आरटीआई छत्तीसगढ़: सरकारी कर्मचारियों के निजी दस्तावेज नहीं होंगे सार्वजनिक
Aishwarya Dwivedi | Jul 16, 2026, 22:57 IST
RTI और कर्मचारियों की प्राइवेसी पर हाई कोर्ट का फ़ैसला
बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए सरकारी कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे निजी दस्तावेजों को आरटीआई के तहत सार्वजनिक करने पर रोक लगा दी है।
समझें क्या है पूरा मामला
निजी दस्तावेज नहीं होंगे सार्वजनिक
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को व्यक्तिगत श्रेणी में रखा है। इसमें सरकारी कर्मचारी का जाति प्रमाण पत्र शामिल है। इसके साथ ही निवास प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता के कागजात भी इसमें आएंगे। नियुक्ति के समय दिया गया हलफनामा और सर्विस रिकॉर्ड भी अब पूरी तरह गोपनीय रहेगा। कोर्ट ने कहा कि यह सब कर्मचारी की निजी जिंदगी का हिस्सा है।
पटवारी की याचिका पर आया फैसला
क्राइम फ्री इंडिया फोर्स (Crime Free India Force) नाम के संगठन ने आरटीआई के तहत आवेदन लगाया था। यह आवेदन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) सह जन सूचना अधिकारी के सामने पेश किया गया था। इस आवेदन में पटवारी रामनाथ सिंह के सभी निजी दस्तावेज मांगे गए थे। संगठन ने उनके निवास, जाति प्रमाण पत्र और सर्विस रिकॉर्ड की कॉपियां मांगी थीं।
आरटीआई छत्तीसगढ़
कर्मचारी ने जताई थी आपत्ति
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि मांगे गए दस्तावेज पूरी तरह से व्यक्तिगत हैं। इन दस्तावेजों का किसी भी सार्वजनिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। इससे कोई व्यापक जनहित भी नहीं जुड़ा है। पटवारी ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया था।
कोर्ट ने जन सूचना अधिकारियों को दिए निर्देश
अदालत ने माना कि सरकारी नौकरी में आने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति की निजता खत्म हो जाए। किसी भी नागरिक की तरह सरकारी कर्मचारी को भी गोपनीयता का अधिकार है। सूचना के अधिकार कानून का इस्तेमाल किसी की निजी जिंदगी में तांक-झांक के लिए नहीं किया जा सकता। इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
FAQ
- हाईकोर्ट ने आरटीआई को लेकर क्या बड़ा फैसला दिया है?
उत्तर: हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकारी कर्मचारियों के जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक दस्तावेज और सर्विस रिकॉर्ड जैसी निजी जानकारियां आरटीआई के तहत सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। - आरटीआई (RTI) के तहत कर्मचारियों की निजता की सुरक्षा के मामले में छत्तीसगढ़ के किस जिले की तहसील का मामला देश भर में चर्चा में आया?
उत्तर: यह मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की लैलूंगा तहसील का है। यहाँ पदस्थ पटवारी रामनाथ सिंह ने अपने व्यक्तिगत दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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