रायपुर लूटकांड: 10 रुपए की बीड़ी से पकड़ाए 10 लाख के लुटेरे
समझें क्या है पूरा मामला
रायपुर के डंगनिया बाजार के पास गैस एजेंसी के मैनेजर सुनील साहू से 10 लाख रुपए की लूट हुई। आरोपियों ने तीन दिन रेकी करने के बाद यह वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी गौरव तिवारी और आशीष पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। 10 रुपए की बीड़ी खरीदने की ऑनलाइन भुगतान की जानकारी ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचाया। 7 लाख रुपए बरामद हो गए हैं जबकि 3 आरोपी अभी भी फरार हैं।
कैसे हुई 10 लाख की लूट
गैस एजेंसी के मैनेजर सुनील साहू को 6 मई की शाम 5 बजे एक लुटेरे ने रोका। साथी भी आ गए और उनसे 10 लाख रुपए लूट लिए गए।आरोपियों ने यह वारदात सोची-समझी योजना के तहत की थी। तीन दिनों तक मैनेजर की दिनचर्या पर नजर रखी गई थी।
मुख्य आरोपी गौरव तिवारी कबीर नगर का रहने वाला है। गौरव ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर यह लूट की योजना बनाई थी।
हवाला का पैसा समझकर की थी लूट
भास्कर इनसाइट के अनुसार, आरोपियों को शक था कि सुनील साहू के पास हवाला का पैसा है। इसीलिए उन्होंने लूट का प्लान बनाया। दरअसल, सुनील साहू पहले से जेल में बंद रह चुके थे। जेल में उन्हें पता चला था कि हवाला कारोबारी भी इस इलाके में काम करते हैं।
इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने सुनील साहू को हवाला कारोबारी समझकर निशाना बनाया। योजना के तहत डंगनिया इलाके में रेकी शुरू की गई।
10 रुपए की बीड़ी ने खोला राज
लूट के बाद पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम जांच में जुट गई। घटनास्थल के पास पान ठेले पर तकनीकी जांच शुरू की गई। पता चला कि मुख्य आरोपी गौरव ने घटना से ठीक पहले उसी पान ठेले से 10 रुपए की बीड़ी खरीदी थी। उसने भुगतान के लिए मोबाइल से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की थी।
इसी ट्रांजेक्शन के मोबाइल नंबर से पुलिस ने आरोपी गौरव की पहचान की। पान ठेले वाला भी आरोपी को पहचान नहीं पाया था लेकिन डिजिटल सुराग काम आया।
गिरफ्तारी कैसे हुई
पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर गौरव के घर का पता लगाया। घर पर छापा मारा गया जहां गौरव पकड़ा गया। इस दौरान गौरव का साथी आशीष पांडेय भी पकड़ा गया। आशीष पहले लूट से इनकार करता रहा लेकिन बाद में गौरव के पकड़े जाने पर पूरी घटना सामने आई।
पैसे कबीर नगर में बांटे गए
लूट का पैसा आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। गौरव ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर कबीर नगर में रकम बांटी। पुलिस ने अब तक 7 लाख रुपए बरामद कर लिए हैं। 3 लाख रुपए अभी भी बरामद नहीं हुए हैं।
गौरव का आपराधिक इतिहास
गौरव तिवारी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाला है। सदभावना मामले में वह फरवरी में जेल गया था। दो माह पहले ही जेल से छूटा था। गौरव के पिता का नाम ठेकेदारी से जुड़ा बताया गया है। लेकिन गौरव खुद अपराध की राह पर चल निकला।
3 आरोपी अब भी फरार
इस मामले में कुल 5 आरोपी हैं। दो गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि तीन अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। डीएसपी (DSP – Deputy Superintendent of Police) राजनाला स्मृति के अनुसार फरार आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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