IGKV यूनिवर्सिटी में पेपर लीक पर प्रदर्शन, रजिस्ट्रार से बोले NSUI नेता, थप्पड़ पड़ेगा चाहे कोई भी हो...
Harrison Masih | Oct 14, 2026, 18:15 IST
इंदिरा गांधी कृषि यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन
Raipur. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों और छात्रों के डेटा को लेकर NSUI ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव कर परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता और B.Sc. कृषि के रिजल्ट की दोबारा जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान NSUI के PRSU अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे और विश्वविद्यालय के कुलसचिव कपिल देव के बीच तीखी बातचीत भी हुई।
पुनेश्वर लहरे ने कहा, छात्रों के साथ मजाक नहीं चलेगा। उन्होंने परीक्षा से जुड़े मामलों पर नाराजगी जताते हुए तीन पेपर लीक होने का आरोप भी लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि गलती करने वालोंको थप्पड़ पड़ेगा, चाहे जिम्मेदार कोई भी हो।
प्रदर्शन के दौरान NSUI नेताओं ने विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए परीक्षा संबंधी आंकड़ों पर सवाल उठाए। पुनेश्वर लहरे ने कुलसचिव के सामने डेटा से जुड़े कागज को फाड़कर विरोध जताया।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों, एक-दो अंकों से फेल होने और सख्त ईयर बैक नियम के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान एक कचौड़ी, दो समोसा, IGKV फैकल्टी का क्या भरोसा! जैसे नारों के जरिए छात्रों ने अपना विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर एक-दो नंबरों से फेल होने वाले छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने की आशंका है।
NSUI ने B.Sc. कृषि UG पाठ्यक्रम के परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष दोबारा जांच कराने की मांग की है। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि मूल्यांकन में कोई गलती हुई है, तो उसे सुधारकर संशोधित परिणाम जारी किए जाने चाहिए।
NSUI के मुताबिक, छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
NSUI नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों पर विश्वविद्यालय प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
इस प्रदर्शन में हेमंत पाल, अंकित बंजारे, अमित कुर्रे, विकास मित्तल, रूबेन उइके और सूर्यकांत समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। NSUI ने दोहराया कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर संगठन आगे भी आंदोलन करेगा।
अब नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर है। 15 दिन के अल्टीमेटम के भीतर परीक्षा परिणामों, पुनर्मूल्यांकन और ईयर बैक नियम को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर छात्रों की नजर रहेगी।
छात्रों के डेटा को लेकर उठाए सवाल
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों, एक-दो अंकों से फेल होने और सख्त ईयर बैक नियम के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
'एक कचौड़ी, दो समोसा...' के नारे लगाकर किया प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर एक-दो नंबरों से फेल होने वाले छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने की आशंका है।
B.Sc. कृषि के रिजल्ट की दोबारा जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ये प्रमुख मांगें रखीं
- B.Sc. कृषि के परीक्षा परिणामों की दोबारा जांच।
- उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता।
- परीक्षा में पास और फेल होने वाले विद्यार्थियों के आंकड़े सार्वजनिक करना।
- ईयर बैक नियम समाप्त करना।
- UG विद्यार्थियों के लिए क्लियरेंस एग्जाम की व्यवस्था।
- पुनर्मूल्यांकन शुल्क में राहत देना।
- ग्रेस मार्क्स के नियमों में छात्रहित के अनुसार बदलाव करना।
कुलपति को 15 दिन का अल्टीमेटम
NSUI नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों पर विश्वविद्यालय प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र शामिल
अब नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर है। 15 दिन के अल्टीमेटम के भीतर परीक्षा परिणामों, पुनर्मूल्यांकन और ईयर बैक नियम को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर छात्रों की नजर रहेगी।
गरबे में नशा: इंदौर पुलिस ने विजनयगर के सजनप्रभा में हो रहे रास रात्रि गरबा को किया सील
By Sanjay Gupta
MP SI भर्ती: हाई कोर्ट के आदेश पर ESB ने फिर खोला पोर्टल, 20 अक्टूबर तक भर सकेंगे फॉर्म
By Neel Tiwari
CG Top News : सड़क हादसे में पूर्व मंत्री के भाई समेत 3 की मौत, कोल स्कैम में कांग्रेस नेताओं की बढ़ी मुश्किलें, दिवाली पर स्कूलों की छुट्टियां बढ़ी
By Umeshwari Baghel
Rajasthan Top News: मंत्री झाबर सिंह खर्रा के बेटे ने भरा निर्दलीय नामांकन, बोले-कार्यकर्ताओं में नाराजगी
By Ashish Bhardwaj
रिश्वत की शिकायत पर एसीबी ने लगाई फाइनल रिपोर्ट, हाईकोर्ट ने कहा- आरोपियों को बचाने की कोशिश, अब दर्ज करनी होगी FIR
By Mukesh Sharma
SIR में मिर्ची बाबा का भी कट गया वोटर लिस्ट से नाम! बोले- मैं जिंदा हूं, संन्यासी हूं, कागज कहां से लाऊं
By Sumit Kumar
सरकारी तन्ख्वाह पर प्राइवेट जॉब का ठप्पा—इंजीनियर साहब ने तो सिस्टम का ही फ्यूज उड़ा दिया
By Umeshwari Baghel