छत्तीसगढ़ के स्कूलों में नया नियम : पहाड़ा नहीं आया तो नपेंगे स्कूल प्रमुख
Umeshwari Baghel | Jul 04, 2026, 16:31 IST
पहाड़ा नहीं आया तो नपेंगे छत्तीसगढ़ के स्कूल प्रमुख
छत्तीसगढ़ में स्कूलों को पढ़ाई सुधारने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। 5वीं के बच्चों को 20 तक और 8वीं के विद्यार्थियों को 25 तक पहाड़ा याद कराना होगा। यूडाइस डाटा अपडेट नहीं होने पर प्राचार्यों पर कार्रवाई होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब पांचवीं के बच्चों को 20 तक और आठवीं के विद्यार्थियों को 25 तक का पहाड़ा याद करवाना अनिवार्य किया गया है। यह जिम्मेदारी स्कूलों के शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को दी गई है। तय समय में लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित प्राचार्य या संस्था प्रमुख पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
यूडाइस डाटा पर सख्ती
यूडाइस डाटा अब शासकीय योजनाओं से सीधे जुड़ गया है। इसी आधार पर विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें और अन्य लाभ दिए जाएंगे। यदि किसी पात्र बच्चे को योजना का लाभ नहीं मिलता है, तो इसकी जवाबदेही स्कूल प्रबंधन की होगी।
30 सितंबर तक समय
इस निर्देश का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड अपडेट करना नहीं है। प्रशासन चाहता है कि स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे की जानकारी सही तरीके से दर्ज हो। इससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र विद्यार्थियों तक पहुंच सकेगा।
पहाड़ा याद कराना जरूरी
इसके लिए शिक्षकों को नियमित अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में ब्लैकबोर्ड पर एक से सौ तक सीधी और उल्टी गिनती लिखी जाएगी। गणितीय पहाड़ा चार्ट भी लगाए जाएंगे। इससे बच्चों को रोज अभ्यास करने में मदद मिलेगी।
पढ़ाई के लक्ष्य तय
इन निर्देशों से साफ है कि प्रशासन अब केवल उपस्थिति या परीक्षा परिणाम पर निर्भर नहीं रहना चाहता। बच्चों की बुनियादी पढ़ाई और गणितीय समझ को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में नया नियम
स्वाद पंजी बनेगी
रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति खाद्य विभाग के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था बाधित नहीं होगी। विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, शिक्षकों की समय-सारणी और दैनिक डायरी भी व्यवस्थित रखने को कहा गया है।
प्रबंधन की जवाबदेही
कलेक्टर की सख्ती के बाद अब स्कूल प्रबंधन पर दबाव बढ़ेगा। खासकर उन स्कूलों में सुधार की उम्मीद है, जहां यूडाइस डाटा अधूरा है या बच्चों की बुनियादी पढ़ाई कमजोर है।
IMP FACTS
5वीं के बच्चों को 20 तक पहाड़ा याद कराना होगा।
8वीं के विद्यार्थियों को 25 तक पहाड़ा याद होना चाहिए।
यूडाइस डाटा अपडेट करना स्कूलों के लिए अनिवार्य है।
डाटा अपडेट नहीं होने पर योजनाओं का लाभ रुकेगा।
बच्चों को यूनिफॉर्म और किताबें यूडाइस आधार पर मिलेंगी।
लापरवाही मिलने पर प्राचार्य पर कार्रवाई हो सकती है।
स्कूलों को 30 सितंबर तक का समय दिया गया है।
पहली कक्षा के बच्चों को हिंदी पढ़ना सिखाया जाएगा।
छठवीं के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ने-लिखने योग्य बनाया जाएगा।
स्कूलों में पहाड़ा चार्ट लगाने के निर्देश दिए गए।
मध्यान्ह भोजन के लिए स्वाद पंजी अनिवार्य होगी।
क्यों जरूरी फैसला
इसीलिए प्रशासन ने बच्चों की सीखने की क्षमता को लक्ष्य बनाकर निर्देश जारी किए हैं। अब स्कूलों को केवल औपचारिक पढ़ाई नहीं, बल्कि बच्चों की वास्तविक समझ पर काम करना होगा।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में बच्चों को कितना पहाड़ा याद करना होगा?
5वीं के बच्चों को 20 तक पहाड़ा याद करना होगा। 8वीं के बच्चों को 25 तक पहाड़ा याद करना होगा। - स्कूलों को यूडाइस डाटा कब तक अपडेट करना होगा?
स्कूलों को 30 सितंबर तक यूडाइस डाटा अपडेट करना होगा। - लापरवाही होने पर किस पर कार्रवाई होगी?
यूडाइस डाटा या पढ़ाई में लापरवाही होने पर संस्था प्रमुख या प्राचार्य पर कार्रवाई हो सकती है।
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