निर्मला सीतारमण से छत्तीसगढ़ ने मांगा एनसीआर की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन के लिए बजट

Arun Tiwari | Jun 22, 2024, 17:56 IST
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छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने निर्मला सीतारमण से एनसीआर की तर्ज पर राज्य में एससीआर बनाने और उसके विकास के लिए बजट में फंड रखने का प्रस्ताव दिया।

Raipur : नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक लेकर उनकी मांगें और सुझावों पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी (op Choudhary )ने इस बैठक में भाग लेकर निर्मला सीतारमण से एनसीआर की तर्ज पर राज्य में एससीआर बनाने और उसके विकास के लिए बजट में फंड रखने का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा राज्यों को विशेष सहायता की राशि, स्टेट कैपिटल रीजन के विकास व राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार समेत अन्य सुझाव भी दिए। दिल्ली के भारत मंडपम, प्रगति मैदान में आयोजित बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के साथ ही अन्य राज्यों के वित्तमंत्री उपस्थित रहे।



छत्तीसगढ़ में इन योजनाओं के लिए फंड


वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता के रूप में वर्ष 2020-21 से 50 वर्षों के लिये ब्याज रहित ऋण राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अंतरिम बजट 2024-25 में इस योजना के लिये पिछले वर्ष के समान ही 1,30,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, किन्तु पार्ट-1 के तहत पिछले वर्ष के प्रावधान 1 लाख करोड़ को कम करते हुए 55,000 करोड़ ही रखा गया है। इसके लिए पहले की तरह फंड रखा जाए।



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स्टेट कैपिटल रीजन के विकास के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत बताते हुए चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर अटल नगर को देश के सबसे सुनियोजित एवं ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य के सीमित संसाधनों से सड़क, पेयजल, विद्युत सुविधा, आवास तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया गया है।



आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग


नई राजधानी को रायपुर तथा दुर्ग-भिलाई के साथ मिलाकर एनसीआर की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में आधुनिक नगरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जाना है। उन्होंने इसे सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, बैंकिंग और ग्रीन एनर्जी के हब के रूप में विकसित करने के लिए बजट में पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की।



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राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार की मांग करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों की प्रचुरता के कारण खदानों से खनिज का परिवहन पर्याप्त रेल नेटवर्क के अभाव में अधिकांशतः सड़क मार्ग से होता है। रेल द्वारा माल एवं यात्री परिवहन सड़क मार्ग की तुलना में सस्ता होने एवं औद्योगिक विकास के लिए कारण रेल नेटवर्क का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राज्य में रेल सुविधाओं के विस्तार कार्यों की स्वीकृति का अनुरोध किया।



टेक्सटाइल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना का अनुरोध


भारत सरकार की एक भी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य से नहीं गुजरती है। उन्होंने नागपुर-रायपुर-विशाखापटनम नवीन इंडस्ट्रियल कॉरीडोर विकसित करने या वर्तमान प्रस्तावित कॉरिडोर से रायपुर को जोड़ने की जरूरत बताई। इसके अलावा उन्होंने राज्य में टेक्सटाइल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना का भी अनुरोध किया।



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वित्तमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दुर्गम वन क्षेत्रों में निर्मित सड़कों के संधारण हेतु बजट में प्रावधान करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा केंद्रीय सुरक्षा बलों के कैंपों तक सड़क निर्माण के लिए भी बजट में प्रावधान किया जाए।



वित्तमंत्री ने रायपुर में वृद्धजनों के लिए इंटीग्रेटेड जिरियाट्रिक हेल्थ सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत बच्चों के लिए खाद्य सामग्री की दर और रसोइयों के मानदेय में वृद्धि का आग्रह किया। इसके साथ ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत प्रीमियम राशि में वृद्धि करने की मांग की।



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चौधरी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा सातवें वेतनमान लागू करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार का 50 प्रतिशत केंद्रान्श की मांग की। वहीं उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवाएं उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।



वित्तमंत्री चौधरी ने डीएमएफ के नए नियमों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि हाल ही में भारत सरकार द्वारा जारी किए गए नए डीएमएफ (जिला खनिज निधि) नियमों के अनुसार, डीएमएफ का उपयोग केवल खदान क्षेत्र के 15 किमी के भीतर या खदान से 25 किमी तक की दूरी पर रहने वाले लोगों पर ही किया जा सकता है।



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पहले के नियमों के तहत, डीएमएफ का 75% तक धनराशि उसी जिले में खर्च की जा सकती थी जिसमें खदान स्थित है, जबकि शेष 25% धनराशि पास के जिलों में भी खर्च की जा सकती थी। छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में कई नए जिलों का गठन हुआ है, जिससे आसपास के जिलों में विकास कार्यों के लिए डीएमएफ के धन को मिलाकर आवश्यकता के आधार पर खर्च करने की अधिक जरूरत है। लेकिन नए डीएमएफ नियम इस पर प्रतिबंध लगाते हैं।



नवोदय विद्यालय खोले जाने का आग्रह


खनन क्षेत्रों से सटे जिलों में विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त राशि की उपलब्धता के लिए वित्त मंत्री ने इस नियम को छत्तीसगढ़ के परिपेक्ष्य में बदलने का आग्रह किया है, ताकि खनिज समृद्ध जिलों के आसपास के क्षेत्रों का भी समान विकास सुनिश्चित हो सके।


इसके साथ वित्तमंत्री ने सभी आदिवासी विकासखंडों में एकलव्य विद्यालय स्थापित करने व आकांक्षी जिलों में दो नवोदय विद्यालय खोले जाने का आग्रह किया है।



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