ED की AAP नेताओं पर रेड, केजरीवाल के PS और सांसद गुप्ता के यहां भी रेड
BP shrivastava | Feb 06, 2024, 11:29 IST
दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आप नेताओं के ठिकानों पर एक्शन किया।
दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आप नेताओं पर एक्शन किया है। ईडी ने दिल्ली में मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार और राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता के घर पर छापेमारी की है। 12 ठिकानों पर एक्शन।
NEW DELHI. दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने AAP नेताओं पर एक्शन किया है। ईडी ने दिल्ली में मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ( Chief Minister Arvind Kejriwal ) के निजी सचिव बिभव कुमार और राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता के घर पर छापेमारी की है। ईडी ने आप के करीब 12 ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है।
केजरीवाल के बिभव कुमार और शलभ कुमार के यहां भी रेड
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सदस्य शलभ कुमार के अलावा कुछ अन्य नेताओं के ठिकानों पर ईडी की रेड चल रही है।
CJI बोले- चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई लोकतंत्र की हत्या
केंद्रीय एजेंसी दिल्ली जल बोर्ड की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच कर रही है। सीबीआई और दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की एफआईआर के आधार पर ईडी के कार्रवाई कर रही है। सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मीटरों की आपूर्ति, उन्हें लगाने, टेस्टिंग और कमीशनिंग के लिए टेडंर देते समय एक कंपनी को लाभ पहुंचाया।
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन चीफ इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा ने मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये का टेंडर दिया था, जबकि कंपनी जरूरी मानदंडों पर खरी नहीं उतरती थी। हाल ही में ईडी ने PMLA के कहत 31 जनवरी को जगदीश अरोड़ा और अनिल कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।
ईडी की जांच में आरोप है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने फर्जी दस्तावेज जमा करके टेंडर हासिल किया है। मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने अनिल कुमार अग्रवाल की स्वामित्व वाली फर्म मेसर्स इंटीग्रल स्क्रूज लिमिटेड को काम का उप-ठेका दिया।
जब अनिल अग्रवाल को टेंडर की राशि मिली तो उन्होंने करीब तीन करोड़ रुपए रिश्वत की राशि जगदीश कुमार अरोड़ा को नकद और बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर कर दिए। जांच में पता चला है कि इसके लिए अरोड़ा के करीबी सहयोगियों और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था।
जगदीश कुमार अरोड़ा के करीबी को भी नकद रिश्वत मिली। ईडी ने पहले 24 जुलाई, 2023 और 17 नवंबर, 2023 को छापेमारी की गई थी, जिसके बाद दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए थे।
केजरीवाल के बिभव कुमार और शलभ कुमार के यहां भी रेड
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सदस्य शलभ कुमार के अलावा कुछ अन्य नेताओं के ठिकानों पर ईडी की रेड चल रही है।
CJI बोले- चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई लोकतंत्र की हत्या
किस मामले में ईडी कर रही छापेमारी?
केंद्रीय एजेंसी दिल्ली जल बोर्ड की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच कर रही है। सीबीआई और दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की एफआईआर के आधार पर ईडी के कार्रवाई कर रही है। सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मीटरों की आपूर्ति, उन्हें लगाने, टेस्टिंग और कमीशनिंग के लिए टेडंर देते समय एक कंपनी को लाभ पहुंचाया।
सीबीआई की एफआईआर में क्या आरोप?
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन चीफ इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा ने मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये का टेंडर दिया था, जबकि कंपनी जरूरी मानदंडों पर खरी नहीं उतरती थी। हाल ही में ईडी ने PMLA के कहत 31 जनवरी को जगदीश अरोड़ा और अनिल कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।
एनकेजी ने फर्जी तरीके से टेंडर हासिल किया
ईडी की जांच में आरोप है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने फर्जी दस्तावेज जमा करके टेंडर हासिल किया है। मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने अनिल कुमार अग्रवाल की स्वामित्व वाली फर्म मेसर्स इंटीग्रल स्क्रूज लिमिटेड को काम का उप-ठेका दिया।
जब अनिल अग्रवाल को टेंडर की राशि मिली तो उन्होंने करीब तीन करोड़ रुपए रिश्वत की राशि जगदीश कुमार अरोड़ा को नकद और बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर कर दिए। जांच में पता चला है कि इसके लिए अरोड़ा के करीबी सहयोगियों और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था।
जगदीश कुमार अरोड़ा के करीबी को भी नकद रिश्वत मिली। ईडी ने पहले 24 जुलाई, 2023 और 17 नवंबर, 2023 को छापेमारी की गई थी, जिसके बाद दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए थे।
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