महतारी वंदन योजना की सूची में बड़ी सफाई, सवा लाख के नाम आउट

Arun Tiwari | May 27, 2026, 11:12 IST
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छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी और सत्यापन अभियान के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। विभाग ने अब तक 27 हजार अपात्र महिलाओं की राशि होल्ड कर दी है और करीब 1 लाख मृत हितग्राहियों के नाम सूची से हटा दिए हैं।

Raipur. छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में बड़ी संख्या में अपात्र और मृत हितग्राहियों के नाम सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे ई-केवाईसी और सत्यापन अभियान के दौरान अब तक 27 हजार अपात्र महिलाओं की राशि होल्ड कर दी गई है, जबकि करीब एक लाख मृत हितग्राहियों के नाम योजना की सूची से हटाए गए हैं।



ईकेवायसी की प्रक्रिया:

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए लगातार सत्यापन और ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है। योजना का पहला चरण नवंबर में शुरू हुआ था, जिसमें 4.18 लाख हितग्राहियों को शामिल किया गया। दूसरे चरण की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होकर 30 जून तक चलेगी। इसके बाद हितग्राहियों को बाल विकास परियोजना कार्यालयों में जाकर सत्यापन कराना होगा। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक जारी रहेगी।



इतनों का सत्यापन:

कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से ई-केवाईसी का कार्य प्रदेशभर में चल रहा है। अब तक लगभग 86 प्रतिशत हितग्राहियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। कुल 65.30 लाख हितग्राहियों में से करीब 55.99 लाख महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। अकेले रायपुर जिले में 4.27 लाख से अधिक हितग्राही योजना में शामिल हैं।



अपात्रों की क़िस्त रुकी:

विभागीय जानकारी के मुताबिक, कई मामलों में योजना शुरू होने के बाद महिलाओं को सरकारी नौकरी मिल गई, कुछ हितग्राहियों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ दी, जबकि कई लोगों द्वारा दो-दो आवेदन किए गए थे। ऐसे मामलों की पहचान कर राशि रोकने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा शासकीय सेवा के प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों द्वारा भी लाभ लेने के मामले सामने आए हैं। कुछ ऐसे आवेदन भी मिले हैं, जिनमें प्रदेश की निवासी नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया जा रहा था।



महिला एवं बाल विकास विभाग के मुताबिक 85 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अपात्र और मृत हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और जिन लोगों ने गलत तरीके से लाभ लिया है, उनसे राशि की वसूली भी की जा रही है।



ये है EKYC की स्थिति:

प्रदेश में ई-केवाईसी की स्थिति देखें तो बलौद जिले में सबसे अधिक 93.22 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन हुआ है। वहीं कबीरधाम, बलौदाबाजार, कोरबा और रायगढ़ जिले भी शीर्ष पांच में शामिल हैं। दूसरी ओर बस्तर संभाग के जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में ई-केवाईसी का प्रतिशत काफी कम है। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता की कमी, तकनीकी दिक्कतें, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और दूरस्थ क्षेत्रों में संसाधनों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।



ये है महतारी वंदन योजना:

महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को किया गया था। योजना के तहत राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में प्रतिमाह 1,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं।



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