भगवान राम पर भारी अडानी की आरी, वन गमन पथ और जानकी रसोई को मिटाने की तैयारी

Arun Tiwari | Jun 08, 2026, 14:51 IST
Share
अडानी के कोल ब्लॉक से संकट में प्रभु राम
अडानी के कोल ब्लॉक से संकट में प्रभु राम

नए कोल ब्लॉक की अनुमति के बाद छत्तीसगढ़ एक बार फिर सुलगने लगा है। लोगों का कहना है कि अडानी ने भगवान राम की स्मृतियों पर ही संकट डाल दिया है। इससे तो राम वन गमन पथ ही मिट जाएगा। इसके अलावा माता सीता की रसोई भी नष्ट हो जाएगी।

NEWS IN SHORT

  • राम पर भारी पड़ी अडानी की आरी
  • राम वन गमन पथ खतरे में
  • मिट जाएगी जानकी की रसोई
  • नए कोल ब्लॉक की अनुमति से संकट
  • अडानी के पास नए कोल ब्लॉक का ज़िम्मा

NEWS IN DETAIL

Raipur : कहते हैं राम से बड़ा राम का नाम। लेकिन छत्तीसगढ़ में राम से बड़ा अडानी नाम है। केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में नई कोयला खदान को मंजूरी दे दी है जिसका ज़िम्मा अडानी के पास है। इसकी मंजूरी से राम वन गमन पथ पर खतरा मंडरा गया है। सीता गुफा और जानकी रसोई भी नष्ट होने की कगार पर हैं। 7 लाख पेड़ कटने और धमाकों से राम के पदचिन्ह भी मिट जाएंगे।

राम-सीता के पद चिन्ह पर संकट

हसदेव के नए कोल ब्लॉक की अनुमति ने भगवान राम और माता सीता की निशानियों को खतरे में डाल दिया है। भगवान राम ने वन गमन के दौरान लंबा समय छत्तीसगढ़ में बिताया है। यहां राम के आगमन के कई चिन्ह मौजूद हैं। सीता जहां भोजन पकाती थीं वो स्थान भी है।

यह कोल ब्लॉक रामगढ़ की पहाड़ियां, प्राचीन नाट्यशाला, सीता गुफा, जानकी रसोई और प्रभु श्री राम के वन गमन पथ की पुण्य स्मृतियों को मिटा देगा। कहा जा रहा है कि अडानी के आर्थिक लाभ के लिए इन ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को संकट में डाला जा रहा है।

लंग्स ज़ोन में है कोयला खदान

छत्तीसगढ़ सरकार ने केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइनिंग और पिट हेड कोल वॉशरी परियोजना के लिए 1742.60 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वन उपयोग में बदलने की परमीशन दी है।

राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास भेजा गया, अब केंद्र ने भी अनुमति दे दी। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही 7 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो गया। यह वही इलाका है जिसे सेंट्रल इंडिया का “लंग्स ज़ोन“ कहा जाता है।

कांग्रेस ने जताया विरोध

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बीजेपी सरकार छत्तीसगढ़ को अडानीगढ़ बनाने पर तुली हुई है। सरकार के अडानी परस्त नीतियों से हसदेव अरण्य के घने जंगलों पर संकट उत्पन्न हो गया है।

मोदी के मित्र अडानी के मुनाफे के लिए सरगुजा रेंज के केते एक्सटेंशन की खुदाई अडानी को देने के लिए इस सरकार ने अनुमति दी है। अडानी का नाम भगवान राम से भी बड़ा हो गया है।

प्रभु राम और सीता की पावन स्मृतियों को मिटाया जा रहा है। वंदना राजपूत ने कहा कि हसदेव अरण्य का यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची का भाग है, जहां नई खदान स्थापित करने का लगातार विरोध स्थानीय आदिवासियों के द्वारा किया जा रहा है। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को कुचल रही है।

390
390


छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन शुरू

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के साथ कई गांवों के आदिवासी समुदाय के लोग लगातार आंदोलित हैं। अति महत्वपूर्ण जैव विविधता संपन्न क्षेत्र में खनन से जंगल, जल स्रोत और उनकी परंपरागत आजीविका पर गहरा असर होगा। हाथियों और अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा और बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा, इस मुद्दे पर महीनों से आंदोलन चल रहा है, कई ग्राम सभाओं ने विरोध प्रस्ताव भी पारित किये, लेकिन सरकार में किसी की सुनवाई नहीं है।

निष्कर्ष

जानकर कहते हैं कि इससे पर्यावरण पर बड़ा संकट पैदा होगा। भगवान राम के वन गमन पथ पर पड़े भगवान के पदचिन्हों के साथ आदिवासियों के देवी देवता भी वन में स्थापित हैं। ऐसे में इन सब पर संकट आ गया है। सरकार को विकास के लिए कुछ तो सीमा रेखा खींचनी होगी।

FAQ

  1. कौन‑कौन सी जगहें खतरे में हैं?
    राम वन गमन पथ, सीता गुफा, जानकी रसोई, रामगढ़ की पहाड़ियां और प्राचीन नाट्यशाला अडानी के कोल ब्लॉक से खतरे में हैं। लगभग 7 लाख पेड़ कटेंगे और पौराणिक स्मृतियां मिटने की कगार पर हैं।
  2. पेड़ कटने से क्या असर होगा?
    जंगल, जल स्रोत और जैव विविधता प्रभावित होगी। हाथियों और अन्य वन्य जीवों का आवास नष्ट होगा। आदिवासी समुदाय की परंपरागत आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
  3. विरोध और राजनीतिक रुख क्या है?
    स्थानीय आदिवासी और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन विरोध में हैं। कांग्रेस ने कहा कि सरकार अडानी के मुनाफे के लिए पौराणिक और प्राकृतिक स्मृतियों को खतरे में डाल रही है।

यह खबरें भी पढ़े...

भगवान राम के वनवास से जुड़ा प्राचीन मंदिर और आस्था का केंद्र, जानिए पूरी कहानी

इस एक ही धाम में हो जाते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, भगवान राम ने स्थापित किया था यह चमत्कारी मंदिर

हसदेव कटाई प्रस्ताव पर केंद्र की समिति को भेजी आपत्ति, कोल ब्लॉक से तबाह हो जाएगा पूरा इकोसिस्टम’

हसदेव जंगल: राजनीति के आगे विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव भी बेबस

Tags:
  • भगवान राम
  • कोयला खदान
  • कोल ब्लॉक
  • अडानी
  • हसदेव
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती