25 साल में 23 बार फेल, 56 की उम्र में पास की M.Sc मैथमेटिक्स, लड़कियों पर गलत नजर ना पड़े इसलिए कमर में पहनते है मैग्नेट बेल्ट
Pratibha Rana | Nov 30, 2023, 24:00 IST
25 साल में 23 बार फेल, 56 की उम्र में पास की M.Sc मैथमेटिक्स, लड़कियों पर गलत नजर ना पड़े इसलिए कमर में पहनते है मैग्नेट बेल्ट
25 सालों में एमएससी मैथमेटिक्स की डिग्री हासिल करने को लेकर देशभर में चर्चाओं के केंद्र बने जबलपुर के राजकरण बरुआ की जिंदगी की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है
वेंकटेश कोरी, JABALPUR. 25 सालों में एमएससी मैथमेटिक्स की डिग्री हासिल करने को लेकर देशभर में चर्चाओं के केंद्र बने जबलपुर के राजकरण बरुआ की जिंदगी की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। 56 साल के राजकरण ने प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में 23 बार M.Sc. मैथमेटिक्स की फाइनल की परीक्षा दी, लेकिन आखिरकार किस्मत भी मेहरबान हुई और वैश्विक महामारी कोरोना की दस्तक के साथ उसे जनरल प्रमोशन मिल गया। जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के अंतर्गत राजकरण अलग-अलग प्राइवेट कॉलेजों से एमएससी फाइनल की परीक्षा में सम्मिलित होता रहा, लेकिन 2020 में आए वैश्विक महामारी कोरोना के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने उस साल सभी परीक्षार्थियों को जनरल प्रमोशन देकर पास कर दिया। इसी जनरल प्रमोशन ने उसके संघर्ष पर ब्रेक लगा दिया। जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के सहायक रजिस्ट्रार परीक्षा डॉ. अभयकांत मिश्रा के मुताबिक राजकरण बरुआ का प्रकरण उनके संज्ञान में है। जिस वर्ष राजकरण ने एमएससी मैथमेटिक्स की फाइनल की परीक्षा पास की उस साल विश्वविद्यालय में सभी परीक्षार्थियों को जनरल प्रमोशन का लाभ दिया था।
25 साल में एमएससी मैथमेटिक्स पास करने वाले राजकरण बरुआ की कहानी भी बड़ी ही दिलचस्प है। मां बंगलों में काम करके गुजारा करती थी तो यही काम बड़े होकर राजकरण भी करने लगा, कभी लोगों के घरों और बंगलों में काम करता है तो कभी गार्ड की नौकरी कर राजकरण ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। गणित के प्रति जुनून ऐसा की 25 साल पहले कुलपति से विशेष अनुमति लेकर राजकरण ने एमएससी की पढ़ाई शुरू की। एमएससी प्रीवियस तो पास हो गया लेकिन फाइनल की परीक्षा पास करने में उसे 23 साल का सफर तय करना पड़ा। आखिरकार कोरोना महामारी के कारण देशभर में छात्र-छात्राओं को मिले जनरल प्रमोशन का फायदा राजकरण को भी मिला और तब जाकर राजकरण को एमएससी फाइनल मैथमेटिक्स की मार्कशीट नसीब हो पाई।
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25 सालों में एमएससी करने वाले राजकरण बरुआ फाइनल की परीक्षा में 23 सालों तक लगातार नाकाम होते रहे। उसकी इस नाकामी पर हर किसी ने उसका मजाक उड़ाया और उसे पढ़ाई में कमजोर तो कामचोर तक करार दिया गया लेकिन राजकरण ने हिम्मत नहीं हारी। संघर्ष के तमाम हालातों का मुकाबला करते हुए राजकरण ने 23 बार एमएससी मैथमेटिक्स की फाइनल की परीक्षा दी।
एमएससी की पढ़ाई के लिए कई अंग्रेजी पुस्तकें पढ़नी पड़ती है। राजकरण के साथ भी ऐसा ही हुआ बड़े-बड़े अंग्रेजी के लेखकों की पुस्तकों को पढ़ने के लिए राजकरण ने डिक्शनरी का सहारा लिया और डिक्शनरी की मदद से ही वह अंग्रेजी की पुस्तकों को हिंदी में अनुवाद कर पढ़ पाया था।
राजकरण बरुआ की इस समय उम्र 56 साल है, लेकिन उसने अभी तक शादी नहीं की चार भाइयों में से एक राजकरण जीवन भर संघर्ष करता रहा। इस कारण उसने शादी नहीं कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि उसका कोई घर नहीं है। राजकरण का कहना है कि अगर उसे घर मिल जाए तो वह शादी कर लेगा और इसके लिए सेकंड हैंड लड़की भी चल जाएगी। राजकरण का कहना है कि उसकी होने वाली दुल्हन 10वीं पास भी होगी तो भी चलेगी क्योंकि वह खुद उसे पढ़ाकर एमएससी करा देगा।
राजकरण बरुआ अपने कमर में हमेशा चुंबक का ढाई किलो वजन का बेल्ट बांधे रखता है। इसके पीछे उसकी दलील है ऐसा करने से उसका न केवल बीपी कंट्रोल में रहता है बल्कि उसकी लड़कियों पर गलत नजर भी नहीं पड़ती, बचपन में उसके साथ हुए एक हादसे के बाद से ही राजकरण हमेशा ढाई किलो का चुंबक का बेल्ट बांधकर ही चलता है।
बंगलों में घरेलू नौकर तो गार्ड की नौकरी करता है राजकरण
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हर किसी ने उड़ाया मजाक
अंग्रेजी की किताबों के लिए डिक्शनरी का सहारा
56 की उम्र में शादी की चाहत, सेकंड हैंड भी चलेगी
कमर में मैग्नेट बेल्ट का रहस्य
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