SC में खुली अनवर ढेबर की पोल, फर्जी मेडिकल रिपोर्ट पर HC से ली थी बेल
Chattisgarh Liquor Scam : छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में बड़ा खुलासा हुआ है। घोटाले के आरोपी शराब कारोबारी अनवर ढेबर ने फर्जी मेडिकल रिपोर्ट दिखाकर हाईकोर्ट से बेल ले ली। अनवर ढेबर ने किडनी में समस्या बताकर हाईकोर्ट से बेल ली थी। जिस रिपोर्ट को अनवर ढेबर ने कोर्ट में बेल के लिए पेश किया था, उसी को आधार मानकर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था। बता दें कि, अनवर ढेबर इस वक्त जेल में बंद हैं।
जिस जमीन पर बसी थी कॉलोनी , वहीं उगा दी पटवारियों ने धान की फसल
अनवर के रिपोर्ट को EOW ने सुप्रीम कोर्ट में किया था चैलेंज
अनवर ढेबर के इस फर्जी मेडिकल रिपोर्ट को EOW ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई में पाया कि ये मेडिकल रिपोर्ट फर्जी थी। इसीलिए ढेबर को जमानत देना जायज नहीं है। ढेबर की मेडिकल रिपोर्ट सही है या गलत इसे साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बहस हुई। मामले में EOW ने रायपुर एम्स में भी रिपोर्ट की जांच कराई।
DGP और कलेक्टर पर भड़के जज, बोले-आप लोग कोई बॉलीवुड स्टार नहीं हो
DKS अस्पताल से ढेबर ने बनवाई फर्जी रिपोर्ट
एम्स की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अनवर ढेबर को किसी भी तरह की कोई बीमारी नहीं है। उन्हें किडनी में कोई समस्या नहीं है। EOW ने यह भी खुलासा किया कि ढेबर ने फर्जी रिपोर्ट DKS अस्पताल से बनवाई थी। उसमें लिखा था कि ढेबर को किडनी में समस्याएं हैं। मगर ये रिपोर्ट ही गलत पाई गई। यह तथ्य सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत कैंसिल करते हुए हाईकोर्ट को ये केस भेजा है। कहा है कि कि मेरिट में इसकी सुनवाई करें। मामले में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टर गैस्ट्रो सर्जन डॉ. प्रवेश शुक्ला को अस्पताल प्रबंधन ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
CG BREAKING : CA ने तहसीलदार को बीच बाजार मारा थप्पड़, देखें वीडियो
FAQ
- अनवर ढेबर ने हाईकोर्ट से जमानत कैसे ली, और फर्जी रिपोर्ट का खुलासा कैसे हुआ?
अनवर ढेबर ने हाईकोर्ट में किडनी की समस्या का दावा करते हुए फर्जी मेडिकल रिपोर्ट पेश की थी, जिसके आधार पर उन्हें जमानत मिली। बाद में EOW ने सुप्रीम कोर्ट में इस रिपोर्ट को चैलेंज किया और एम्स रायपुर की जांच में रिपोर्ट फर्जी पाई गई। - फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में कौन शामिल था, और क्या कार्रवाई हुई?
फर्जी मेडिकल रिपोर्ट DKS अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जन डॉ. प्रवेश शुक्ला ने तैयार की थी। इस खुलासे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। - सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या निर्णय दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी रिपोर्ट की पुष्टि के बाद अनवर ढेबर की जमानत रद्द कर दी। मामले को हाईकोर्ट भेजते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि केस की सुनवाई मेरिट के आधार पर की जाए।
पैसा डबल कराने का झांसा देकर 85 लाख की ठगी