माला पहनाने पर महिला सरपंच का बहिष्कार : समाज में वापसी के लिए रखी शर्त
Umeshwari Baghel | Jul 04, 2026, 22:56 IST
महिला सरपंच के सामाजिक बहिष्कार पर बवाल
बलरामपुर में महिला सरपंच को कार्यक्रम में भाजपा नेता ने माला पहनाई। इसके बाद खैरबार समाज ने इसे मर्यादा के खिलाफ बताया और सरपंच परिवार का एक साल के लिए बहिष्कार कर दिया। समाज में वापसी के लिए बकरा-भात की शर्त रखी गई है।
समझें क्या है पूरा मामला
मामले में महिला सरपंच के परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। प्रशासन ने भी इस तरह के सामाजिक बहिष्कार को अनुचित बताया है।
कार्यक्रम में स्वागत के बाद शुरू हुआ विवाद
इसी घटना को लेकर विवाद शुरू हुआ। समाज के कुछ लोगों ने इसे अपनी सामाजिक मर्यादा के खिलाफ माना। उनका कहना था कि किसी पुरुष को महिला सरपंच को सार्वजनिक रूप से माला नहीं पहनानी चाहिए थी। समाज के लोगों के अनुसार नेता को माला हाथ में देकर सम्मान करना चाहिए था।
एक साल के बहिष्कार का फरमान
इस बहिष्कार के कारण परिवार मानसिक दबाव में है। महिला सरपंच के पति देवेंद्र खैरबार ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि समाज में इस तरह का फैसला परिवार को परेशान करने वाला है।
वापसी के लिए बकरा-भात की शर्त
परिवार का आरोप है कि जब तक यह शर्त पूरी नहीं होगी, तब तक समाज में उनकी वापसी नहीं होगी। इसी कारण पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पति ने भी जताई आपत्ति
हालांकि उन्होंने समाज के बहिष्कार के फैसले को लेकर नाराजगी भी जताई है। उनका कहना है कि ऐसी घटना पर बातचीत से समाधान निकल सकता था। पूरे परिवार को समाज से अलग करना उचित नहीं है।
प्रशासन ने बहिष्कार को बताया गलत
एसडीएम ने कहा कि माला पहनाने जैसी घटना के आधार पर सामाजिक बहिष्कार करना उचित नहीं है। प्रशासन इस मामले में आवश्यक कदम उठाएगा।
सामाजिक कुप्रथा पर फिर उठा सवाल
महिला सरपंच जनता की चुनी हुई प्रतिनिधि हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनका स्वागत सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे मामलों में सामाजिक दबाव और बहिष्कार जैसे फैसले महिलाओं की सार्वजनिक भूमिका को कमजोर कर सकते हैं।
फिलहाल जांच और समझाइश की तैयारी
इस मामले ने बलरामपुर जिले में सामाजिक परंपराओं और कानूनी अधिकारों के बीच टकराव को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन समझाइश से मामला सुलझाता है या आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है।
IMP FACTS
हरिगवां गांव की सरपंच मनबसिया बाई का बहिष्कार हुआ।
एक कार्यक्रम में भाजपा नेता ने उन्हें माला पहनाई थी।
खैरबार समाज ने इसे सामाजिक मर्यादा के खिलाफ माना।
समाज ने सरपंच परिवार को 1 साल के लिए बहिष्कृत किया।
समाज में वापसी के लिए बकरा-भात खिलाने की शर्त रखी गई।
परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
प्रशासन ने सामाजिक बहिष्कार को अनुचित बताया है।
FAQ
- महिला सरपंच का बहिष्कार क्यों किया गया?
कार्यक्रम में भाजपा नेता ने महिला सरपंच को माला पहनाई थी। समाज ने इसे मर्यादा के खिलाफ बताया। - समाज ने वापसी के लिए क्या शर्त रखी?
समाज ने वापसी के लिए बकरा-भात खिलाने की शर्त रखी है। - परिवार ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
सरपंच के परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। प्रशासन ने बहिष्कार को गलत बताया है।
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