यूपीएससी 2025 रिजल्ट: तीसरे प्रयास में मिली बड़ी कामयाबी, अनुज अग्निहोत्री बन गए देश के नंबर-1 IAS

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के टॉपर अनुज अग्निहोत्री की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उन्होंने जोधपुर एम्स से एमबीबीएस करने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने की बजाय आईएएस बनने की राह चुनी। इसमें वह ऑल इंडिया टॉपर बनकर उभरे।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 परिणाम में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया।
  • अनुज ने रावतभाटा से अपनी शिक्षा प्राप्त की और एम्स जोधपुर से एमबीबीएस की डिग्री ली।
  • अनुज ने डॉक्टर की जगह आईएएस की राह चुनी और केवल दो साल में सफलता हासिल की।
  • अनुज ने राजस्थान से होते हुए हरियाणा कैडर को प्राथमिकता दी है।
  • अब अनुज अग्निहोत्री मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में ट्रेनिंग शुरू करेंगे।

News In Detail

Kota: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम जारी कर दिए हैं। देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा में राजस्थान के हाड़ौती अंचल ने अपना परचम लहराया है। 
रावतभाटा के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में टॉप किया है। ​एक डॉक्टर से देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी बनने तक का अनुज का यह सफर न केवल दिलचस्प है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का नया स्रोत भी बन गया है।

​स्टेथोस्कोप छोड़ पकड़ी आईएएस की राह

​अनुज अग्निहोत्री की सफलता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। रावतभाटा की गलियों में पले-बढ़े अनुज की शुरुआती शिक्षा वहीं के स्थानीय स्कूल से हुई। मेधावी छात्र होने के नाते उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र को चुना और जोधपुर के एम्स से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की।

साल 2023 में जब उन्होंने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की, तब उनके सामने एक सुरक्षित और शानदार करियर तैयार था। लेकिन, अनुज की आंखों में समाज सेवा का कैनवास इससे कहीं बड़ा था। उन्होंने 'सिस्टम के इलाज' का संकल्प लिया और दिल्ली की इस सबसे कठिन परीक्षा की ओर रुख किया। अनुज ने मात्र दो साल की एकाग्रता से इतिहास रच दिया।

तीसरे प्रयास में बने टॉपर

अनुज ने एमबीबीएस पूरी करने के साथ ही 2023 में पहली बार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा दी। इसमें वे कामयाब भी हो गए। वे दिल्ली में एसडीएम बने। हालांकि, उन्होंने अपनी रैंक सुधारने के लिए दूसरी बार प्रयास किया। लेकिन, वे इंटरव्यू में रह गए। तीसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और टॉपर बनकर सामने आए। 

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केंद्रीय स्कूल में की पढ़ाई

अनुज के पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान में रावतभाटा के परमाणु बिजली घर में सेवारत हैं। मां मंजू अग्निहोत्री हाउसवाइफ हैं। अनुज की स्कूली शिक्षा रावतभाटा में केंद्रीय स्कूल से हुई है। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एमबीबीएस की तैयारी की। एमबीबीएस के लिए उनका चयन जोधपुर एम्स में हुआ। अनुज का सपना देश की प्रतिष्ठित सेवा सिविल सर्विस मं जाने का था। टॉपर बनने के साथ उनका यह सपना पूरा हो गया।

​राजस्थान का बेटा, लेकिन हरियाणा को दी प्राथमिकता

​अनुज की सफलता में एक रोचक तथ्य यह भी है कि राजस्थान से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने अपनी सेवा के लिए हरियाणा कैडर को प्राथमिकता दी है। उनकी इस पसंद के पीछे प्रशासनिक चुनौतियों को नए सिरे से समझने और अलग भौगोलिक क्षेत्र में काम करने की ललक मानी जा रही है। कोटा के कोचिंग हब के रूप में पहचान रखने वाले इस क्षेत्र ने अब देश को उसका 'प्रशासनिक सिरमौर' भी दे दिया है।

​कैसे मिली यह ऐतिहासिक सफलता

अनुज ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, निरंतरता और सही मार्गदर्शन को दिया है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद से ही कोटा और रावतभाटा में उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अग्निहोत्री का कहना है, यह केवल मेरी जीत नहीं है, बल्कि मेरे परिवार के धैर्य और गुरुओं के विश्वास की जीत है। चिकित्सा की पृष्ठभूमि ने मुझे धैर्य सिखाया, जो यूपीएससी के सफर में सबसे ज्यादा काम आया।

अग्निहोत्री की मसूरी में होगी ट्रेनिंग

अनुज अग्निहोत्री अब जल्द ही मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में अपनी ट्रेनिंग शुरू करेंगे। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो मंजिल चाहे कितनी भी ऊंची क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। 

भविष्य के उम्मीदवारों के लिए अनुज के 3 मंत्र

​कंसिस्टेंसी (निरंतरता): रोज पढ़ना जरूरी है, भले ही आप 4 घंटे ही पढ़ें।

​सिलेबस पर पकड़: यूपीएससी के सिलेबस को दीवार पर चिपका लें, उससे बाहर कुछ न पढ़ें।

​खुद पर विश्वास: अगर आप एम्स जैसे संस्थान में जा सकते हैं, तो आप आईएएस भी बन सकते हैं।

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