कोरबा में कबाड़ लदे वाहनों पर ढिलाई पड़ी भारी, कटघोरा TI समेत 4 निलंबित
समझें क्या है पूरा मामला
- कबाड़ लदे ट्रक पर कार्रवाई नहीं करने की शिकायत
- कटघोरा थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
- एसपी ने एसडीओपी से कराई मामले की जांच
- जांच रिपोर्ट मिलने के बाद हुई निलंबन कार्रवाई
- कथित लेन-देन और संदिग्ध आचरण पर उठे सवाल
कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में कबाड़ से भरे वाहनों को रोकने और कार्रवाई नहीं करने से जुड़ी शिकायत सामने आई है। मामले में पुलिसकर्मियों के आचरण पर सवाल उठने के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सख्त कदम उठाया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर कटघोरा थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कबाड़ से भरे एक वाहन को कई दिनों तक थाने में खड़ा रखा गया। इसके बावजूद वाहन के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। मामले में कथित लेन-देन और वाहन नहीं छोड़ने जैसी शिकायतें भी पुलिस अधीक्षक तक पहुंची थीं।
थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
मामले की जांच के बाद कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक एमबी पटेल को निलंबित किया गया है। उनके साथ सहायक उप निरीक्षक राम पांडेय और आरक्षक पुष्पेंद्र कुर्रे पर भी कार्रवाई हुई है। एक अन्य आरक्षक कंवर को भी निलंबित किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई विभागीय अनुशासन और संदिग्ध आचरण की शिकायतों को देखते हुए की गई है। पुलिस अधीक्षक ने साफ संकेत दिया है कि अवैध गतिविधियों से जुड़े मामलों में किसी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
कबाड़ से भरे वाहनों को लेकर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार मामला कटघोरा क्षेत्र में कबाड़ के कारोबार से जुड़े दो लोगों से संबंधित बताया जा रहा है। दावा है कि करीब 15 से 20 दिन पहले कबाड़ से भरा एक वाहन पुलिस ने रोका था। वाहन लंबे समय तक थाने में खड़ा रहा।
इसी बीच कुछ दिन पहले एक अन्य कबाड़ लदे ट्रक को भी पुलिस ने रोक लिया। शिकायत करने वालों का आरोप था कि वाहन रोकने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई।
यहीं से पूरे मामले को लेकर संदेह बढ़ा। शिकायत सीधे जिले के पुलिस अधीक्षक तक पहुंची। इसके बाद मामले की विभागीय जांच शुरू कराई गई।
एसडीओपी को सौंपी गई थी जांच
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने शिकायत मिलने के बाद कटघोरा एसडीओपी विजय राजपूत को जांच का जिम्मा दिया। एसडीओपी ने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की।
जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंप दी गई। रिपोर्ट मिलने के बाद चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया भी नियमानुसार जारी रह सकती है।
अवैध कारोबार पर पुलिस का सख्त रुख
कोरबा पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध कारोबार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। ऐसे में पुलिसकर्मियों पर ही संदिग्ध भूमिका के आरोप सामने आना गंभीर माना गया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि अवैध कारोबार को संरक्षण देने या कार्रवाई में जानबूझकर ढिलाई करने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। पुलिसकर्मियों से भी नियमों के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
निलंबन से पुलिस विभाग में हलचल
एक साथ चार पुलिसकर्मियों के निलंबन से कटघोरा क्षेत्र के पुलिस महकमे में हलचल है। खासतौर पर थाना प्रभारी पर कार्रवाई को बड़ा प्रशासनिक संदेश माना जा रहा है।
फिलहाल यह मामला विभागीय जांच और शिकायत में सामने आए तथ्यों से जुड़ा है। कथित लेन-देन के आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कारोबार और उसे किसी स्तर पर संरक्षण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
FAQ
- कटघोरा मामले में कितने पुलिसकर्मी निलंबित हुए हैं?
इस मामले में थाना प्रभारी समेत कुल चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। - पुलिसकर्मियों पर क्या आरोप लगे हैं?
कबाड़ से भरे ट्रक को रोकने के बाद कार्रवाई नहीं करने और कथित लेन-देन की शिकायत सामने आई थी। - मामले की जांच किसने की थी?
एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर कटघोरा एसडीओपी विजय राजपूत ने मामले की जांच की थी।
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