इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में भीषण आग, लाखों का नुकसान; प्रबंधन पर लगा मामला दबाने का आरोप
NEWS IN SHORT
रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में भीषण आग, 20 लाख का नुकसान
आग ने विश्वविद्यालय परिसर और हॉस्टल को अपनी चपेट में लिया
दमकल विभाग को देरी से सूचना, छात्र और सुरक्षाकर्मी ने की आग बुझाने की कोशिश
हॉस्टल की बिजली घंटों तक बाधित, छात्रों को हुई भारी परेशानी
पुलिस और प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू की
NEWS IN DETAIL
Raipur : Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में गुरुवार रात को भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के हॉस्टल क्षेत्रों में अफरातफरी मच गई।
आग का कहर और नुकसान
यह घटना विश्वविद्यालय के उस हिस्से में हुई, जहां खेती परीक्षण और कृषि अनुसंधान से जुड़ी फसलें और उपकरण रखे गए थे। आग ने देखते ही देखते बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की लपटें और धुआं दूर-दूर तक नजर आने लगे। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में करीब 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
फायर ब्रिगेड को लेट दी गई सूचना
विश्वविद्यालय के छात्रों का कहना है कि आग लगने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना नहीं दी। छात्रों के मुताबिक, मामले को दबाने की कोशिश की गई
और फायर ब्रिगेड को देरी से सूचना दी गई। इस दौरान विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी और छात्र खुद ही आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। वे पानी और अन्य संसाधनों के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन आग बढ़ती जा रही थी।
दमकल विभाग की मुस्तैदी से बची बड़ी घटना
स्थिति बिगड़ने के बाद अंततः दमकल विभाग को सूचित किया गया। दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। फायर टीम ने आसपास के हिस्सों में आग फैलने से भी रोक लिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।
हॉस्टल की बिजली गई, छात्रों को परेशानी
इस आगजनी के कारण विश्वविद्यालय के हॉस्टल की बिजली कई घंटों तक बाधित रही, जिससे छात्रों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच शुरू
अब तक आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
नुकसान का अनुमान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खेती परीक्षण से जुड़ी फसलों और उपकरणों को भारी नुकसान हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना के बाद क्षति का आंकलन शुरू कर दिया है और जल्द ही आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
इस हादसे ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर किया है, क्योंकि आग लगने के बाद समय पर फायर ब्रिगेड को सूचित नहीं किया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
- 20 लाख का नुकसान: विश्वविद्यालय में आग लगने से कृषि उपकरण और फसलें जलकर खाक हो गईं।
- सूचना में देरी: दमकल को आग के बारे में देर से सूचना दी गई।
- छात्रों का प्रयास: छात्रों और सुरक्षाकर्मियों ने आग बुझाने की कोशिश की।
- बिजली की समस्या: आग के कारण हॉस्टल में बिजली बाधित रही।
- जांच शुरू: पुलिस और प्रशासन आग के कारणों की जांच कर रहे हैं।
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