कांकेर IED ब्लास्ट में 4 जवान शहीद, एरिया डॉमिनेशन के दौरान हुआ हादसा

Harrison Masih | May 02, 2026, 14:10 IST
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कांकेर-नारायणपुर सीमा पर डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। नक्सल प्रभावित छोटे बेठिया क्षेत्र में सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी यह विस्फोट हुआ।

Kanker. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से एक बड़ी खबर सामने आई है। शनिवार को कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर चल रहे सुरक्षा अभियान के दौरान IED ब्लास्ट हो गया, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के चार जवान शहीद हो गए। घटना कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।



ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका

जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में डी-माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। जवान संदिग्ध स्थानों पर माइन डिटेक्शन का काम कर रहे थे, तभी नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए IED में विस्फोट हो गया। इस अचानक हुए ब्लास्ट में 4 DRG जवान इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। ब्लास्ट में इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और संजय गढ़पाले गंभीर रूप से घायल होकर शहीद हो गए। वहीं घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।



इलाज के दौरान शहीद

ब्लास्ट के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायल जवानों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर लाया गया, जहां उनका इलाज जारी था। इसी दौरान ज्यादा घायल होने के कारण चारों जवानों ने दम तोड़ दिया। यह पूरा क्षेत्र कांकेर और नारायणपुर की सीमा से लगा हुआ है और लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को खत्म किया जा सके।



अधिकारियों ने की पुष्टि

इस घटना की पुष्टि बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने की है। उन्होंने बताया कि जवान नियमित ऑपरेशन पर थे और नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED की चपेट में आ गए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और आगे की कार्रवाई जारी है।



नक्सलियों की पुरानी रणनीति

विशेषज्ञों के अनुसार, नक्सली अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए जंगलों और कच्चे रास्तों में IED प्लांट करते हैं। डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान भी ऐसे खतरे बने रहते हैं, जिससे जवानों को अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के सामने चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। हालांकि, जवान पूरी सतर्कता और साहस के साथ इन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।



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