पीएससी मेंबर के 40 फीसदी पद खाली, एक पर 20 और दूसरे पर पांच महीने से नियुक्ति नहीं, इंटरव्यू और भर्ती में लग रहा लंबा समय
Pooja Kumari | Jan 16, 2024, 14:08 IST
पीएससी मेंबर के 40 फीसदी पद खाली, एक पर 20 और दूसरे पर पांच महीने से नियुक्ति नहीं, इंटरव्यू और भर्ती में लग रहा लंबा समय
मप्र लोक सेवा आयोग प्रदेश में भर्ती के लिए प्रमुख संवैधानिक भर्ती एजेंसी है। लेकिन इसकी हालत खराब है। आयोग में चेयरमैन सहित कुल पांच सदस्य होते हैं, लेकिन यहां के 40 फीसदी पद खाली है।
INDORE. मप्र लोक सेवा आयोग प्रदेश में भर्ती के लिए प्रमुख संवैधानिक भर्ती एजेंसी है। लेकिन इसकी हालत खराब है। आयोग में चेयरमैन सहित कुल पांच सदस्य होते हैं, लेकिन यहां के 40 फीसदी पद खाली है। एक पद 20 महीने से खाली पड़ा हुआ है तो वहीं दूसरा पद पांच महीने से खाली है। इन खाली पदों के चलते जो इंटरव्यू के लिए लंबीं कतार लगती जा रही है और नतीजा, भर्ती में देरी। आयोग संवैधानिक संस्था है और इसमें नियुक्ति मप्र शासन द्वारा की जाती है।
आयोग में एक चेयरमैन व चार सदस्यों के पद है। आयोग में अभी चेयरमैन पद पर डॉ. राजेश लाल मेहरा है, वह पहले यहां सदस्य भी थे, बाद में वह चेयरमैन पदस्थ हुए। दिसंबर 2021 से वह चेयरमैन पद पर हैं। वहीं दो अन्य सदस्य में एक चंद्रशेखर रायकवार है जो जुलाई 2019 से पदस्थ है और एक अन्य सदस्य डॉ. कृष्णकांत शर्मा है जो दिसंबर 2021 से सदस्य के तौर पर पदस्थ है। दो अन्य पद खाली है।
अगस्त 2023 में सदस्य देवेंद्र मरकाम रिटायर हुए और इसके पहले मई 2022 में डॉ. रमन सिकरवार रिटायर हुए थे। इन दोनों की ही जगह किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। साल 2019 में सीमा शर्मा रिटायर हुई थी, तब उनकी जगह रायकवार को नियुक्त किया गया था। इसके बाद से ही कोई नियुक्ति नहीं हुई है।
आयोग में सदस्यों की जरूरत मुख्य तौर पर इंटरव्यू के लिए होती है। इंटरव्यू के लिए जो भी बोर्ड बनते हैं, इसमें आयोग के एक सदस्य का होना अनिवार्य होता है। अभी कुल तीन सदस्य होने के चलते इंटरव्यू के लिए तीन ही बोर्ड बनते हैं, जिसके चलते आयोग के इंटरव्यू करने की कैपिसिटी 60 फीसदी रह गई है। एक बोर्ड औसतन 10-15 इंटरव्यू करता है। यानि जो पांच सदस्य होने पर एक दिन में औसतन 70 उम्मीदवारों के इंटरव्यू हर दिन हो सकते थे, वह अब 40 के करीब ही होते हैं। इसके चलते इंटरव्यू शेड्यूल लंबे खिंच गए हैं। वहीं बाकी तीन सदस्यों पर भी लगातार बोझ है और वह बिना छुट्टी के लगातार इंटरव्यू कंडक्ट कराते जा रहे हैं।
हालत यह है कि कई परीक्षाओं के रिजल्ट एक-एक साल पहले से आ गए है, लेकिन उनके इंटरव्यू अटके हुए हैं। कारण वहीं सदस्यों की कमी के चलते विंडो ही नहीं मिल रही है। जैसे एडीपीओ (सहायक जिला लोक अभियोजक-2021) पद के लिए इंटरव्यू का इंतजार एक साल से हो रहा है। यह फरवरी 2024 में इंटरव्यू शेड्यूल्ड है। इसी तरह अन्य परीक्षाओं को भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
क्या है स्थिति आयोग की
इस तरह सदस्य होते गए रिटायर
क्यों आ रही समस्या
एक-एक साल से हो रहा इंटरव्यू का इंतजार
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava