रीएजेंट सप्लाई घोटाले में मोक्षित कार्पोरेशन डायरेक्टर चोपड़ा अंदर
Mokshit Corporation director Shashank Chopra in EOW ACB custody in reagent supply scam : स्वास्थ्य विभाग के रीएजेंट सप्लाई घोटाले में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मोक्षित कार्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि उसने स्वास्थ्य विभाग को गलत जानकारी देकर रीएजेंट सप्लाई का टेंडर हासिल किया था।
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फैक्ट्री नहीं थी फिर भी लिया टेंडर
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास अपनी फैक्ट्री नहीं थी, फिर भी उसने करोड़ों रुपए के रीएजेंट सप्लाई का टेंडर प्राप्त किया। ईओडब्ल्यू की टीम ने सोमवार को दुर्ग स्थित आरोपी के बंगले, फैक्ट्री और ऑफिस सहित 17 ठिकानों पर छापेमारी की। शशांक चोपड़ा को देर रात रायपुर लाया गया, जहां मंगलवार को दिनभर पूछताछ की गई। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार, कूट रचित दस्तावेजों और फर्जीवाड़े के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
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जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शशांक चोपड़ा ने टेंडर प्राप्त करने के लिए शारदा और रिकार्डस नाम की दो फर्जी कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के कागजात के जरिए मोक्षित कार्पोरेशन के नाम से टेंडर भरा गया। तीनों कंपनियों में उपकरण और रीएजेंट की कीमत एक जैसी रखी गई थी, लेकिन मोक्षित कंपनी का रेट सबसे कम था, जिसके चलते वह एल-1 हो गई और टेंडर जीत लिया।
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इसके अलावा, ईओडब्ल्यू की जांच में कुछ उच्च अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे जल्द पूछताछ की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और अधिकारियों की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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FAQ
- शशांक चोपड़ा पर कौन सा आरोप लगाया गया है ?
शशांक चोपड़ा पर आरोप है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को गलत जानकारी देकर रीएजेंट सप्लाई का टेंडर हासिल किया था, जबकि उनके पास अपनी फैक्ट्री नहीं थी। इसके अलावा, उन्होंने फर्जी कंपनियां बनाकर टेंडर प्राप्त किया और भ्रष्टाचार, कूट रचित दस्तावेजों और फर्जीवाड़े के आरोपों का सामना कर रहे हैं। - ईओडब्ल्यू ने शशांक चोपड़ा के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं ?
ईओडब्ल्यू ने शशांक चोपड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के आरोपों में केस दर्ज किया है। इसके अलावा, उनकी दुर्ग स्थित बंगले, फैक्ट्री और ऑफिस सहित 17 ठिकानों पर छापेमारी की गई। शशांक चोपड़ा को रायपुर लाकर पूछताछ की गई है। - जांच में कौन-कौन सी अन्य बातें सामने आईं हैं ?
जांच में यह खुलासा हुआ है कि शशांक चोपड़ा ने टेंडर प्राप्त करने के लिए शारदा और रिकार्डस नाम की दो फर्जी कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के कागजात के जरिए मोक्षित कार्पोरेशन का टेंडर भरा गया। इन तीनों कंपनियों के उपकरण और रीएजेंट की कीमत समान रखी गई थी, लेकिन मोक्षित कंपनी का रेट सबसे कम था, जिससे वह एल-1 बनकर टेंडर जीत गया।