स्कूल शुरू होने पर गुरु मंत्र, मध्यान्ह में भोजन मंत्र और छुट्टी होने पर गायत्री मंत्र बोलेंगे बच्चे
Arun Tiwari | Jun 13, 2026, 08:48 IST
स्कूलों में गूंजेंगे मंत्र
छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र से स्कूलों में रोज़ राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र अनिवार्य होंगे। दोपहर भोजन से पहले भोजन मंत्र और छुट्टी पर गायत्री व शांति मंत्र पढ़ना होगा। डीईओ करेंगे निगरानी, निजी स्कूलों पर भी लागू रहेगा।
Raipur : छत्तीसगढ़ सरकार ने नए शिक्षा सत्र से प्रदेश के सभी शासकीय और निजी विद्यालयों के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि अब सभी स्कूलों में प्रतिदिन नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत और सरस्वती वंदना का आयोजन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रार्थना सभा और विद्यालयीन गतिविधियों में कई अन्य पारंपरिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
विभाग के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। सरकार का मानना है कि नियमित रूप से इन गतिविधियों के आयोजन से बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और उनमें सामाजिक एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
प्रत्येक विद्यालय में दिन की शुरुआत प्रार्थना सभा से होगी। इस दौरान राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों को देश के महान नेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य महापुरुषों के जीवन, उनके आदर्शों और प्रेरणादायक प्रसंगों से भी परिचित कराया जाएगा, ताकि उनमें अच्छे संस्कार और प्रेरणादायक सोच विकसित हो सके।
स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था में भी एक नया प्रावधान जोड़ा है। आदेश के अनुसार भोजन शुरू करने से पहले सभी विद्यार्थी सामूहिक रूप से भोजन मंत्र का पाठ करेंगे। विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य भोजन के प्रति सम्मान, अनुशासन और भारतीय परंपराओं से जुड़ी सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना है।
इसी तरह विद्यालय की छुट्टी के समय भी निर्धारित कार्यक्रम का पालन करना अनिवार्य होगा। छुट्टी से पहले विद्यार्थियों द्वारा राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे दिन का समापन सकारात्मक वातावरण में होगा और विद्यार्थियों में सामूहिकता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि इन गतिविधियों का नियमित और व्यवस्थित संचालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाएगा। विभाग के अनुसार इससे बच्चों में राष्ट्रीय चेतना, अनुशासन, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय संस्कृति के प्रति आत्मीयता विकसित करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निगरानी तंत्र भी तय किया है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन हो रहा है।
निरीक्षण के दौरान यदि किसी विद्यालय में निर्धारित कार्यक्रमों का पालन नहीं पाया जाता है या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य या जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय और निजी विद्यालयों से अपेक्षा की है कि वे नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से ही इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सभी गतिविधियों का नियमित संचालन करें, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों का समग्र विकास हो सके।
छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में रोज़ प्रार्थना अनिवार्य
राष्ट्रगान, राज्यगीत, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र शामिल
दोपहर भोजन से पहले भोजन मंत्र पढ़ना जरूरी
छुट्टी के समय गायत्री और शांति मंत्र का पाठ होगा
निजी और सरकारी दोनों स्कूलों पर आदेश लागू, डीईओ करेंगे निगरानी
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छात्रों को राष्ट्रप्रेम और परम्परा ज्ञान
ऐसे होगी स्कूल की शुरूआत
दोपहर में भोजन मंत्र
छुट्टी के समय गायत्री मंत्र
सरकार का आदेश
डीईओ करेंगे निगरानी
निरीक्षण के दौरान यदि किसी विद्यालय में निर्धारित कार्यक्रमों का पालन नहीं पाया जाता है या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य या जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूलों में भी अनिवार्य
IMP FACT
राष्ट्रगान, राज्यगीत, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र शामिल
दोपहर भोजन से पहले भोजन मंत्र पढ़ना जरूरी
छुट्टी के समय गायत्री और शांति मंत्र का पाठ होगा
निजी और सरकारी दोनों स्कूलों पर आदेश लागू, डीईओ करेंगे निगरानी
FAQ
- क्या यह नियम सभी स्कूलों पर लागू होगा?
हां, सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में लागू रहेगा। - स्कूल की शुरुआत में क्या होगा?
राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का सामूहिक वाचन होगा। - भोजन के समय क्या नया नियम है?
मध्याह्न भोजन से पहले सभी छात्र भोजन मंत्र का पाठ करेंगे। - क्या नियम न मानने पर कार्रवाई होगी?
हां, डीईओ निरीक्षण करेंगे और लापरवाही पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
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