छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : निरंजन दास को मिली कोर्ट से जमानत
Aishwarya Dwivedi | Jul 16, 2026, 16:45 IST
शराब घोटाला-निरंजन दास-ज़मानत
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े नोएडा मामले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को जमानत दी। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आपराधिक इतिहास जमानत रोकने का आधार नहीं।
समझें क्या है पूरा मामला
पूर्व आबकारी आयुक्त को मिली बेल
न्यायाधीश विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को सिर्फ आपराधिक इतिहास के कारण जेल में नहीं रखा जा सकता। जब तक कोई असाधारण परिस्थिति न हो, जमानत दी जानी चाहिए।
अदालत की कड़ी टिप्पणी
अदालत ने कहा कि आरोपी के फरार होने की कोई आशंका नहीं है। वह न्याय की प्रक्रिया को बाधित नहीं करेगा। वह दोबारा अपराध भी नहीं करेगा और न ही गवाहों को डराएगा।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला
क्या हैं मुख्य आरोप?
इस कंपनी का नाम मैसर्स प्रिज्म होलोग्रफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड है। आरोप के मुताबिक इस कंपनी को अवैध रूप से लाभ पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ मामला
इस शुरुआती एफआईआर में निरंजन दास समेत 70 से अधिक लोगों के नाम थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED - Enforcement Directorate) ने यूपी प्रशासन को जानकारी दी थी। उसी जानकारी के आधार पर नोएडा में नई एफआईआर दर्ज हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट से पहले ही राहत
जमानत मिलने का मुख्य आधार
मुख्य अपराध छत्तीसगढ़ में हुआ था और यूपी की जांच पूरी हो चुकी है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत में आवेदक की ओर से अधिवक्ता रघुवंश मिश्रा, हर्ष श्रीवास्तव और सक्षम श्रीवास्तव पेश हुए। राज्य सरकार का पक्ष अपर महाधिवक्ता (AAG - Additional Advocate General) कार्तिकेय सरन और सरकारी वकील संजय कुमार सिंह ने रखा।
FAQ
- निरंजन दास कौन हैं और उन्हें किस मामले में जमानत मिली है?
उत्तर: निरंजन दास छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त हैं। उन्हें 2,161 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़े उत्तर प्रदेश के एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिली है। - छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित 2,161 करोड़ रुपए का कथित घोटाला किस क्षेत्र से संबंधित है?
उत्तर: यह मामला राज्य के आबकारी विभाग (शराब व्यापार) से संबंधित है। इसमें आबकारी नीति और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरतकर एक निजी होलोग्राम कंपनी को अवैध लाभ पहुंचाने के आरोप हैं।
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