गर्भकाल : विष्णु देव साय- सुशासन के 9 महीने

The Sootr | Sept 10, 2024, 08:39 IST
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Vishnu Deo Sai - 9 months of good governance
Vishnu Deo Sai - 9 months of good governance

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 13 सितंबर 2024 को सरकार के कार्यकाल के 9 माह पूरे हो जाएंगे। कैसा रहा सरकार का गर्भकाल, 09 महीने में कितने कदम चली सरकार, द सूत्र लेकर आया है पूरा एनालिसिस... आज पढ़िए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार मनोज बघेल का विशेष आलेख...

मनोज बघेल@रायपुर



छत्तीसगढ़ राज्य की विष्णु देव साय सरकार ने सफलता और विश्वास का जो कीर्तिमान गढ़ा है वो देश के अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय हो गया है। साय सरकार के ये 9 महीने छत्तीसगढ़ में सुशासन का पुनरोदय साबित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटी को रिकॉर्ड समय में पूरा करके प्रदेश के मुखिया ने की जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता और भी बढ़ा ली हैं। अपने किए गए वादों को पूरा करने में अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देने वाली प्रदेश की सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवाओं के हित में बड़े फैसले लिए हैं।



वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर 12 हजार 168 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी थी।




राज्य के किसानों को 2 साल के बकाया धान बोनस के रूप में 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया गया , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की गई इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने के निर्णय का क्रियान्वयन किया जा रहा है, राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है इन क्षेत्रों में लोगों की बेहतरी के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है।

द सूत्र सर्वे लिंक

https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSftIAj18ug0a7uD10Q2VqbIt1vwfnNHBajg9vKtLiTDXrzS9w/viewform

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी कई योजनाओं के क्रियान्वयन पर काम किया जा रहा है, राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है।

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान श्री रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है,राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। जिससे 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहक लाभान्वित हुए हैं, बोनस लाभ के साथ इनके लिए राज्य सरकार फिर से चरण पादुका योजना शुरू करने जा रही है।



फिर से शुरू की गई है लोकतंत्र सेनानियों के लिए सम्मान निधि। पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं के निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए आयोग का गठन किया गया है इस परीक्षा में हुए घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप कर युवाओं के हितों की रक्षा की जा रही है। राज्य की 5 शक्तिपीठों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है। ग्रामीण घरों को नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

राज्य में युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण के साथ उद्यम क्रांति योजना शुरू की जा रही है। सड़क, रेल और हवाई यातायात की सुविधाओं के विस्तार पर तेज़ी से काम किया जा रहा है।34 सौ करोड़ रुपए के बजट के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लेकर अपनी संवेनशीलता का परिचय दिया है।

500 करोड़ रुपए के बजट में प्. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना में योग्य हितग्राहियों को प्रति वर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाने की योजना है। राज्य की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए पुराने व्यापक स्वरूप में राजिम कुंभ कल्प शुरू किया गया है। बस्तर में प्राचीन काल से चले आ रहे अनेक ऐतिहासिक मेलों को भी शासकीय संरक्षण और सहायता दी जा रही है। रायपुर को आईटी हब बनाया जा रहा है।राज्य में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

राज्य के दो बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बिलासपुर (सिम्स) में भवन के विस्तार और सुविधाओं के विकास का काम शुरू कर दिया गया है।राज्य में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है।

आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की स्थापना की जाने की भी योजना है।राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के विकास के लिए विस्तृत योजनाबनाई जा रही है। औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है।

इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ आयोजित करने के लिए बजट में पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता के लिए खनिज परिवहन में ऑनलाइन ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था फिर से प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं से परामर्श करने तथा देश और दुनिया में चल रहे बेस्ट प्रैक्टिस को राज्य की परिस्थिति के अनुरूप लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन किया जा रहा है।



छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना पर काम करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समय-समय पर समीक्षा बैठक लेते हैं, अधिकारियों को ताकीद कर दी गई है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें और आम नागरिकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए संवेदनशील होकर काम करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है।





लेखक वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज 24 चैनल के डायेक्टर हैं,यह उनके निजी विचार हैं



ताजा अपडेट के लिए देखते और पढ़ते रहिए द सूत्र....

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