कुवैत से फोन पर तोड़ा रिश्ता, रायपुर में तीन तलाक का मामला

Aishwarya Dwivedi | Jun 06, 2026, 14:27 IST
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कुवैत में रह रहे पति ने रायपुर की पत्नी को फोन पर बहस के बाद तीन तलाक दे दिया। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर रही है।

NEWS IN SHORT

  • रायपुर में फोन पर तीन तलाक का सनसनीखेज मामला।
  • कुवैत में बैठे पति ने पत्नी से तोड़ा रिश्ता।
  • विवाद के बाद पति ने फोन पर दी गाली-गलौज।
  • पीड़िता ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में दी शिकायत।
  • पुलिस कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से तीन तलाक (Triple Talaq) का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति पर फोन कॉल के दौरान तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध खत्म करने का संगीन आरोप लगाया है। सबसे पेचीदा बात यह है कि आरोपी पति इस वक्त भारत में नहीं, बल्कि विदेश (कुवैत) में है। पीड़िता की शिकायत के बाद रायपुर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।



फोन पर विवाद और अभद्र व्यवहार

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रायपुर के राजातालाब क्षेत्र का है। पीड़िता इसी इलाके की रहने वाली है। महिला ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह शाहिद रजा नामक व्यक्ति से हुआ था, जो वर्तमान में रोजगार के सिलसिले में कुवैत में रह रहा है। पीड़िता के मुताबिक, घटना के दिन उसके और कुवैत में बैठे पति के बीच फोन पर किसी बात को लेकर बातचीत हो रही थी।



देखते ही देखते यह सामान्य बातचीत तीखी बहस में बदल गई। महिला का आरोप है कि फोन पर बहस के दौरान शाहिद रजा आपा खो बैठा और उसने अपनी पत्नी के साथ बेहद अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। उसने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि अचानक फोन पर ही लगातार तीन बार 'तलाक, तलाक, तलाक' कहकर शादी का रिश्ता खत्म करने का एलान कर दिया।



पीड़िता पहुंची थाना, पुलिस ने कसी कमर

पति द्वारा फोन पर इस तरह अचानक रिश्ता तोड़े जाने और प्रताड़ित किए जाने के बाद पीड़िता न्याय की गुहार लेकर सिविल लाइन थाना पहुंची। महिला ने आपबीती सुनाते हुए पति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। चूंकि मामला संवेदनशील है और तीन तलाक (मुस्लिम महिला विवाह अधिकार अधिनियम) के कड़े कानूनी प्रावधानों से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मामले की कड़ियां जोड़ना शुरू कर दिया है।



कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल

विदेश से जुड़े इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनाक्रम और साक्ष्यों की सत्यता की पुष्टि करना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है।



कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) : पुलिस यह जांच रही है कि घटना के वक्त कुवैत के नंबर से पीड़िता के फोन पर कॉल आई थी या नहीं और दोनों के बीच कितनी देर बातचीत हुई।



ऑडियो रिकॉर्डिंग : यदि पीड़िता के पास उस बातचीत की कोई वॉयस रिकॉर्डिंग या अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो उन्हें भी केस डायरी में शामिल किया जा रहा है।



पारिवारिक पृष्ठभूमि : इसके साथ ही पुलिस दोनों परिवारों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह जाना जा सके कि दोनों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था या नहीं।



कानूनी कार्रवाई और आगे की चुनौती

रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सीधे तौर पर महिलाओं के अधिकारों के हनन और देश के कानून के उल्लंघन का है। हालांकि, आरोपी के विदेश में होने के कारण अगली वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।



पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड्स खंगालने के बाद जैसे ही आरोपों की पुष्टि होगी, आरोपी पति शाहिद रजा के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को भारत वापस लाने या उसके खिलाफ वारंट जारी करने जैसे अंतरराष्ट्रीय कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं के अधिकारों और तीन तलाक विरोधी कानून की प्रासंगिकता पर बहस छेड़ दी है।



FAQ

  1. क्या फोन पर तीन बार 'तलाक' बोलने से कानूनी तौर पर रिश्ता खत्म हो जाता है?
    उत्तर: नहीं। भारत में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत मौखिक, लिखित, फोन, मैसेज, ईमेल या किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एक बार में दिया गया 'तीन तलाक' (तलाक-ए-बिद्द्त) पूरी तरह से अवैध और शून्य (Illegal and Void) है। कानूनी तौर पर शादी बरकरार रहती है।
  2. भारत में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्द्त) को कब अपराध घोषित किया गया?
    उत्तर: 1 अगस्त 2019 को 'मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक' संसद से पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून देश में लागू हुआ। इसलिए हर साल 1 अगस्त को 'मुस्लिम महिला अधिकार दिवस' भी मनाया जाता है।
  3. तीन तलाक कानून के तहत दोषी पति के लिए क्या सजा का प्रावधान है?
    उत्तर: तीन तलाक देने वाले पति के लिए कानून में अधिकतम 3 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। यह एक संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराध की श्रेणी में आता है।

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