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Guna. मध्यप्रदेश में राघौगढ़ और चांचौड़ा दो ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां से बीजेपी को हमेशा हार ही मिली है। इस बार के चुनाव में बीजेपी के साथ पूरा ग्वालियर राजघराना है। ऐसे में बीजेपी भी यही चाह रही है कि कांग्रेस को उसके अभेद गढ़ों में भी शिकस्त दी जाए। राघौगढ़ और चांचौड़ा की सीटों के लिए यह जिम्मेदारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को दी गई है। जिसके लिए एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में इन विधानसभाओं के बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं की बैठक ली है।
बता दें कि गुना में कहावत है कि चौपेट नदी के इस पार दिग्विजय सिंह और उस पार सिंधिया का राज है। ये दोनों इलाके कांग्रेस के परंपरागत सीटों वाले माने जाते थे। हालांकि गुना के महल और राघौगढ़ के किले यानि की सिंधिया राज परिवार और दिग्विजय सिंह की आपस में कभी नहीं पटी। ये दोनों एकदूसरे के इलाकों में कभी हस्तक्षेप भी नहीं करते थे, लेकिन सिंधिया द्वारा पाला और झंडा दोनों बदल लेने के बाद हालात उलट हैं। अब राजा-महाराजा दोनों के बीच खुलकर तलवारें खिंची हुई हैं। ज्योतिरादित्य भी दिग्विजय सिंह का गढ़ ढहाने की फिराक में हैं। इसी कवायद के चलते उन्होंने दिग्गी के राइट हैंड माने जाने वाले हीरेंद्र सिंह उर्फ बंटी बन्हा को बीजेपी ज्वाइन करा दी थी।
सूत्रों के अनुसार भाजपा के केंद्रीय संगठन ने मंत्रियों को 4-4 विधानसभाओं की जिम्मेवारी दी है। उन्हें इन विधानसभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर उनके बीच आपसी सामंजस्य बिठाने और चुनाव में मिलकर काम करने के लिए तैयार करने की जिम्मेवारी दी गयी है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया को राघोगढ़, चांचौड़ा सहित प्रदेश की दो और विधानसभा दी गयी हैं। इसी के तहत अब सिंधिया किले के प्रभाव वाले राघोगढ़ और चांचौड़ा क्षेत्र में भी अपनी पैठ बना रहे हैं।
बीजेपी कभी नहीं जीत पाई राघौगढ़
दिल्ली की बैठक में बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा जनता के बीच जाकर पार्टी और सरकार की बढ़ाई करने और लोगों को जोड़ने कहा गया है। बता दें कि राघौगढ़ बीजेपी के लिए अभी तक अभेद किला रहा है। साल 2003 में तो यहंा से वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी के उम्मीदवार थे। उस चुनाव में शिवराज सिंह चौहान को हार हाथ लगी थी, उस दौरान वे विदिशा से सांसद भी हुआ करते थे। वर्तमान में राघौगढ़ से दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह विधायक हैं जबकि चांचौड़ा से दिग्गी के भाई लक्ष्मण सिंह विधायक हैं। लक्ष्मण सिंह जब बीजेपी में चले गए थे, तब भी वे सांसद रहते हुए भी राघौगढ़ और चांचौड़ा को बीजेपी के लिए नहीं जितवा पाए थे।