संगीता सिन्हा बनी छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष, 10 साल बाद हुआ संगठन में बदलाव

Arun Tiwari | May 04, 2026, 18:17 IST
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संगीता सिन्हा को छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस निर्णय के साथ ही पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। लंबे समय से चली आ रहे विचार विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है।

Raipur. छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस को नई अध्यक्ष मिल गई हैं। विधायक संगीता सिन्हा को महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कमान सौंपी गई है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने यह अधिकृत घोषणा की। संगीता सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की समर्थक मानी जाती हैं। पिछले पांच महीने से यह फैसला टल रहा था। सभी नेताओं की आपसी सहमति के बाद संगीता के नाम की घोषणा कर दी गई। पिछले 10 साल से फूलोदेवी नेताम महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष थीं।



छन्नी साहू और संगीता में फंसा था पेंच :

महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष के पद पर छन्नी साहू और संगीता सिन्हा के बीच पेंच फंसा था। पांच महीने बाद इस पद पर फैसला हो पाया। जनवरी में नई दिल्ली में महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा की मौजूदगी में पांच वरिष्ठ महिला नेताओं अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, छन्नी साहू, ममता चंद्राकर और तुलिका कर्मा ने अपनी दावेदारी पेश की थी।



इसके बाद कई दौर की चर्चा भी हुई लेकिन अंतिम नाम पर सहमति नहीं बन सकी। मामला दो प्रमुख दावेदारों के बीच सिमट गया। पार्टी के एक धड़े का समर्थन छन्नी साहू को मिल रहा था, जबकि दूसरे खेमे में संगीता सिन्हा का नाम मजबूत बताया जा रहा था।। खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थकों द्वारा संगीता सिन्हा की दावेदारी को बल मिल रहा था। ऐसे में यह फैसला करने में इतना वक्त लग गया।



Sangeeta Sinha


फूलोदेवी नेताम थीं अध्यक्ष :

महिला कांग्रेस की कमान फूलोदेवी नेताम के पास थी। लेकिन उनके राज्यसभा सदस्य बनने और संगठनात्मक जिम्मेदारियों से हटने की पेशकश के बाद स्थिति कुछ असमंजसपूर्ण हो गई । नेतृत्व के अभाव का असर संगठन की सक्रियता पर साफ देखा जा रहा था। कई पदाधिकारी निष्क्रिय हो गए, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ कमजोर होती नजर आई।



इस बीच राजनीतिक दबाव भी लगातार बढ़ रहा था। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बाद महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उभरा। ऐसे में बीजेपी का निशाना कांग्रेस पर आ गया। फूलोदेवी नेताम 2016 में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं थीं। 2023 में उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की थी।



चुनावी तैयारियों के तहत नियुक्ति :

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी तैयारियों के तहत यह नियुक्ति की गई है। इसका सीधा असर आगामी चुनावी तैयारियों पर पड़ेगा। महिला कांग्रेस संगठन की मजबूती पार्टी के लिए अहम मानी जाती है। खासकर तब जब महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा हो। इन सब बातों को ध्यान में रख पार्टी ने संगीता सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी।



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