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NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ के डीएसपी डायमंड सिंह ध्रुव ने UPSC परीक्षा में 623वीं रैंक हासिल की
- ST कैटेगरी के आधार पर उन्हें IPS मिलने की संभावना है
- डायमंड सिंह ध्रुव धमतरी के मगरलोड क्षेत्र के ग्राम परसवानी के निवासी हैं
- उन्होंने 2024 में CGPSC परीक्षा पास कर डीएसपी पद हासिल किया था
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की कुमारी दर्शना सिंह ने UPSC परीक्षा में 283वीं रैंक प्राप्त की
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ के डीएसपी ने हासिल की सफलता
छत्तीसगढ़ के डीएसपी डायमंड सिंह ध्रुव ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। उन्हें इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 623वीं रैंक मिली है।
अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) मिलने की संभावना जताई जा रही है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
CGPSC से बने थे डीएसपी
डायमंड सिंह ध्रुव छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने 2024 में CGPSC परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13वीं रैंक हासिल की थी।
डीएसपी कैटेगरी में उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद वे पुलिस विभाग में डीएसपी के रूप में पदस्थ हुए।
बिना कोचिंग के की UPSC की तैयारी
CGPSC में चयन के बाद भी डायमंड ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने दिल्ली में रहकर करीब ढाई वर्षों तक UPSC की तैयारी की। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी कोचिंग या एकेडमी को जॉइन नहीं किया और स्वयं अध्ययन के बल पर यह सफलता हासिल की।
धमतरी के छोटे से गांव से निकले
डायमंड सिंह ध्रुव (DSP Diamond Singh Dhruv) धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के ग्राम परसवानी के निवासी हैं।
उनके पिता स्वर्गीय बलराम सिंह सूर्यवंशी मगरलोड जनपद में करारोपण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। अप्रैल 2025 में उनका निधन हो गया था। वहीं उनकी माता अंबिका सूर्यवंशी एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।
बचपन से ही रहे मेधावी छात्र
डायमंड बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिशु मंदिर मगरलोड से प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने हाई स्कूल की पढ़ाई रायपुर के रेडियंट पब्लिक स्कूल माना से पूरी की। महज 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली ही कोशिश में CGPSC परीक्षा पास कर ली थी।
कुमारी दर्शना सिंह की उपलब्धि
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की निवासी कुमारी दर्शना सिंह ने UPSC परीक्षा में 283वीं रैंक हासिल कर IPS चयन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया। दर्शना सिंह नगर पंचायत पार्षद सीमा सिंह और अरुण सिंह की सुपुत्री हैं।
मेहनत और तैयारी
दोनों उम्मीदवारों ने बिना किसी कोचिंग या एकेडमी की मदद के दिल्ली में रहकर और आत्म-अध्ययन के माध्यम से UPSC की कठिन परीक्षा की तैयारी की। डायमंड सिंह ने लगभग ढाई साल तक तैयारी की, वहीं दर्शना सिंह ने लगातार मेहनत कर उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किया।
आगे क्या
UPSC की अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेवा आवंटन किया जाएगा। रैंक और कैटेगरी के आधार पर डायमंड सिंह ध्रुव और कुमारी दर्शना सिंह को IPS सेवा IPS मिलने की संभावना है।
निष्कर्ष
धमतरी और जनकपुर के ये दो युवा प्रतिभाशाली उम्मीदवार यह साबित करते हैं कि मेहनत, लगन और आत्म-अध्ययन से UPSC जैसी कठिन परीक्षा में भी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी उपलब्धियों ने राज्य और जिले का मान बढ़ाया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा प्रदान की है।
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