राजस्थान में 11 साल की प्रेग्नेंट मासूम को कोर्ट से नहीं मिली एबॉर्शन की इजाजत, जानें हैरान कर देने वाला पूरा मामला
Vikram Jain | Jan 25, 2024, 23:02 IST
राजस्थान में 11 साल की प्रेग्नेंट मासूम को कोर्ट से नहीं मिली एबॉर्शन की इजाजत, जानें हैरान कर देने वाला पूरा मामला
राजस्थान में पिता ने 11 साल की मासूम बेटी का रेप कर किया प्रेग्नेंट
JAIPUR. राजस्थान से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। राजधानी जयपुर में कलयुगी पिता ने अपनी 11 साल की बेटी को अपनी हवश का शिकार बनाया। पिता ने रेप के साथ कई महीने तक बेटी का शारिरिक शोषण किया अब बच्ची 8 महीने की गर्भवती है। जब पीड़ित की मां को इस घटना का पता चला तो वह अपनी बेटी को लेकर अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची की जान को खतरा बताया। और मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा, हैरानी की बात तो ये है कि कोर्ट ने पीड़ित को गर्भपात की अनुमति नहीं दी। अब एक माह बाद मासूम की डिलिवरी होनी है।
मां को मायके भेज पिता ने की दरिंदगी
पूरा मामला राजस्थान के जयपुर के ग्रामीण इलाके की है। जहां एक कलयुगी पिता ने पत्नी और बेटे की अनुपस्थिति में अपनी ही मासूम बेटी के साथ घिनौनी हरकत कर डाली, पिता ने बेटी से रेप किया बच्ची ने चीख पुकार भी मचाई लेकिन आरोपी पिता ने डरा धमका मुंह बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी पिता ने महिनों तक बेटी का शारिरिक शोषण किया। इस घटिया करतूत को अंजाम देने के लिए आरोपी अपनी मंदबुद्धि पत्नी को बेटे के साथ उसके मायके भेज देता, फिर अपनी बेटी के साथ गलत काम करता, इतना ही चुप रहने के लिए वह बेटी को धमकाता भी देता था।
बच्ची की तबियत बिगड़ने के बाद खुला राज
इस कलयुगी पिता ने बेटी को कई दिनों तक अपनी हवश का शिकार बनाया। करीब एक साल तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन एक दिन जब बच्ची की तबियत बिगड़ी तो आरोपी ने बेटी को उसके ननिहाल में छोड़ दिया, फिर तबियत बिगड़ने लगी हुई तो पीड़ित रोने लगी, मामा ने दुलारा तो उसने अपना दर्द बयां किया, जिसके बाद तुरंत ही घटना की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई। साथ ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन अब 11 साल की मासूम 8 माह की गर्भवती है और हाईकोर्ट ने उसे गर्भपात की अनुमति नहीं दी, क्योंकि मेडिकल बोर्ड के अनुसार इससे बच्ची की जान को खतरा है।
हाईकोर्ट ने इस वजह से दी इजाजत
हाईकोर्ट के अधिवक्ता के अनुसार, बीते 16 जनवरी को पिटीशन फाइल की और मेडिकल बोर्ड से भी चर्चा की। इससे पता चला कि 11 साल की उम्र में मां बनने और पूर्ण विकसित भ्रूण का गर्भपात करने में क्या नुकसान हो सकता है, लेकिन बच्ची की उम्र, वजन और भ्रूण की स्थिति देखते हुए हाईकोर्ट ने गर्भपात से इनकार कर दिया।
पुलिस को DNA रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल गर्भवती बच्ची को नर्स की देखरेख में बालिका गृह में रखा गया है और नवजात होने पर उसको बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जाएगा, इधर आरोपी पिता के सेंपल भेज दिए है लेकिन DNA रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है।
फांसी की सजा की मांग
इस घटना के बाद लोगों में आरोपी पिता के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों ने कहा कि ऐसे लोगों को फांसी की सजा होनी चाहिए जो अपनी बेटी के साथ ऐसा गंदा काम कर सकता है तो ऐसे लोगों को जीने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले को लेकर कोर्ट जल्दी ही बड़ा फैसला भी सुना सकता है।
मां को मायके भेज पिता ने की दरिंदगी
पूरा मामला राजस्थान के जयपुर के ग्रामीण इलाके की है। जहां एक कलयुगी पिता ने पत्नी और बेटे की अनुपस्थिति में अपनी ही मासूम बेटी के साथ घिनौनी हरकत कर डाली, पिता ने बेटी से रेप किया बच्ची ने चीख पुकार भी मचाई लेकिन आरोपी पिता ने डरा धमका मुंह बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी पिता ने महिनों तक बेटी का शारिरिक शोषण किया। इस घटिया करतूत को अंजाम देने के लिए आरोपी अपनी मंदबुद्धि पत्नी को बेटे के साथ उसके मायके भेज देता, फिर अपनी बेटी के साथ गलत काम करता, इतना ही चुप रहने के लिए वह बेटी को धमकाता भी देता था।
बच्ची की तबियत बिगड़ने के बाद खुला राज
इस कलयुगी पिता ने बेटी को कई दिनों तक अपनी हवश का शिकार बनाया। करीब एक साल तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन एक दिन जब बच्ची की तबियत बिगड़ी तो आरोपी ने बेटी को उसके ननिहाल में छोड़ दिया, फिर तबियत बिगड़ने लगी हुई तो पीड़ित रोने लगी, मामा ने दुलारा तो उसने अपना दर्द बयां किया, जिसके बाद तुरंत ही घटना की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई। साथ ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन अब 11 साल की मासूम 8 माह की गर्भवती है और हाईकोर्ट ने उसे गर्भपात की अनुमति नहीं दी, क्योंकि मेडिकल बोर्ड के अनुसार इससे बच्ची की जान को खतरा है।
हाईकोर्ट ने इस वजह से दी इजाजत
हाईकोर्ट के अधिवक्ता के अनुसार, बीते 16 जनवरी को पिटीशन फाइल की और मेडिकल बोर्ड से भी चर्चा की। इससे पता चला कि 11 साल की उम्र में मां बनने और पूर्ण विकसित भ्रूण का गर्भपात करने में क्या नुकसान हो सकता है, लेकिन बच्ची की उम्र, वजन और भ्रूण की स्थिति देखते हुए हाईकोर्ट ने गर्भपात से इनकार कर दिया।
पुलिस को DNA रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल गर्भवती बच्ची को नर्स की देखरेख में बालिका गृह में रखा गया है और नवजात होने पर उसको बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जाएगा, इधर आरोपी पिता के सेंपल भेज दिए है लेकिन DNA रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है।
फांसी की सजा की मांग
इस घटना के बाद लोगों में आरोपी पिता के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों ने कहा कि ऐसे लोगों को फांसी की सजा होनी चाहिए जो अपनी बेटी के साथ ऐसा गंदा काम कर सकता है तो ऐसे लोगों को जीने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले को लेकर कोर्ट जल्दी ही बड़ा फैसला भी सुना सकता है।
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