सचिन तेंदुलकर ने मारे बॉलीवाल में पंच, बच्चों से बोले क्रिकेट ही नहीं दूसरे खेल भी खेलो
Harrison Masih | Apr 22, 2026, 20:22 IST
sachin-tendulkar-dantewada-visit-bastar-inspiration
दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव में बुधवार का दिन खास बन गया, जब क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर खुद बच्चों के बीच पहुंचे। तेंदुलकर फाउंडेशन और माणदेशी फाउंडेशन ने मिलकर यहां एक आधुनिक मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड बनाया है।
दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार गांव में बुधवार का दिन यादगार बन गया, जब क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर यहां पहुंचे। कभी चुनौतियों और सीमित संसाधनों के लिए पहचाने जाने वाले इस इलाके में अब बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है। गांव के बच्चे, युवा और स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने, जिनके चेहरे पर उत्साह और उम्मीद साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माणदेशी फाउंडेशन द्वारा तैयार किए गए आधुनिक मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया गया। यहां क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी और अन्य खेलों के लिए सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे बच्चों को अब बड़े शहरों जैसी बुनियादी खेल सुविधाएं अपने गांव में ही मिल सकेंगी। इस पहल का उद्देश्य है कि प्रतिभाशाली बच्चे संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रह जाएं।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा वह रहा जब सचिन तेंदुलकर खुद मैदान में उतरे और बच्चों के साथ खेलों में हिस्सा लिया। रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे खेलों में बच्चों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। सचिन ने बच्चों के साथ हंसी-मजाक किया, उनका उत्साह बढ़ाया और हर छोटे प्रयास की सराहना की। यह पल बच्चों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था, जिस खिलाड़ी को वे टीवी पर देखते थे, वही आज उनके साथ खेल रहा था। इस अनुभव ने बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और नई ऊर्जा भर दी।
बच्चों से बातचीत करते हुए सचिन ने साफ कहा कि खेल सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने समझाया कि अलग-अलग खेल खेलने से शरीर के साथ-साथ दिमाग का भी विकास होता है। वॉलीबॉल, कबड्डी या दौड़ जैसे खेल टीमवर्क, रणनीति और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करते हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपनी रुचि के अनुसार खेल चुनें और उसमें लगातार अभ्यास करें। उनका मानना है कि बहुआयामी खेल अनुभव से ही एक बेहतर खिलाड़ी और मजबूत व्यक्तित्व तैयार होता है।
अपने अनुभव साझा करते हुए सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने बच्चों को सफलता का असली मंत्र भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा महत्वपूर्ण है, लेकिन बिना अनुशासन और मेहनत के वह अधूरी रह जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन में कोई शॉर्टकट नहीं होता, जो लोग लगातार मेहनत करते हैं और अपने लक्ष्य पर टिके रहते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। सचिन ने छात्रों को पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने की भी सलाह दी, ताकि वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
इस पहल को आगे बढ़ाते हुए फाउंडेशन ने योजना बनाई है कि बस्तर के करीब 50 गांवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों को भी समान अवसर मिलें। इन मैदानों के जरिए स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का रास्ता खुलेगा। यह पहल आने वाले समय में बस्तर को खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला सकती है।
सचिन ने बच्चों को संबोधित करते हुए बेहद भावुक अंदाज में कहा कि यहां के बच्चे “अनकट हीरे” की तरह हैं। उन्होंने कहा कि जैसे हीरे को तराशने पर उसकी असली चमक सामने आती है, वैसे ही सही मार्गदर्शन और मेहनत से ये बच्चे भी देश और दुनिया में नाम रोशन कर सकते हैं। उनके शब्दों ने बच्चों के मन में एक नई उम्मीद और विश्वास पैदा किया कि वे भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं।
पूरा कार्यक्रम उत्साह और खुशी से भरा रहा। बच्चों ने न सिर्फ खेलों में भाग लिया, बल्कि सचिन के साथ खास पल भी बिताए। उनके आगामी जन्मदिन को लेकर बच्चों ने अग्रिम केक काटा, जिससे माहौल और भी खास हो गया। जन्मदिन मुबारक के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। यह आयोजन बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया, जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।
छिंदनार में हुआ यह आयोजन सिर्फ एक खेल मैदान के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बस्तर के बच्चों के दिलों में नए सपनों की नींव रख दी। अब यहां के युवा खेल को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अपने भविष्य के रूप में भी देखने लगे हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा, अवसर और प्रेरणा मिल जाए, तो किसी भी क्षेत्र के बच्चे बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।
CG News: जगदलपुर पहुंचे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, सीएम साय का बस्तर दौरा रद्द
अचानकमार टाइगर रिजर्व दौरे पर पहुंचा तेंदुलकर का परिवार, आदिवासी बच्चों और ग्रामीणों से की मुलाकात
दंतेवाड़ा के मैदान पर सचिन तेंदुलकर का जलवा; सीएम विष्णु देव साय की मौजूदगी में होगा खास मुकाबला
कौन हैं सानिया चंडोक जो बनने जा रही हैं सचिन तेंदुलकर की बहू
मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन
बच्चों के साथ खेले, बढ़ाया हौसला
हर खेल जरूरी, सिर्फ क्रिकेट नहीं
मेहनत और अनुशासन ही सफलता की कुंजी
50 गांवों में बनेंगे ऐसे मैदान
“अनकट हीरे” हैं यहां के बच्चे
खुशी और उत्साह से भरा रहा आयोजन
नई उम्मीदों और सपनों की उड़ान
ये खबरें भी पढ़ें...
अचानकमार टाइगर रिजर्व दौरे पर पहुंचा तेंदुलकर का परिवार, आदिवासी बच्चों और ग्रामीणों से की मुलाकात
दंतेवाड़ा के मैदान पर सचिन तेंदुलकर का जलवा; सीएम विष्णु देव साय की मौजूदगी में होगा खास मुकाबला
कौन हैं सानिया चंडोक जो बनने जा रही हैं सचिन तेंदुलकर की बहू
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman