छत्तीसगढ़ की महतारी मध्यप्रदेश में बनी लाड़ली बहना, महाराष्ट्र में लाड़की बहन बनकर उठा रहीं फायदा
Arun Tiwari | Oct 29, 2025, 16:27 IST
Photograph: (the sootr)
महिला सम्मान योजनाओं में गड़बड़ी सामने आ रही है। तीन राज्यों में एक महिला के तीन-तीन योजनाओं से लाभ उठाने का मामला सामने आया है। जानें छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना, एमपी की लाड़ली बहना और महाराष्ट्र की लाड़की बहन योजना के बारे में।
RAIPUR. विधानसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने हर राज्य में महिलाओं को हर महीने एक निश्चित राशि देने की योजना बनाई। इस योजना ने कमाल भी दिखाया और इस योजना के सहारे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार भी बन गई। छत्तीसगढ़ की महिलाएं महतारी बन गईं और महतारी वंदन योजना के जरिए हर महीने 1 हजार रुपए लेने लगीं।
यहां तक तो सब कुछ ठीक है, लेकिन यहां की महिलाओं ने चतुराई दिखा दी। वे मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना और महाराष्ट्र में लाड़की बहन का फायदा भी उठाने लगीं। यानी एक महिला तीन राज्यों में तीन योजनाओं का पैसा ले रही है। ये खुलासा हुआ रायपुर में महतारी वंदन योजना के तहत किए जा रहे केवायसी के जरिए।
सरकार को ऐसे कुछ केस मिलने के बाद अब इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। यह जांच अब सभी जिलों में कराने की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ की महिलाओं को महतारी कहें या लाड़ली बहना या फिर लाड़की बहन। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन है तो एमपी में लाड़ली बहना और महाराष्ट्र में लाड़की बहन योजना। यह सवाल इसलिए उठ है क्योंकि छत्तीसगढ़ की महिलाएं तीनों राज्यों में तीनों रिश्ते निभा रही हैं। यानी तीनों राज्यों से इन योजनओं का पैसा भी ले रही हैं। महिला सम्मान योजनाओं में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है।
छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना के लाभार्थी सत्यापन के दौरान सामने आया कि कई महिलाएं राज्य की योजना का लाभ लेने के साथ-साथ मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की योजनाओं से भी राशि प्राप्त कर रही थीं। आधार और KYC सत्यापन से यह पोल खुली, जिसके बाद विभाग ने ऐसे नामों को सूची से हटा दिया है। इस खुलासे के बाद सरकार हैरान है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग बारीकी से हर जिले की लाभार्थी महिलाओं की बारीकी से जांच कर रहा है।
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महिला एवं बाल विकास विभाग के हाल ही में किए गए सर्वे में बड़ा खुलासा हुआ है। महतारी वंदन योजना में न केवल मृत और अपात्र महिलओं को भुगतान किया जा रहा है बल्कि कई महिलाएं मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की योजनाओं से भी लाभ उठा रही हैं।
रायपुर में चल रहे आधार और केवायसी सत्यापन में यह गड़बड़ी सामने आई। अकेले रायपुर में ही अपात्र महिलाओं की संख्या छह हजार से ज्यादा है। अभी तक हुई केवायसी में यह जानकारी सामने आई कि कई महिलाएं ऐसी हैं जो तीनों राज्यों में महिला सम्मान की योजना का लाभ उठा रही हैं। कई महिला कर्मचारी भी इस योजना का फायदा उठा रही हैं। कई महिलाएं तो ऐसी मिलीं जो सरकारी कर्मचारी की पत्नी या बेटी है। ऐसी महिलाओं से करीब 17 लाख रुपए वसूले जाएंगे। अनुमान है कि 5 से 6 लाख महिलाओं के नाम में सुधार किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, जिन महिलाओं के नाम अन्य राज्यों की योजनाओं में जुड़े हुए थे या जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, उनके नाम हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, दोहरी पहचान वाले मामलों में भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे फर्जी दावे रोके जा सकें।
छत्तीसगढ़ - महतारी वंदन योजना - 1000 रुपए मासिक
मध्यप्रदेश - लाड़ली बहना योजना - 1250 रुपए मासिक
महाराष्ट्र - लाड़की बहिन योजना - 1500 रुपए मासिक
केस नंबर 1 : रायपुर के तिल्दा की सविता बाई के खाते का मिलान करने पर पता चला कि डुप्लीकेट एंट्री मौजूद थीं। खातों में महीनों से राशि जमा हो रह थी। अब दोनों पोर्टल ब्लॉक कर बैंक से ट्रांजेक्शन का ऑडिट कराया जा रहा है। यह महतारी वंदन के अलावा दूसरे राज्यों से भी महिला सम्मान निधि ले रहीं थीं।
केस नंबर 2 : अंजना यादव को पहले से ही मध्यप्रदेश की ‘लाड़ली बहना योजना’ का लाभ मिल रहा था, फिर भी उसने महतारी वंदन के तहत आवेदन किया। अब उससे 9,000 रुपए की राशि वसूली जाएगी।
केसन नंबर 3 : बीरगांव की कमला देवी के पते और दस्तावेज में असंगति पाई गई। आधार और केवायसी सत्यापन में पफर्जी पते के आधार पर फायदा उठाने का मामला सामने आया है। खाते को होल्ड कर दिया गया है। ऑडिट के बाद वसूली की कार्यवाही की जाएगी।
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यह योजना मार्च 2024 से शुरु हुई। महतारी वंदन योजना के लिए 70 लाख 27 हजार 154 महिलाओं के आवेदन पत्र आए। इनमें से नियम शर्तों के आधार पर 70 लाख 09 हजार 366 महिलाओं को पात्र माना गया।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 4 अक्टूबर 2025 को महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के खाते में भेजी। 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि पहुंची। यानी मार्च 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच के बीस महीनों में 5 लाख 14 हजार 600 महिलाएं कम हो गईं।
इस सरकारी आंकड़े के हिसाब से देखा जाए तो हर महीने औसतन 25 हजार 700 महिलाएं कम हुई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कहते हैं कि इनमें कई महिलाओं की मौत हो चुकी है। कुछ के बैंक खाते से आधार लिंक न होने या बैंक खाता बंद होने के कारण यह राशि नहीं पहुंची है, कई महिलाएं अपात्र हैं जिनको हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को 12983 करोड़ 13 लाख रुपये बांट चुकी है।
यहां तक तो सब कुछ ठीक है, लेकिन यहां की महिलाओं ने चतुराई दिखा दी। वे मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना और महाराष्ट्र में लाड़की बहन का फायदा भी उठाने लगीं। यानी एक महिला तीन राज्यों में तीन योजनाओं का पैसा ले रही है। ये खुलासा हुआ रायपुर में महतारी वंदन योजना के तहत किए जा रहे केवायसी के जरिए।
सरकार को ऐसे कुछ केस मिलने के बाद अब इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। यह जांच अब सभी जिलों में कराने की तैयारी है।
महतारी वंदना या लाड़ली बहना
छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना के लाभार्थी सत्यापन के दौरान सामने आया कि कई महिलाएं राज्य की योजना का लाभ लेने के साथ-साथ मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की योजनाओं से भी राशि प्राप्त कर रही थीं। आधार और KYC सत्यापन से यह पोल खुली, जिसके बाद विभाग ने ऐसे नामों को सूची से हटा दिया है। इस खुलासे के बाद सरकार हैरान है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग बारीकी से हर जिले की लाभार्थी महिलाओं की बारीकी से जांच कर रहा है।
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छत्तीसगढ़ में युवाओं की बल्ले-बल्ले: शिक्षक भर्ती का ऐलान, 4708 पद भरे जाएंगे, शिक्षा विभाग ने दिए आदेश
ऐसे सामने आई गड़बड़ी
रायपुर में चल रहे आधार और केवायसी सत्यापन में यह गड़बड़ी सामने आई। अकेले रायपुर में ही अपात्र महिलाओं की संख्या छह हजार से ज्यादा है। अभी तक हुई केवायसी में यह जानकारी सामने आई कि कई महिलाएं ऐसी हैं जो तीनों राज्यों में महिला सम्मान की योजना का लाभ उठा रही हैं। कई महिला कर्मचारी भी इस योजना का फायदा उठा रही हैं। कई महिलाएं तो ऐसी मिलीं जो सरकारी कर्मचारी की पत्नी या बेटी है। ऐसी महिलाओं से करीब 17 लाख रुपए वसूले जाएंगे। अनुमान है कि 5 से 6 लाख महिलाओं के नाम में सुधार किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, जिन महिलाओं के नाम अन्य राज्यों की योजनाओं में जुड़े हुए थे या जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, उनके नाम हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, दोहरी पहचान वाले मामलों में भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे फर्जी दावे रोके जा सकें।
इन राज्यों में इतनी सम्मान राशि :
मध्यप्रदेश - लाड़ली बहना योजना - 1250 रुपए मासिक
महाराष्ट्र - लाड़की बहिन योजना - 1500 रुपए मासिक
केस नंबर 1 : रायपुर के तिल्दा की सविता बाई के खाते का मिलान करने पर पता चला कि डुप्लीकेट एंट्री मौजूद थीं। खातों में महीनों से राशि जमा हो रह थी। अब दोनों पोर्टल ब्लॉक कर बैंक से ट्रांजेक्शन का ऑडिट कराया जा रहा है। यह महतारी वंदन के अलावा दूसरे राज्यों से भी महिला सम्मान निधि ले रहीं थीं।
केस नंबर 2 : अंजना यादव को पहले से ही मध्यप्रदेश की ‘लाड़ली बहना योजना’ का लाभ मिल रहा था, फिर भी उसने महतारी वंदन के तहत आवेदन किया। अब उससे 9,000 रुपए की राशि वसूली जाएगी।
केसन नंबर 3 : बीरगांव की कमला देवी के पते और दस्तावेज में असंगति पाई गई। आधार और केवायसी सत्यापन में पफर्जी पते के आधार पर फायदा उठाने का मामला सामने आया है। खाते को होल्ड कर दिया गया है। ऑडिट के बाद वसूली की कार्यवाही की जाएगी।
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डेढ़ साल में महतारी वंदन से 5 लाख महिलाएं आउट :
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 4 अक्टूबर 2025 को महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के खाते में भेजी। 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि पहुंची। यानी मार्च 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच के बीस महीनों में 5 लाख 14 हजार 600 महिलाएं कम हो गईं।
इस सरकारी आंकड़े के हिसाब से देखा जाए तो हर महीने औसतन 25 हजार 700 महिलाएं कम हुई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कहते हैं कि इनमें कई महिलाओं की मौत हो चुकी है। कुछ के बैंक खाते से आधार लिंक न होने या बैंक खाता बंद होने के कारण यह राशि नहीं पहुंची है, कई महिलाएं अपात्र हैं जिनको हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को 12983 करोड़ 13 लाख रुपये बांट चुकी है।
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