ढाई महीने पहले रिटायर्ड इंजीनियर को भ्रष्टाचार केस में 5 साल की जेल

Marut raj | Mar 19, 2025, 10:12 IST
Two months ago retired engineer sentenced 5 years jail corruption case the sootr
एन्टी करप्शन ब्यूरो ने करीब 10 साल पहले 20 जुलाई 2015 को मनोज सिंह ठाकुर के घर पर छापेमार कार्रवाई की थी। इस दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर ही उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस चलाया गया।

Two months ago retired engineer sentenced 5 years jail corruption case : भ्रष्टाचार के केस में पिछले साल दिसंबर में रिटायर हुए कार्यपालन अभियंता (एसई) मनोज ठाकुर को 5 साल की सजा सुनाई गई है। एसीबी कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद उनके खिलाफ फैसला सुनाते हुए एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।



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दस साल पहले की गई थी छापामार कार्रवाई

विशेष लोक अभियोजक मिथिलेश वर्मा के अनुसार एन्टी करप्शन ब्यूरो ने करीब 10 साल पहले 20 जुलाई 2015 को मनोज सिंह ठाकुर के दीनदयाल उपाध्याय नगर स्थित मकान में छापेमारी की थी। इस दौरान लाखों के सोने-चांदी के जेवर, नगदी, महंगी गाड़ियां, बैंक पासबुक, बीमा पत्रक आदि के पेपर जप्त किए गए थे।



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एसीबी ने उसी आधार पर आरोपी मनोज सिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच की। लंबी जांच के बाद केस दर्ज किया। विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित हुए। इस आधार पर कोर्ट में चालान पेश किया गया।



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कोर्ट में विवेचना के दौरान भी एसीबी ने साबित किया कि आरोपी अफसर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। आरोपी ने अपने व परिजनों के नाम पर कुल 71 लाख 22 हजार रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ केस का फैसला सुनाया।



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FAQ

  1. कार्यपालन अभियंता मनोज ठाकुर को कितनी सजा सुनाई गई है और उन पर कितनी जुर्माना राशि लगी है ?
    कार्यपालन अभियंता मनोज ठाकुर को 5 साल की सजा सुनाई गई है और उन पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
  2. मनोज ठाकुर के खिलाफ छापेमारी कब की गई थी और क्या-क्या सामग्री जप्त की गई थी ?
    मनोज ठाकुर के खिलाफ 20 जुलाई 2015 को छापेमारी की गई थी, जिसमें लाखों के सोने-चांदी के जेवर, नगदी, महंगी गाड़ियां, बैंक पासबुक और बीमा पत्रक आदि जप्त किए गए थे।
  3. कोर्ट में जांच के दौरान क्या साबित हुआ और आरोपी के खिलाफ किस प्रकार का आरोप था ?
    कोर्ट में जांच के दौरान यह साबित हुआ कि मनोज ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी, जो कि 71 लाख 22 हजार रुपए थी।


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