16 करोड़ खर्च फिर भी सड़क बदहाल, चार महीने में उखड़ी कुम्हारी ब्रिज की सड़क, गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा
Umeshwari Baghel | Oct 18, 2026, 13:29 IST
रायपुर-दुर्ग मार्ग पर हादसों का खतरा!
Raipur .रायपुर से दुर्ग-भिलाई जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एनएच-53 पर बने कुम्हारी-खारुन पुल की सड़क मरम्मत के कुछ महीने बाद ही खराब हो गई है। पुल को सुधारने में 16 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। अब सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई जगह लोहे के सरिये भी बाहर निकल आए हैं।
16 करोड़ खर्च करने के बाद भी सड़क नहीं टिकी
काम पूरा होने के बाद उम्मीद थी कि लोगों को खराब सड़क से राहत मिलेगी। कुछ ही महीनों में सड़क की हालत दोबारा बिगड़ गई। अब पुल पर जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं। इससे मरम्मत के काम और उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
सितंबर की बारिश में खुल गई सड़क की पोल
बारिश के बाद सड़क की हालत लगातार खराब होती गई। गड्ढों की वजह से वाहनों की रफ्तार भी कम हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है।
गड्ढों में बजरी डाली, वह भी निकल गई
पुल से लगातार भारी वाहन गुजरते हैं। इनके दबाव से गड्ढों में भरी बजरी बाहर निकल गई। इससे सड़क फिर पहले जैसी हो गई। अब कई जगह गड्ढे और गहरे हो गए हैं। लोगों का कहना है कि केवल बजरी डालकर सड़क को ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए मजबूत और टिकाऊ मरम्मत जरूरी है।
सड़क से बाहर निकले सरिये, वाहन चालकों को खतरा
खासकर बाइक और स्कूटी चलाने वालों के लिए यह स्थिति खतरनाक है। सरिये से टायर खराब होने या फटने का खतरा बना रहता है। वहीं अचानक गड्ढा सामने आने पर वाहन चालक ब्रेक लगाते हैं। ऐसे में पीछे से आ रहे वाहन से टक्कर हो सकती है।
रोज करीब डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं
इनमें बाइक, कार, बस और मालवाहक वाहन शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क खराब होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालकों को रफ्तार कम करनी पड़ रही है। कई बार अचानक वाहन मोड़ने की नौबत भी आ जाती है।
अप्रैल में 10 दिन बंद रखकर हुई थी मरम्मत
इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया गया। इसके तहत 5 से 15 अप्रैल तक पुल पर यातायात बंद रखा गया था। काम पूरा होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। इसके बावजूद कुछ ही महीनों में सड़क खराब होने से काम की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
टोल पूरा वसूल रहे, सड़क की जिम्मेदारी किसकी?
इसको लेकर वाहन चालक सवाल उठा रहे हैं कि जब टोल लिया जा रहा है तो सुरक्षित सड़क क्यों नहीं मिल रही।
टोल कर्मचारियों के मुताबिक उनका काम केवल टोल वसूली करना है। पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी दूसरे ठेकेदार की है।
कांग्रेस ने उठाई मरम्मत की जांच की मांग
उन्होंने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 16 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी पुल की सड़क इतनी जल्दी क्यों खराब हो गई और लोगों को सुरक्षित सफर कब मिलेगा।
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