बदलेगा रायपुर का मास्टर प्लान, जांच कमेटी तैयार कर रही रिपोर्ट
Pratibha ranaa | May 23, 2024, 13:37 IST
Raipur master plan
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान को लेकर विधानसभा में भी कई बार शिकायत आई थी। जांच में यह साबित हो गया कि प्लान में गड़बड़ियां हुई हैं। इसलिए इसे ठीक करना भी जरूरी है। जिसने भी गलत काम किया है उस पर कार्रवाई की तैयारी है।
अरुण तिवारी@ RAIPUR.
रायपुर का मास्टर प्लान बदलेगा। मास्टर प्लान में बड़े फर्जीवाड़े के बाद तय हो गया है कि इसमें एक तिहाई बदलाव किया जाएगा। ( Raipur master plan changes ) अफसरों की टीम ने दबाव में आकर नियमों के खिलाफ जमीन का लैंडयूज चेंज कर दिया है। इसकी जांच राज्यस्तरीय समिति कर रही है। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही यह बदलाव किया जाएगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि बदलाव के पहले दावा- आपत्ति भी मंगाई जाएगी। लेकिन दावा-आपत्ति केवल उन्हीं मामलों में मंगाई जाएगी, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच समिति के सदस्यों ने मंत्री से मुलाकात कर यह बता दिया कि प्लान में बदलाव जरूरी है, क्योंकि इसमें कई इलाके की जमीन का लैंड यूज चेंज नियमों के खिलाफ किया गया है। ( Raipur master plan )
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान को लेकर विधानसभा में भी कई बार शिकायत आई थी। जांच में यह साबित हो गया कि प्लान में गड़बड़ियां हुई हैं। इसलिए इसे ठीक करना भी जरूरी है। जिसने भी गलत काम किया है उस पर कार्रवाई की तैयारी है। जांच समिति ही तय करेगी कि इसके लिए दोषी अफसर कौन है। आचार संहिता खत्म होने के बाद इस पर तेजी से काम किया जाएगा। साल खत्म होने के पहले मास्टर प्लान को ठीक कर लिया जाएगा। यह प्लान 2031 तक के लिए तैयार किया गया है। इसलिए हर गड़बड़ी को ठीक करना जरूरी है। ताकि भविष्य में जो योजनाएं बने या काम हो वे बेहद कारगर हो।
कमेटी की प्रारंमिक जांच में नए मास्टर प्लान में कई तरह की गड़बड़ी सामने आई है। इसमें कहीं जलाशय की जगह को आवासीय घोषित कर दिया गया है तो कहीं आवासीय क्षेत्र को जलाशय क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है। इसके अलावा कई जमीनों को आवासीय की जगह में तो कहीं कृषि भूमि को मिश्रित एवं व्यवसायिक क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। रायपुर शहर के 2031 के मास्टर प्लान से पहले दो बार ही प्लान लागू किया गया था। राज्य बनने के बाद पहला मास्टर प्लान 2000 में लाया गया था, जो 2001 से 2011 तक के लिए लागू था। फिर 2011 से 2021 तक लाया गया, लेकिन 2011 में जारी मास्टर प्लान विवादों के चलते पहले जारी किए गए। प्लान में कई संशोधन के बाद इसे 2011 में फिर से जारी किया गया था। 2021 के बाद 2031 तक के लिए तीसरा प्लान बनाया गया।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
रायपुर का मास्टर प्लान बदलेगा। मास्टर प्लान में बड़े फर्जीवाड़े के बाद तय हो गया है कि इसमें एक तिहाई बदलाव किया जाएगा। ( Raipur master plan changes ) अफसरों की टीम ने दबाव में आकर नियमों के खिलाफ जमीन का लैंडयूज चेंज कर दिया है। इसकी जांच राज्यस्तरीय समिति कर रही है। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही यह बदलाव किया जाएगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि बदलाव के पहले दावा- आपत्ति भी मंगाई जाएगी। लेकिन दावा-आपत्ति केवल उन्हीं मामलों में मंगाई जाएगी, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच समिति के सदस्यों ने मंत्री से मुलाकात कर यह बता दिया कि प्लान में बदलाव जरूरी है, क्योंकि इसमें कई इलाके की जमीन का लैंड यूज चेंज नियमों के खिलाफ किया गया है। ( Raipur master plan )
दोषियों पर कार्रवाई होगी
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान को लेकर विधानसभा में भी कई बार शिकायत आई थी। जांच में यह साबित हो गया कि प्लान में गड़बड़ियां हुई हैं। इसलिए इसे ठीक करना भी जरूरी है। जिसने भी गलत काम किया है उस पर कार्रवाई की तैयारी है। जांच समिति ही तय करेगी कि इसके लिए दोषी अफसर कौन है। आचार संहिता खत्म होने के बाद इस पर तेजी से काम किया जाएगा। साल खत्म होने के पहले मास्टर प्लान को ठीक कर लिया जाएगा। यह प्लान 2031 तक के लिए तैयार किया गया है। इसलिए हर गड़बड़ी को ठीक करना जरूरी है। ताकि भविष्य में जो योजनाएं बने या काम हो वे बेहद कारगर हो।
मास्टर प्लान में कई गड़बड़ियां
कमेटी की प्रारंमिक जांच में नए मास्टर प्लान में कई तरह की गड़बड़ी सामने आई है। इसमें कहीं जलाशय की जगह को आवासीय घोषित कर दिया गया है तो कहीं आवासीय क्षेत्र को जलाशय क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है। इसके अलावा कई जमीनों को आवासीय की जगह में तो कहीं कृषि भूमि को मिश्रित एवं व्यवसायिक क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। रायपुर शहर के 2031 के मास्टर प्लान से पहले दो बार ही प्लान लागू किया गया था। राज्य बनने के बाद पहला मास्टर प्लान 2000 में लाया गया था, जो 2001 से 2011 तक के लिए लागू था। फिर 2011 से 2021 तक लाया गया, लेकिन 2011 में जारी मास्टर प्लान विवादों के चलते पहले जारी किए गए। प्लान में कई संशोधन के बाद इसे 2011 में फिर से जारी किया गया था। 2021 के बाद 2031 तक के लिए तीसरा प्लान बनाया गया।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman