आंगनबाड़ी प्रशिक्षण में घोटाला, 300 रुपये प्लेट भोजन में परोसा गया खराब खाना, पोषण अभियान पर सवाल
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ‘पोषण भी पढ़ाई भी’ अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण में गंभीर अनियमितता उजागर हुई है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और वेंडर ने मिलकर प्रति कार्यकर्ता 300 रुपये प्लेट के निर्धारित भोजन बजट में हेराफेरी की, जिसके चलते कार्यकर्ताओं को निम्न गुणवत्ता वाला भोजन परोसा गया।
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दल्लीराजहरा और गुरुर में खराब भोजन
जिले में चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण में दल्लीराजहरा परियोजना के 64 कार्यकर्ताओं को नाश्ते में केवल चाय और उपमा, जबकि दोपहर के भोजन में चावल, एक सब्जी, दाल, एक रोटी, एक पापड़ और सलाद के नाम पर खीरे के चार टुकड़े दिए गए। मीठे का नामोनिशान नहीं था।
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वहीं, गुरुर परियोजना में 240 कार्यकर्ताओं को भोजन में रोटी तक नहीं दी गई, और भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी। इसके विपरीत, बालोद मुख्यालय में 197 कार्यकर्ताओं को दाल, चावल, तीन सब्जियां, रोटी, सलाद और मीठा सहित पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भोजन की खराब व्यवस्था पर गहरा रोष जताया और जिम्मेदार अधिकारियों व वेंडर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित 300 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से भोजन की गुणवत्ता और मात्रा सुनिश्चित नहीं की जा रही।
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जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर अजय किशोर लाकड़ा ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला जिले में प्रशासनिक व्यवस्था और पोषण अभियान की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है।
FAQ
- बालोद जिले में आंगनबाड़ी प्रशिक्षण के दौरान भोजन को लेकर क्या अनियमितता सामने आई है?
बालोद जिले में आंगनबाड़ी प्रशिक्षण के दौरान 300 रुपये प्रति कार्यकर्ता के भोजन बजट के बावजूद खराब और निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसा गया। इससे पोषण अभियान की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। - दल्लीराजहरा और गुरुर परियोजनाओं में भोजन की स्थिति कैसी रही?
दल्लीराजहरा में नाश्ते में केवल चाय और उपमा दिया गया, जबकि दोपहर के भोजन में सीमित और खराब गुणवत्ता का खाना परोसा गया। गुरुर में 240 कार्यकर्ताओं को रोटी तक नहीं दी गई और भोजन की गुणवत्ता बहुत खराब थी। - इस घोटाले पर प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया रही है?
अपर कलेक्टर अजय किशोर लाकड़ा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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