसी हम कामना करते हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को समझना होगा कि नक्सलवाद के ख़त्म होने के राजनीतिक नारे से काम नहीं चलेगा। नक्सली अपने पीछे आतंक के जो अवशेष छोड़ गए हैं, उनसे मुक्ति का भी अभियान छेड़ना पड़ेगा। यह लड़ाई साझी है, लोकतंत्र विरोधी ताकतों का समूल नाश ही एकमात्र विकल्प है।
31 मार्च को हो चुका है नक्सल खात्मे का ऐलान :
31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान कर चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस बात की तस्दीक की है कि अब छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म हो चुका है। बस्तर पर अब लाल आतंक से मुक्त होकर खुलकर सांस ले रहा है। वहीं अमित शाह ने भी औपचारिक रुप से माओवाद के खात्मे की घोषणा कर दी है।
हालांकि छत्तीसगढ़ से अभी फोर्स की वापसी नहीं की जा रही है। गृहमंत्री कह चुके हैं कि एक साल तक बस्तर में फोर्स तैनात रहेगी। लेकिन इस आईडी ब्लास्ट से यह सवाल तो खड़ा हो गया है कि क्या लाल आतंक के अवशेष अभी बाकी हैं। अभी भी हमारे जवानों की जांच नक्सलियों के विस्फोट से जा रही है।
यह हुआ है हादसा :
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आईईडी ब्लास्ट की एक दुखद घटना सामने आई है। जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के चार जवान शहीद हो गए। यह हादसा कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में चल रहे सर्च ऑपरेशन और डी-माइनिंग अभियान के दौरान हुआ। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. के अनुसार, हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों की टीम इलाके में बड़ी संख्या में छिपाए गए आईईडी को निष्क्रिय करने निकली थी।
छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान अचानक एक शक्तिशाली विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में चार जवान आ गए। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही तीन जवानों ने दम तोड़ दिया। एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज जारी है।
इस हादसे में शहीद हुए जवानों की पहचान डीआरजी प्रभारी सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल परमानंद कोमराऔर कॉन्स्टेबल संजय गढपाले के रूप में हुई है। वहीं घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है। आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
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