CG Teacher Posting: टी संवर्ग के 1335 प्रिंसिपलों की पोस्टिंग, इसी महीने होगी काउंसलिंग
Pravesh Shukla | Aug 07, 2025, 21:12 IST
principal-promotion-update-chhattisgarh-2025 the sootr
स्कूल शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल को 2813 प्राचार्यों का प्रमोशन किया था। इसमें से ई संवर्ग के 1478 प्राचार्यों का मामला हाई कोर्ट चला गया था मगर टी संवर्ग के 1335 प्राचार्यों की पोस्टिंग प्रॉसेज अब शुरू हो गई है।
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल को 2813 प्राचार्यों का प्रमोशन किया था। इसमें से कई संवर्ग के 1478 प्राचार्यों का मामला हाईकोर्ट चला गया था लेकिनटीसंवर्ग के 1335 प्राचार्यों कीपोस्टिंगप्रॉसेजअब शुरू हो गई है।
पढ़ें: सोशल मीडिया पर दोस्ती और महंगे गिफ्ट का झांसा देकर ठगी, ऐसे धरे गए नाइजीरियन बदमाश
अगस्त में शुरू होगी
वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट में लिखा है किटीसंवर्ग के प्राचार्यों कीपोस्टिंगकार्यवाही चल रही है।पोस्टिंगसे पहले जिला शिक्षा अधिकारियों से रिक्त स्थानों की जानकारी मंगाई गई है।पदांकनशासनकी ओर से निर्धारित प्रक्रियाकाउंसलिंगके जरिये किया जाएगा।काउंसलिंगसेपोस्टिंगकी प्रक्रिया इसी अगस्त महीने में शुरू हो जाएगी।
दुर्ग के रहने वालेरिटायरशिक्षक प्रकाश नारायण तिवारी ने ई संवर्ग के प्राचार्यों कीपोस्टिंगके संबंध में याचिका लगाते हुए मांग की है कि 65परसेंटकी जगह 100परसेंटपदों पर ई संवर्ग के शिक्षकों कीपोस्टिंगदी जाए। जबकि,डबलबेंच पहले ही इस पर फैसला दे चुका है कि राज्य सरकार द्वारा 65परसेंटका तय किया कोटा सही है।
पढ़ें: छत्तीसगढ़ की इस संस्था ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया नि:शुल्क इलाज का ऑफर, जानें क्या है मामला
सरकार ने 65परसेंटई संवर्गवालोंके लिए और 25परसेंटएलबीयानेलोकलबॉडीवाले मर्ज किए गएकैडरके लिए रखा गया है। बाकी 10परसेंटसीधीभर्तीसेपोस्टिंगहोती है। लेकिनडबलबेंच के फैसले के बाद फिर 65 फीसदी पर याचिका लगा दी गई।रिटायरशिक्षक की याचिका पर हाई कोर्ट केसिंगलबेंच में सुनवाई चल रही है।
प्रिंसिपलके प्रमोशन का मामला कानूनी उलझन में फंसने का नुकसान जून तकरिटायरहो चुके 356 शिक्षकों का हुआ, जो बिना प्राचार्य की कुर्सी पर बैठ-बैठेरिटायरहो गए। जुलाई के आंकड़े की बात करें तो 'ई' संवर्ग के 58 और 'टी' संवर्ग के 23 शिक्षकरिटायरहो जाएंगे।जुलाई तक यहफिगर437 पहुंच जाएगा।
इन शिक्षकों के लिए तो ये मामला कानूनी लड़ाई रोड़ा बनकर सामने आया। प्राचार्य बनने का सपना ही अधूरा रह गया है। जैसे-जैसे यह मामला आगे खिंचता चला जाएगा उसी अंदाज मेंलेक्चरर्सभीरिटायरहोते जाएंगे। हर महीने तीन से चार दर्जन शिक्षक दोनों संवर्ग सेरिटायरहो रहे हैं।
पढ़ें; 10वीं से MBA तक योग्य उम्मीदवारों के लिए प्लेसमेंट कैंप का आयोजन,कई पदों पर होगी सीधी भर्ती
छत्तीसगढ़ में एक दशक से प्राचार्यों का प्रमोशन नहीं हुआ था। आलम यह था कि शिक्षकों काग्रेडेशनलिस्टतक तैयार नहीं हुआ था। इस वजह से प्रदेश के 3290 स्कूल प्राचार्य के बिना संचालित हो रहे हैं। इस स्थिति को देखते स्कूल शिक्षा विभाग ने पहलेग्रेडेशनलिस्टतैयार कराया, फिर प्रमोशन की प्रक्रिया निबटाई। प्राचार्य प्रमोशन का आदेश अप्रैल में निकल गया था। अगर शिक्षकों ने कोर्ट-कचहरी न की होती तो स्कूल खुलने से पहले कम-से-कम 2813 स्कूलों कोरेगुलरप्राचार्य मिल जाता।
राज्य शासन ने प्राचार्य के पद पर पदोन्नति के लिए जब मापदंड व नियम बनाए तो सबसे पहले उन शिक्षकों ने रोड़ा अटकाने का काम किया जिनका नाम प्रमोशन कीलिस्टमें आ ही नहीं रहा था। ऐसे एक दर्जन शिक्षकों ने पदोन्नति के लिए तय मापदंड का विरोध करते हुए याचिका दायर की। व्याख्याता से प्राचार्य के पद पर प्रमोशन के लिएबीएडडिग्री की अनिवार्यता की मांग की।
पढ़ें: बिजली बिल हाफ योजना में कटौती के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, बीजेपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
याचिका मेंडीएलएडऔरबीटीआईवाले शिक्षकों को प्रमोशन से दूर रहने की मांग की गई। बता दें कि राज्य शासन ने समय-समय पर शिक्षा विभाग के अन्यकैडरोंकेटीचरोंकासंविलियनकिया है। इसमें सबसे पहलेट्राइबलऔर फिर उसके बाद शिक्षाकर्मियोंकासंविलियनकिया गया। हस्तक्षेपयाचिकाकर्ताओंनेयाचिकाकर्ताशिक्षकों की याचिका में की गई मांग का विरोध करते हुए कहा किप्रिंसिपलका पद प्रशासनिक होता है।
इसके लिएबीएडकी योग्यता को जरूरी किया जाएगा।हस्तक्षेपकर्ताओंने यह भी तर्क दिया था कि राज्य शासन ने दोकैडरोंके शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग मेंसंविलियनकिया है। उनकी वरिष्ठता और योग्यता का भी ध्यान रखना होगा। मामले की सुनवाई के बादडिवीजनबेंच ने याचिका को खारिज कर दिया है। इसी तरह की मांग को लेकर प्रकाश नारायण तिवारी नेसिंगलबेंच में याचिका दायर की है। जिसपर सुनवाई चल रही है।
पढ़ें: सोशल मीडिया पर दोस्ती और महंगे गिफ्ट का झांसा देकर ठगी, ऐसे धरे गए नाइजीरियन बदमाश
अगस्त में शुरू होगी काउंसलिंग
रिटायर शिक्षक की याचिका
पढ़ें: छत्तीसगढ़ की इस संस्था ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया नि:शुल्क इलाज का ऑफर, जानें क्या है मामला
सिंगल बेंच में सुनवाई
437 प्राचार्य रिटायर
कई शिक्षक हो जाएंगे रिटायर
पढ़ें; 10वीं से MBA तक योग्य उम्मीदवारों के लिए प्लेसमेंट कैंप का आयोजन,कई पदों पर होगी सीधी भर्ती
प्रिंसिपल विहीन स्कूल
रोड़ा अटकाने का काम
पढ़ें: बिजली बिल हाफ योजना में कटौती के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, बीजेपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
याचिका में की गई ये मांग
पांच प्वॉइंट में समझें पूरी खबर
|
जारी है सुनवाई
FAQ
- सवाल: टी संवर्ग के प्राचार्यों की पोस्टिंग कब से शुरू होगी?
जवाब: टी संवर्ग (T Cadre) के 1335 प्राचार्यों की पोस्टिंग प्रक्रिया अगस्त 2025 से काउंसलिंग के माध्यम से शुरू की जाएगी। - सवाल: ई संवर्ग के प्राचार्यों का मामला कोर्ट में क्यों है?
जवाब: ई संवर्ग (E Cadre) के शिक्षकों की याचिका में 100% पदों पर पोस्टिंग की मांग की गई है, जबकि सरकार ने 65% कोटा निर्धारित किया है, जिसे डबल बेंच ने सही ठहराया था। - सवाल: कितने शिक्षक बिना प्रमोशन के रिटायर हो चुके हैं?
जवाब: अप्रैल से जुलाई 2025 तक कुल 437 शिक्षक बिना प्राचार्य बने रिटायर हो चुके हैं। प्रमोशन प्रक्रिया में देरी से हर महीने 30-40 शिक्षक रिटायर हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman