Raipur Digital Arrest: NIA अधिकारी बनकर 62 साल की महिला से लाखों की ठगी, 5 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट
Harrison Masih | Oct 14, 2026, 13:25 IST
रायपुर डिजिटल अरेस्ट मामला
राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। यहां 62 साल की महिला को साइबर ठगों ने 5 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। डराकर 7 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी विक्रम सिंह बताया और महिला को गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाया।
ठगों ने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण महिला ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाई और RTGS के जरिए 7 लाख रुपए महाकाली मेटल नाम के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में NOC नहीं मिलने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। महिला की शिकायत पर गंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
WhatsApp कॉल कर खुद को
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला रीता खन्ना स्टेशन रोड स्थित सत्कार होटल गली, नर्मदापारा में रहती हैं। स्टेशन रोड पर उनका मशीन मरम्मत का कारोबार है। 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे उनके मोबाइल पर WhatsApp कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को NIA रायपुर का अधिकारी विक्रम सिंह बताया।
आरोपी ने महिला से कहा कि महाराष्ट्र में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। साथ ही दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके खोले गए फर्जी बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग की रकम मिली है। इस तरह महिला को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठगी के जाल में फंसाया गया।
आरोपियों ने महिला को WhatsApp पर एक पत्र भेजा और जांच के नाम पर सत्यापन कराने के लिए कहा। उन्होंने गलत जानकारी देने पर जेल भेजने की धमकी भी दी। इस दौरान महिला से परिवार, संपत्ति, बैंक खातों और FD से जुड़ी जानकारी ली गई।
ठग हर आधे घंटे में फोन करके महिला से जानकारी लेते थे और लगातार मानसिक दबाव बनाते रहे। 8 अक्टूबर को आरोपियों ने महिला की बात राकेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति से कराई। उसे वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उसने भी गिरफ्तारी का डर दिखाया और महिला को उनके निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया।
लगातार धमकियों के कारण महिला ने 9 अक्टूबर को केनरा बैंक में जमा अपनी FD तुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की। बैंक की छुट्टियों के दौरान भी आरोपी लगातार फोन करते रहे। 12 अक्टूबर को उन्होंने महिला को केनरा बैंक में जमा रकम HDFC बैंक के खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा।
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए महिला से RTGS फॉर्म भरवाया गया। इसमें महाकाली मेटल नाम के खाते का विवरण दर्ज कराया गया और महिला से 7 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। महिला ने देवेंद्र नगर स्थित HDFC बैंक में फॉर्म जमा किया। रकम ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने भुगतान की रसीद भी आरोपियों को WhatsApp पर भेज दी।
ठगी को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने महिला को भरोसे में लेने के लिए RBI के नाम से कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र भेजा। महिला को उम्मीद थी कि जांच पूरी होने के बाद उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिल जाएगा।
लेकिन रकम ट्रांसफर करने के बाद भी जब NOC नहीं मिला, तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर में इससे पहले एक किराना कारोबारी और एक शिक्षक को भी इसी तरह डराकर ठगी का शिकार बनाया गया था। इन मामलों की जांच साइबर सेल की टीम कर रही है।
साइबर ठग अक्सर पुलिस, CBI, NIA या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को गिरफ्तारी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं। इसके बाद जांच या खाते के सत्यापन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
WhatsApp कॉल कर खुद को NIA अधिकारी बताया
आरोपी ने महिला से कहा कि महाराष्ट्र में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। साथ ही दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके खोले गए फर्जी बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग की रकम मिली है। इस तरह महिला को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठगी के जाल में फंसाया गया।
हर आधे घंटे में फोन कर लेते थे जानकारी
ठग हर आधे घंटे में फोन करके महिला से जानकारी लेते थे और लगातार मानसिक दबाव बनाते रहे। 8 अक्टूबर को आरोपियों ने महिला की बात राकेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति से कराई। उसे वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उसने भी गिरफ्तारी का डर दिखाया और महिला को उनके निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया।
FD तुड़वाकर RTGS से ट्रांसफर कराए 7 लाख रुपए
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए महिला से RTGS फॉर्म भरवाया गया। इसमें महाकाली मेटल नाम के खाते का विवरण दर्ज कराया गया और महिला से 7 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। महिला ने देवेंद्र नगर स्थित HDFC बैंक में फॉर्म जमा किया। रकम ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने भुगतान की रसीद भी आरोपियों को WhatsApp पर भेज दी।
RBI के नाम से भेजा फर्जी प्रमाणपत्र
लेकिन रकम ट्रांसफर करने के बाद भी जब NOC नहीं मिला, तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर में पहले भी सामने आ चुके हैं डिजिटल अरेस्ट के मामले
साइबर ठग अक्सर पुलिस, CBI, NIA या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को गिरफ्तारी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं। इसके बाद जांच या खाते के सत्यापन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- कोई भी वास्तविक सरकारी एजेंसी WhatsApp वीडियो कॉल पर आपको डिजिटल अरेस्ट करके पैसे ट्रांसफर करने का आदेश नहीं देती।
- गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग या फर्जी बैंक खाते के नाम पर डराने वाले कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर FD न तुड़वाएं और न ही बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करें।
- संदिग्ध कॉल आने पर संबंधित एजेंसी के आधिकारिक संपर्क माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करें।
जय विलास पैलेस के जिस रानी महल में बसता है ज्योतिरादित्य सिंधिया का दिल, उसमें आया कितना बिल!
By Ratan Kumar Mishra
जोधपुर में चलती बस से गिरकर युवक की मौत, वॉशरूम जाते समय खुला गेट बना हादसे की वजह
By Jyoti Mahender Bhardwaj
जयपुर के 15 साल के ध्रुव शर्मा ने कम उम्र में हासिल किए 2 मेडिकल पेटेंट, रंगों से होगी सेहत और दवाओं की जांच
By Jyoti Mahender Bhardwaj
MPPSC पहुंचे अनारक्षित उम्मीदवार, हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी देकर मांगा 100 फीसदी रिजल्ट
By Sanjay Gupta
नर्सिंग कॉलेजों में 75% सीटें खाली, 16 हजार से ज्यादा सीटों पर नहीं मिले छात्र, अब तीसरे राउंड का इंतजार
By Kaushiki
इंदौर में सेवा से हटाए गए सात पटवारियों की नौकरी बचाने मिला अधिक रजिस्ट्री का टारगेट
By Sanjay Gupta
पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्रोन से गिराया 8 किलो आरडीएक्स और हथियार, पंजाब के 2 युवक गिरफ्तार
By Ashish Bhardwaj