छत्तीसगढ़ में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर हुई 20 फीसदी, देश में यह सर्वश्रेष्ठ, 155 महिला प्रत्याशियों में से 18 ने मारी बाजी
Chandresh Sharma | Dec 04, 2023, 24:00 IST
छत्तीसगढ़ में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर हुई 20 फीसदी, देश में यह सर्वश्रेष्ठ, 155 महिला प्रत्याशियों में से 18 ने मारी बाजी
छत्तीसगढ़ चुनाव में इस बार कुल 1178 प्रत्याशी में 155 महिला प्रत्याशी चुनावी मैदान में थीं। लेकिन इनमें से केवल 18 महिला प्रत्याशियों यानि केेवल 11.61 फीसदी महिलाओं ने जीत दर्ज की।
गंगेश द्विवेदी, RAIPUR. छत्तीसगढ़ चुनाव में इस बार कुल 1178 प्रत्याशी में 155 महिला प्रत्याशी चुनावी मैदान में थीं। लेकिन इनमें से केवल 18 महिला प्रत्याशियों यानि केेवल 11.61 फीसदी महिलाओं ने जीत दर्ज की। वहीं 90 सीटों में देखा जाए तो यह प्रतिशत बढ़कर 20 फीसदी हो गया जो देश की 19 विधानसभाओं में सर्वश्रेष्ठ है। जीतने वाली महिला प्रत्याशियों में 8 बीजेपी और 10 कांग्रेस की महिला प्रत्याशी शामिल हैं। 2018 के चुनाव में 90 में से 13 महिलाएं जीतकर विधानसभा पहुंची थी। वहीं तीन उप चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थी। इस तरह 2023 के विस चुनाव से पहले प्रदेश में महिला विधायको की संख्या 16 थी। यानि पिछली बार यह प्रतिशत 17. 77 था यह देश के 19 विधानसभाओ में महिला विधायकों के औसत 8.2 फीसदी से दोगुना था। इस बार 2.22 प्रतिशत का और इजाफा हुआ है।
कांग्रेसकी 55.55 फीसदी महिला उम्मीदवार जीती
कांग्रेस ने इस बार 18 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया था इसमें से 10 प्रत्याशी चुनाव जीत पाई। बाकी 8 प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने टिकट वितरण से पहले 22 सीटों यानी 33% सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारने की घोषणा की थी। लेकिन केवल 20 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया। इनमें से दो महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने उपचुनाव में जीत हासिल की थी। उन्होंने अपनी जीत को बरकार रखा है। सावित्री मनोज मंडावी- भानुप्रतापपुर और यशोदा नीलांबर वर्मा- खैरागढ़ से अपनी सीट को बचाए रखने में कामयाब रही। वहीं एकमात्र महिला मंत्री अनिला भेंडिया ने भी अपने निकटतम प्रतिद़वंदी कांग्रेस से भाजपा में गए देवलाल ठाकुर को अच्छे अंतर से पराजित किया।
बीजेपी की 53 फीसदी महिला उम्मीदवार ने दर्ज की जीत
भाजपा ने 90 सीटों में से 15 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारा था। इसमें से आठ यानी करीब 53 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज करके आई। भाजपा ने 5 सांसदों में से एक मात्र महिला सांसद को टिकट दिया था। भरतपुर सोनहत से रेणुका सिंह के मुकाबले कांग्रेस के विधायक गुलाब कमरो थे। रेणुका पर बाहरी प्रत्याशी होने का आरोप लगा लेकिन इसके बावजूद 4919 मतों से अपने निकटतम प्रतिद़वद़वी को पराजित किया। इसी तरह पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहनमरकाम को 18 हजार 572 वोटों से पराजित कर अपनी पिछली हार का बदला ले लिया। उद्धेश्वरी पैकरा ने सामरी में कांग्रेस के प्रत्याशी विजय पैकरा को 13943 मतों से पराजित किया। रायमुनी भगत ने जशपुर अपने निकटतम प्रतिद़वंद़वी विनय भगत को 17645 मतों से पराजित किया।
महिला के मुकाबले महिला
प्रतापपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की फ्रेश कैंडीडेट शकुंतला सिंह पोर्ते के मुकाबले कांग्रेस की फ्रेश कैंडीडेट राजकुमारी मरावी थी। शकुुंतला पोर्ते ने 11708 मतों से जीत दर्ज की। विद्यावती सिदार ने लैलूंगा मेंं भाजपा की महिला प्रत्याशी सुनीति राठिया से 3217 मतों से जीत हासिल की। संजारी बालोद से भाजपा के राकेश कुमार यादव के अलावा चार और महिला उम्मीदवार भी मैदान में थी। कांग्रेस की महिला उम्मीदवार संगीता सिन्हा ने भाजपा प्रत्याशी राकेश यादव को 17046 मतों से पराजित किया। वहीं निर्दलीय महिला प्रत्याशी मीना सत्येंद्र साहू 27169 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रही। शबनम रानी गाैर (1287)और भगवती साहू (767)ने बहुत कम मत प्राप्त किए। सराईपाली में कांग्रेस की चतुरीनंद के मुकाबले भाजपा की महिला प्रत्याशी सरला कोसरिया को 41888 मतों से पराजित कर दिया।
रमन की भांजी जीती, भांजे की महिला प्रत्याशी के हाथाें पराजय
भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की भांजी भावना वोहरा ने पंडरिया से अपने निकटतम प्रतिद़वंद़वी कांग्रेस के नील चंद्रवंशी को 26398 वोटों के अंतर से पराजित किया। कांग्रेस प्रत्याशी ने इस सीट पर भीतरघात होने का आरोप लगाया था। जिसमें कवर्धा जिला अध्यक्ष ने युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सहित 10 लोंगों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया था। लेकिन रातोरात निष्कासन बहाल कर कांग्रेस ने कवर्धा जिला अध्यक्ष को राज्य नेतृत्व को जानकारी दिए बगैर कार्रवाई करने के आरोप में नोटिस थमा दिया था। इधर रमन सिंह के भांजें विक्रांत सिंह खैरागढ़ सीट से उपचुनाव में जीतने वाली महिला विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा से 5634 मतों से पराजित हो गए।
सबसे बड़ी जीत लक्ष्मी राजवाड़े और सबसे छोटी गोमती साय की
महिला प्रत्याशियों में सर्वाधिक मतों से जीतने वाली उम्मीदवार- भटगांव से भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी राजवाड़े ने कांग्रेस के प्रशांत राजवाड़े को 43962 मतों से पराजित किया। वहीं पत्थलगांव सीट से गोमती साय ने कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री रामपुकार सिंह को केवल 255 वोटों से पराजित किया । हर्षिता स्वामी बघेल(कांग्रेस) ने डोंगरगढ़ सीट से भाजपा के विनोद खांडेकर को 14367 मतों से पराजित किया। कांग्रेस की कविता प्राण लाहरे ने बिलाईगढ़ सीट से भाजपा के डॉ दिनेश लाल जांगडे को 17939 मतों से पराजित किया। कांग्रेस की अंबिका मरकाम ने: सिहावा सीट से भाजपा के श्रवण मरकाम को 13166 मतों से पराजित किया।
बेहद दिलचस्प रही सावित्री मंडावी की जीत
पति मनोज मंडावी की मौत के बाद भानूप्रतापुर उपचुनाव में जीत कर आई साबित्री मंडावी के खिलाफ भाजपा से गौतम उइके थे। वहीं आमआदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी और पिछले उपचुनाव में सर्व आदिवासी समाज के उम्मीदवार रिटायर्ड आईपीएस अकबर राम कोर्राम को मैदान में थे। हुपेडी और कोर्राम की मौजूदगी से मुकाबला चतुष्कोणिय लग रहा था। लेकिन उन्होंने इस सभी को पछाड़कर 30932 मतों से जीत हासिल की। उपचुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी अकबर राम कोर्रम को 23,417 वोट मिले थे।इस बार पार्टी गठन के बाद हमर राज पार्टी से वे प्रत्याशी थे लेकिन उनको 3217 वोट मिला और वे चौथे नंबर पर आए। जबकि आप के हुपेंडी ने 15255 वोट हासिल कर तीसरा स्थान पाया।
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122 महिलाएं खाता नहीं खोल पाई
इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा करीब 122 महिला प्रत्याशी मैदान में थीेंं। जेसीसीजे से 11, बसपा से 7 आप से 5, हमरराज पार्टी से 5, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से 3, गोगपा से 3, जनता कांग्रेस से 4, आजाद जनता पार्टी से 5, नेशनल यूथ पार्टी से 4, पीपुल्स पार्टी आफ इंडिया से तीन, अन्य पार्टियों से 25 और निर्दलीय 47 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में थी। इनमें से कोई महिला प्रत्याशी अपना खाता नहीं खोल पाई। इस सबमें सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जेसीसीजे से कोटा सीट से तीन बार की विधायक रेणू जोगी 8884 वोट पा कर बुरी तरह से हार गई। वहीं बसपा से पामगढ़ विधायक इंदू बंजारे इस बार तीसरे नंबर पर रही।
10 कांग्रेस महिला विधायक
यशोदा नीलांबर वर्मा- खैरागढ़
हर्षिता स्वामी बघेल- डोंगरगढ़
अनिला भेंडिया - डौंडीलोहारा
कविता प्राण लाहरे -बिलाईगढ़
सावित्री मनोज मंडावी- भानुप्रतापपुर
शेष नारायण हरबंस - पामगढ़
चतुरीनंद - सराईपाली
विद्यावती सिदार - लैलूंगा
संगीता सिन्हा- संजारी बालोद
अंबिका मरकाम - सिहावा
8 भाजपा महिला विधायक
रेणुका सिंह - भरतपुर सोनहत
उद्धेश्वरी पैकरा- सामरी
रायमुनी भगत- जशपुर
शकुंतला सिंह पोर्ते- प्रतापपुर
लक्ष्मी राजवाड़े- भटगांव
गोमती साय- पत्थलगांव
भावना बोहरा- पंडरिया
लता उसेंडी- कोंडागांव
कांग्रेसकी 55.55 फीसदी महिला उम्मीदवार जीती
कांग्रेस ने इस बार 18 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया था इसमें से 10 प्रत्याशी चुनाव जीत पाई। बाकी 8 प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने टिकट वितरण से पहले 22 सीटों यानी 33% सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारने की घोषणा की थी। लेकिन केवल 20 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया। इनमें से दो महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने उपचुनाव में जीत हासिल की थी। उन्होंने अपनी जीत को बरकार रखा है। सावित्री मनोज मंडावी- भानुप्रतापपुर और यशोदा नीलांबर वर्मा- खैरागढ़ से अपनी सीट को बचाए रखने में कामयाब रही। वहीं एकमात्र महिला मंत्री अनिला भेंडिया ने भी अपने निकटतम प्रतिद़वंदी कांग्रेस से भाजपा में गए देवलाल ठाकुर को अच्छे अंतर से पराजित किया।
बीजेपी की 53 फीसदी महिला उम्मीदवार ने दर्ज की जीत
भाजपा ने 90 सीटों में से 15 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारा था। इसमें से आठ यानी करीब 53 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज करके आई। भाजपा ने 5 सांसदों में से एक मात्र महिला सांसद को टिकट दिया था। भरतपुर सोनहत से रेणुका सिंह के मुकाबले कांग्रेस के विधायक गुलाब कमरो थे। रेणुका पर बाहरी प्रत्याशी होने का आरोप लगा लेकिन इसके बावजूद 4919 मतों से अपने निकटतम प्रतिद़वद़वी को पराजित किया। इसी तरह पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहनमरकाम को 18 हजार 572 वोटों से पराजित कर अपनी पिछली हार का बदला ले लिया। उद्धेश्वरी पैकरा ने सामरी में कांग्रेस के प्रत्याशी विजय पैकरा को 13943 मतों से पराजित किया। रायमुनी भगत ने जशपुर अपने निकटतम प्रतिद़वंद़वी विनय भगत को 17645 मतों से पराजित किया।
महिला के मुकाबले महिला
प्रतापपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की फ्रेश कैंडीडेट शकुंतला सिंह पोर्ते के मुकाबले कांग्रेस की फ्रेश कैंडीडेट राजकुमारी मरावी थी। शकुुंतला पोर्ते ने 11708 मतों से जीत दर्ज की। विद्यावती सिदार ने लैलूंगा मेंं भाजपा की महिला प्रत्याशी सुनीति राठिया से 3217 मतों से जीत हासिल की। संजारी बालोद से भाजपा के राकेश कुमार यादव के अलावा चार और महिला उम्मीदवार भी मैदान में थी। कांग्रेस की महिला उम्मीदवार संगीता सिन्हा ने भाजपा प्रत्याशी राकेश यादव को 17046 मतों से पराजित किया। वहीं निर्दलीय महिला प्रत्याशी मीना सत्येंद्र साहू 27169 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रही। शबनम रानी गाैर (1287)और भगवती साहू (767)ने बहुत कम मत प्राप्त किए। सराईपाली में कांग्रेस की चतुरीनंद के मुकाबले भाजपा की महिला प्रत्याशी सरला कोसरिया को 41888 मतों से पराजित कर दिया।
रमन की भांजी जीती, भांजे की महिला प्रत्याशी के हाथाें पराजय
भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की भांजी भावना वोहरा ने पंडरिया से अपने निकटतम प्रतिद़वंद़वी कांग्रेस के नील चंद्रवंशी को 26398 वोटों के अंतर से पराजित किया। कांग्रेस प्रत्याशी ने इस सीट पर भीतरघात होने का आरोप लगाया था। जिसमें कवर्धा जिला अध्यक्ष ने युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सहित 10 लोंगों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया था। लेकिन रातोरात निष्कासन बहाल कर कांग्रेस ने कवर्धा जिला अध्यक्ष को राज्य नेतृत्व को जानकारी दिए बगैर कार्रवाई करने के आरोप में नोटिस थमा दिया था। इधर रमन सिंह के भांजें विक्रांत सिंह खैरागढ़ सीट से उपचुनाव में जीतने वाली महिला विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा से 5634 मतों से पराजित हो गए।
सबसे बड़ी जीत लक्ष्मी राजवाड़े और सबसे छोटी गोमती साय की
महिला प्रत्याशियों में सर्वाधिक मतों से जीतने वाली उम्मीदवार- भटगांव से भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी राजवाड़े ने कांग्रेस के प्रशांत राजवाड़े को 43962 मतों से पराजित किया। वहीं पत्थलगांव सीट से गोमती साय ने कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री रामपुकार सिंह को केवल 255 वोटों से पराजित किया । हर्षिता स्वामी बघेल(कांग्रेस) ने डोंगरगढ़ सीट से भाजपा के विनोद खांडेकर को 14367 मतों से पराजित किया। कांग्रेस की कविता प्राण लाहरे ने बिलाईगढ़ सीट से भाजपा के डॉ दिनेश लाल जांगडे को 17939 मतों से पराजित किया। कांग्रेस की अंबिका मरकाम ने: सिहावा सीट से भाजपा के श्रवण मरकाम को 13166 मतों से पराजित किया।
बेहद दिलचस्प रही सावित्री मंडावी की जीत
पति मनोज मंडावी की मौत के बाद भानूप्रतापुर उपचुनाव में जीत कर आई साबित्री मंडावी के खिलाफ भाजपा से गौतम उइके थे। वहीं आमआदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी और पिछले उपचुनाव में सर्व आदिवासी समाज के उम्मीदवार रिटायर्ड आईपीएस अकबर राम कोर्राम को मैदान में थे। हुपेडी और कोर्राम की मौजूदगी से मुकाबला चतुष्कोणिय लग रहा था। लेकिन उन्होंने इस सभी को पछाड़कर 30932 मतों से जीत हासिल की। उपचुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी अकबर राम कोर्रम को 23,417 वोट मिले थे।इस बार पार्टी गठन के बाद हमर राज पार्टी से वे प्रत्याशी थे लेकिन उनको 3217 वोट मिला और वे चौथे नंबर पर आए। जबकि आप के हुपेंडी ने 15255 वोट हासिल कर तीसरा स्थान पाया।
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122 महिलाएं खाता नहीं खोल पाई
इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा करीब 122 महिला प्रत्याशी मैदान में थीेंं। जेसीसीजे से 11, बसपा से 7 आप से 5, हमरराज पार्टी से 5, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से 3, गोगपा से 3, जनता कांग्रेस से 4, आजाद जनता पार्टी से 5, नेशनल यूथ पार्टी से 4, पीपुल्स पार्टी आफ इंडिया से तीन, अन्य पार्टियों से 25 और निर्दलीय 47 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में थी। इनमें से कोई महिला प्रत्याशी अपना खाता नहीं खोल पाई। इस सबमें सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जेसीसीजे से कोटा सीट से तीन बार की विधायक रेणू जोगी 8884 वोट पा कर बुरी तरह से हार गई। वहीं बसपा से पामगढ़ विधायक इंदू बंजारे इस बार तीसरे नंबर पर रही।
10 कांग्रेस महिला विधायक
यशोदा नीलांबर वर्मा- खैरागढ़
हर्षिता स्वामी बघेल- डोंगरगढ़
अनिला भेंडिया - डौंडीलोहारा
कविता प्राण लाहरे -बिलाईगढ़
सावित्री मनोज मंडावी- भानुप्रतापपुर
शेष नारायण हरबंस - पामगढ़
चतुरीनंद - सराईपाली
विद्यावती सिदार - लैलूंगा
संगीता सिन्हा- संजारी बालोद
अंबिका मरकाम - सिहावा
8 भाजपा महिला विधायक
रेणुका सिंह - भरतपुर सोनहत
उद्धेश्वरी पैकरा- सामरी
रायमुनी भगत- जशपुर
शकुंतला सिंह पोर्ते- प्रतापपुर
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