लोहारीडीह कांड में सबूत न मिलने पर 23 आरोपी बरी , IPS विकास कुमार बहाल
Loharidih incident : छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हंगामा मचाने वाले लोहारीडीह कांड में बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। इस केस में आरोपी बनाए गए लोगों में से 23 जेल से बाहर आएंगे। इन सभी पर हत्या, लूट व आगजनी का आरोप पुलिस ने लगाया था। कोर्ट ने इन 23 आरोपियों को चार मामलों से बरी कर दिया है।
वहीं, लोहारीडीह कांड में सस्पेंड किए गए आईपीएस अधिकारी विकास कुमार ( IPS Vikas Kumar) को शुक्रवार देर रात बहाल कर दिया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है।
रानू साहू को करोड़ों रुपए देने वाले द्विवेदी को ED ने किया गिरफ्तार
नक्सली हमले में 1 जवान शहीद,BSF-DRG की टीम नक्सलियों के एंबुश में फंसी
SIT को जांच में नहीं मिले सबूत
डीएसपी केके चंद्राकर के अनुसार लोहारीडीह घटना की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। SIT को जांच के दौरान इन 23 आरोपियों के खिलाफ आगजनी, हत्या प्रकरण में सबूत नहीं मिले। इस आधार पर 14 नवंबर को कोर्ट में इन 23 आरोपियों को चार प्रकरण से मुक्त करने आवेदन दिया था। हालांकि, निचली अदालत ने पुलिस की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद परिजनों ने अपील की, जिस पर 23 आरोपियों को चार प्रकरण से मुक्त कर दिया गया है।
पुलिस कैंप पर नक्सलियों का हमला, 3 जवान घायल.. कैंप में बीजापुर SP भी
महासमुंद कलेक्टोरेट में भारी पुलिस फोर्स तैनात...इस मामले ने पकड़ा तूल
ये है पूरा मामला
कबीरधाम जिले के रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र के लोहारीडीह गांव में इसी साल सितंबर माह में एक सप्ताह के अंदर तीन लोगों की अलग-अलग वजह से मौत हो गई थी। 14 सितंबर की रात शिवप्रसाद साहू उर्फ कचरू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र जंगल में पेड़ से लटकी मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की मौत हो गई। पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।
FAQ
- लोहारीडीह कांड में क्या हुआ था और यह मामला कैसे शुरू हुआ ?
लोहारीडीह कांड कबीरधाम जिले के रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र में हुआ। सितंबर में एक सप्ताह के भीतर तीन लोगों की मौत हुई। 14 सितंबर की रात शिवप्रसाद साहू उर्फ कचरू का शव पेड़ से लटका मिला। हत्या के शक में ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे उनकी मौत हो गई। - 23 आरोपियों को किस आधार पर कोर्ट ने चार प्रकरणों से बरी किया ?
लोहारीडीह कांड की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी को 23 आरोपियों के खिलाफ आगजनी और हत्या के आरोपों में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। पुलिस ने कोर्ट में इन 23 लोगों को चार प्रकरण से मुक्त करने का आवेदन दिया, जिसे उच्च अदालत ने स्वीकार कर लिया। - कितने आरोपियों पर अभी भी केस जारी है ?
लोहारीडीह कांड में गिरफ्तार 69 लोगों में से 23 को चार प्रकरण से बरी किया गया। तीन नाबालिगों का नाम पहले ही हटा दिया गया था। अब बचे हुए 42 आरोपियों के खिलाफ पथराव और मारपीट के मामलों में केस जारी रहेगा।
आईपीएस कुमार ने नहीं की थी कोई लापरवाही
लोहारीडीह कांड में सस्पेंड किए गए आईपीएस अधिकारी विकास कुमार ( IPS Vikas Kumar) को शुक्रवार देर रात बहाल कर दिया है। तथ्यात्मक प्रतिवेदन में विकास कुमार के विरुद्ध किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही नहीं पाई गई। इस आधार पर राज्य शासन ने विकास कुमार को बहाल कर दिया है। साथ ही उन्हें पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है।
देखें आदेश...