राजधानी भोपाल में 3 साल से एक ही तहसील में पदस्थ 183 पटवारी और आरआई (राजस्व निरीक्षक) हटाए जाएंगे। इसकी लिस्ट तैयारी कर ली गई है। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने प्रभारी मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद यह सूची तैयार की गई है। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अभी तबादलों पर रोक है। तबादले खुलते ही 3 साल से ज्यादा समय से पदस्थ लोगों का प्रस्ताव प्रभारी मंत्री को भेजा जाएगा।
3 साल से ज्यादा समय से एक ही तहसील में
दरअसल, जो पटवारी लंबे समय से भोपाल में पदस्थ हैं, उनमें से कुछ का ट्रांसफर दूसरी तहसीलों में हो चुका है, लेकिन उनका रिकॉर्ड कुछ समय पहले ही ट्रांसफर हुआ है। ऐसे 30 से ज्यादा पटवारी हैं, जिन्हें नियमानुसार हटाया जाना चाहिए, लेकिन हाल ही में रिकॉर्ड ट्रांसफर होने से वे तकनीकी रूप से इस दायरे से बाहर हो जाएंगे। इधर, जो नई सूची बनी है, उसमें हुजूर-बैरसिया तहसील के 84-84 और कोलार तहसील के 15 पटवारी शामिल हैं। ये 3 साल से ज्यादा समय से एक ही तहसील में हैं।
कई सालों से एक ही तहसील में पदस्थ पटवारी
वहीं लिस्ट में कई पटवारी ऐसे हैं जो 23 साल से एक ही तहसील में काम कर रहे हैं। पटवारी भगवत सिंह धनगर 2001 से बैरसिया तहसील में पदस्थ हैं। वर्तमान में उनके पास झिरनिया, कांकर, करनपुरा, छापड़िया, दौलतपुरा, खुखरिया, अजबपुरा, मदनई क्षेत्र भी हैं। नरेंद्र बछोतिया 18 साल से बैरसिया में, योगेंद्र कुमार सक्सेना और धर्मेंद्र सिंह कुशवाह 14-14 साल से हुजूर तहसील में पदस्थ हैं। नासिर उद्दीन 13 साल से एक ही तहसील में पदस्थ हैं।
इसके अलावा बैरसिया तहसील में महेश कुमार बनकारिया, मनोहर सिंह राजपूत, नईम अहमद और हुजूर तहसील में सदाशिव गौड़, रेनू पटेल, नीलिमा नागर 12-12 साल से पदस्थ हैं। रमेश शर्मा, प्रदीप गौर, अर्चना भटनागर, जयेंद्र चंदेलकर, मंगलेश खंडेलवाल, मुकुल सराठे, प्रियंका सिलावट, दीक्षा शर्मा, अभिषेक शर्मा, अंकुर साहू, शिवाजी मिश्रा, आलोक इंदौरिया, प्रीति गुप्ता आदि 5 साल से कोलार तहसील में पदस्थ हैं।
वल्लभ भवन के आला अधिकारियों का संरक्षण
दरअसल, 20 सितंबर को प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप ने भोपाल में समीक्षा बैठक की थी। इसमें भोपाल सांसद आलोक शर्मा भी शामिल हुए थे। इस दौरान सांसद ने प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप को उन पटवारियों की सूची सौंपी, जो 3 साल या उससे ज्यादा समय से एक ही क्षेत्र में पदस्थ हैं। बैठक में शर्मा ने कहा कि इनकी वजह से दफ्तर की बदनामी होती है। इन्हें वल्लभ भवन के आला अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।
भोपाल में करीब 220 पटवारी
जानकारी के लिए बता दें कि राजधानी भोपाल में करीब 220 पटवारी और 35 राजस्व निरीक्षक हैं। नियमों के मुताबिक, पटवारियों का हल्का 3 साल में बदल जाना चाहिए। हालांकि, भोपाल में कई ऐसे हैं जो एक हल्के में 8 साल या उससे ज्यादा समय से पदस्थ हैं। वहीं, तहसील में 5 से 23 साल तक गुजार चुके हैं।
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