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NEWS IN SHORT
- बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 6 IED विस्फोट, 11 जवान घायल।
- घायल जवानों को हेलीकॉप्टर से रायपुर एयरलिफ्ट किया गया।
- 10 जवान DRG और 1 जवान CRPF की कोबरा बटालियन का है।
- कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया।
- यह इलाका लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है।
NEWS IN DETAIL
नक्सल विरोधी अभियान के दौरान IED धमाके
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए 6 प्रेशर बमों में जोरदार विस्फोट हुए। इन धमाकों में कुल 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के जंगलों में हुई, जहां DRG और CRPF की कोबरा बटालियन संयुक्त रूप से नक्सल विरोधी ऑपरेशन चला रही थी। यह इलाका छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित है।
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घायल जवानों को किया गया एयरलिफ्ट
घटना के बाद संकीर्ण और दुर्गम इलाके से घायल जवानों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण रहा। सभी घायल जवानों को हेलीकॉप्टर के जरिए रायपुर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार सभी जवान खतरे से बाहर हैं।
घायलों में से तीन जवानों के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन अन्य जवानों की आंखों में छर्रे लगे हैं। शेष जवानों को भी विस्फोट के कारण चोटें आई हैं।
कर्रेगुट्टा पर पहली बार फहराया गया तिरंगा
इसी बीच, गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्रेगुट्टा की लगभग 5,000 फीट ऊंची पहाड़ियों पर पहली बार तिरंगा फहराया गया। नए सुरक्षा कैंप में जवानों ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय पर्व मनाया।
Sootr Knowledge
- IED और प्रेशर बम नक्सलियों की प्रमुख रणनीति हैं।
- DRG स्थानीय स्तर पर नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात विशेष बल है।
- कोबरा बटालियन CRPF की विशिष्ट जंगल युद्ध इकाई है।
- कर्रेगुट्टा क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है।
- गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण सुरक्षा बलों के लिए प्रतीकात्मक उपलब्धि है।
IMP FACTS
- घटना स्थल: कर्रेगुट्टा पहाड़ियां, बीजापुर
- घायल जवान: 11
- DRG जवान: 10
- कोबरा बटालियन: 1 जवान
- एयरलिफ्ट स्थान: रायपुर
आगे क्या
- इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज किया जाएगा।
- IED लगाने वाले नक्सलियों की पहचान की जाएगी।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हो सकते हैं।
- नक्सली नेटवर्क पर दबाव और बढ़ेगा।
निष्कर्ष
बीजापुर का यह हमला नक्सल चुनौती की गंभीरता को दर्शाता है, लेकिन कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर पहली बार तिरंगा फहराया जाना सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी है। घायल जवानों की हालत स्थिर है और ऑपरेशन जारी है, जो क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक मजबूत संकेत है।
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